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ईरान के खिलाफ बड़े हमले की तैयारी?: डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को तैयार रहने का आदेश, अमेरिका के निशाने पर क्या?
Thu, 08 Oct 2026 09:51 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Thu, 08 Oct 2026 09:51 AM IST
सार
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान फिर शुरू करने का फैसला अभी नहीं किया है, लेकिन पेंटागन को इसकी तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित हमलों में ईरान के ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और परमाणु ठिकाने निशाने पर हो सकते हैं। अमेरिका-ईरान बातचीत में भी फिलहाल कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इसी बीच ट्रंप ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमता को लगभग खत्म करने का दावा किया है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करने का फैसला अभी नहीं लिया है, लेकिन पेंटागन को संभावित नए हमलों के लिए पूरी तैयारी करने के निर्देश जरूर दे दिए गए हैं। एक्सियोस ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड को ईरान में बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारी पूरी करने को कहा गया है। हालांकि, हमले कब शुरू होंगे, इसकी कोई तय तारीख नहीं दी गई है।
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पेंटागन को मिली तैयारी पूरी करने की हिदायत
रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने कुछ दिन पहले ही यूएस सेंटकॉम को ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर सैन्य अभियान फिर शुरू करने की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। इस आदेश में हमले की कोई तारीख तय नहीं की गई है। यानी फिलहाल अमेरिका ने कार्रवाई का विकल्प खुला रखा है, लेकिन अंतिम फैसला राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ में है। अमेरिकी और इस्राइली अधिकारियों ने एक्सियोस को बताया कि अगर दोबारा बड़े सैन्य अभियान शुरू होते हैं, तो यह अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले भी हो सकता है। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव 3 नवंबर को होने हैं, जबकि इजरायल में चुनाव इससे करीब एक सप्ताह पहले होने की उम्मीद है।
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निशाने पर होंगे ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और परमाणु ठिकाने
अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू करता है, तो इसमें ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों, बुनियादी ढांचे और परमाणु ठिकानों पर बड़े हमले शामिल हो सकते हैं। एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। पेंटागन के एक अधिकारी ने एक्सियोस से कहा, 'विभाग का काम राष्ट्रपति के सामने सैन्य विकल्प तैयार करना और पेश करना है।' वहीं, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप के पास किसी भी समय सभी विकल्प मौजूद हैं।
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'ढह रही ईरान की अर्थव्यवस्था'
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा, 'अमेरिका बहुत मजबूत स्थिति में है। होरमुज जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था ढह रही है। ईरान को तबाह कर दिया गया है और अब चीजें दो में से किसी एक दिशा में जाएंगी- आसान रास्ते से या मुश्किल रास्ते से।' राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ में सारे पत्ते हैं और वह वही करेंगे जो अमेरिका के लिए सबसे अच्छा होगा।
चुनाव से पहले ईरान पर हमले की अटकलें तेज
एक्सियोस ने द अटलांटिक की एक रिपोर्ट का भी जिक्र किया है, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को कैंप डेविड में कई घंटे बैठक की। इसमें युद्ध और विदेश नीति से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा हुई। इजरायली अधिकारियों में से एक ने बताया कि बैठक के एक हिस्से में ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की संभावित योजना पर भी चर्चा हुई। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद कहा कि इसमें लंबे समय की विदेश नीति की योजना पर चर्चा हुई।
अमेरिका-ईरान बातचीत में नहीं बनी बात
एक्सियोस के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में फिलहाल कोई खास प्रगति नहीं हुई है। कतर के मध्यस्थ अब भी ईरान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिका की ओर से दिए गए जवाबी प्रस्ताव में ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई अहम रियायतें देने की मांग की गई है। एक दूसरे इस्राइली अधिकारी ने एक्सियोस से कहा, 'ईरान में बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की चर्चा बढ़ी है। चुनाव से पहले ऐसा होने की संभावना ज्यादा नहीं है, लेकिन हम इसे पूरी तरह खारिज नहीं कर सकते। मध्यावधि चुनाव के बाद इसके होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।'
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फिर हुई बातचीत
बुधवार को ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। कुछ ही दिनों में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी बातचीत थी। इससे पहले दोनों के बीच कई हफ्तों तक लगभग कोई बातचीत नहीं हुई थी। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों नेताओं ने 7 अक्टूबर के नरसंहार के पीड़ितों की याद और सम्मान” को लेकर बात की। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब नेतन्याहू ने ईरान को लेकर अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की थी। पहले इजरायली अधिकारी के मुताबिक, नेतन्याहू ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी बातचीत की थी।
नए युद्ध में अमेरिका और इस्राइल साथ-साथ?
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू होते हैं तो अमेरिका और इजरायल मिलकर कार्रवाई कर सकते हैं। इसमें इजरायली सेना की भी सीधी भागीदारी होने की संभावना है। दो इस्राइली अधिकारियों ने दावा किया कि ईरानी शासन इस समय बेहद परेशान और आशंकित है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में तेहरान खुद पहले हमला करने का फैसला भी कर सकता है। इस्राइली अधिकारियों के मुताबिक, ईरान पहले ही दो अचानक हुए हमलों का सामना कर चुका है और वह तीसरी बार ऐसी स्थिति नहीं चाहता।
ईरान की जवाबी कार्रवाई से इस्राइल में बढ़ सकता है खतरा
अगर नया युद्ध शुरू होता है तो इसका असर इस्राइल के चुनावों पर भी पड़ सकता है। एक्सियोस के मुताबिक, ईरान जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें दाग सकता है। इससे इस्राइल में सुरक्षा स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है और चुनावी माहौल पर भी इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है।
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'ईरान की परमाणु ताकत खत्म कर दी'
इसी बीच बुधवार को वॉशिंगटन से रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी रैली के लिए सैन एंटोनियो रवाना होते समय ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु ताकत खत्म कर दी है। रिपोर्टरों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध “बहुत जल्दी” खत्म हो जाएगा और इसके बाद तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी। ट्रंप ने कहा, 'जहां तक हमें जो करना है, उसके नजरिए से देखें तो यह एक युद्ध है। हमें ईरान के परमाणु हथियारों को खत्म करना है। हमने उनकी परमाणु ताकत छीन ली है। अगर उनके पास परमाणु ताकत होती तो ऐसी समस्याएं पैदा होतीं, जैसी आपने पहले कभी नहीं देखी होंगी।' इस समय उनका पूरा देश तबाह हो चुका है। यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा और जब यह खत्म होगा तो तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी।