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यूएस: अमेरिका लौटते समय थाईलैंड में क्यों रुकेगा युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन? पश्चिम एशिया में था तैनात

Thu, 27 Aug 2026 08:00 AM IST
नितिन गौतम पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 27 Aug 2026 08:00 AM IST
सार

अमेरिका का युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन लंबे समय तक पश्चिम एशिया में तैनात रहने के बाद अब वापस अमेरिका लौट रहा है। अमेरिका पहुंचने से पहले यह कुछ दिन थाईलैंड में रुकेगा। 

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US Warship uss abraham lincoln stay in thailand for some time before reach america
यूएसएस अब्राहम लिंकन - फोटो : यूएस नेवी

विस्तार

थाई अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि अमेरिका का शक्तिशाली युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पश्चिम एशिया में अपनी मुश्किल तैनाती के बाद कुछ दिन थाईलैंड में रुकेगा। यूएसएस मिडिल ईस्ट में अपनी मुश्किल तैनाती के बाद थाईलैंड में रुकेगा। यह युद्धपोत ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में मदद कर रहा था, और इसकी तैनाती के दौरान इसने समुद्र में लगातार 250 दिनों से ज्यादा समय बिताया, जो एक रिकॉर्ड है। क्रू की बिगड़ती मानसिक सेहत और खाने-पीने व साफ-सफाई के सामान जैसी जरूरी चीजों की कमी की खबरों के बाद लिंकन की लंबी तैनाती को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
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थाईलैंड के रक्षा मंत्रालय ने जारी किया बयान
थाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरसंत कोंगसिरी ने कहा कि लिंकन अगले हफ्ते अपने अमेरिकी बेस पर लौटने से पहले आराम और रिकवरी के लिए थाईलैंड में रुकेगा। बैंकॉक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'थाईलैंड में रुकना क्रू के लिए जमीन पर उतरने और आराम करने का एक मौका है।' मंगलवार को रॉयल थाई नेवी ने कहा कि अमेरिकी नेवी के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के तीन जहाज पूर्वी थाईलैंड में रुकेंगे और इस यात्रा के दौरान कोई सैन्य अभ्यास नहीं किया जाएगा।
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लंबे समय तक तैनाती का जवानों पर पड़ा असर
कैरियर की लंबी तैनाती से लंबे समय तक घर से दूर रहने वाले जवानों पर असर पड़ता है और जहाज व उसके उपकरणों पर भी दबाव बढ़ता है। हालांकि हाल के हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई तनातनी कुछ कम हुई है, लेकिन नेवी होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों पर फिर से लगाए गए नाकेबंदी को लागू कर रही है, और ट्रंप प्रशासन ने इस बात पर कुछ नहीं कहा है कि वह इस संघर्ष को कैसे खत्म करना चाहता है।
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अमेरिकी सैन्य अधिकारी बोले- ये हमारे सीखने का दौर भी रहा
लिंकन के बारे में बात करते हुए अमेरिकी नौसेना के एडमिरल डेरिल कॉडल ने कहा कि मुद्दा पर्याप्त प्रोटीन या सब्जियों का नहीं था, बल्कि साफ-सफाई के सामान, एनर्जी ड्रिंक्स और सोडा जैसी चीजों का था जिनकी उम्मीद नाविक जहाज पर लंबी तैनाती के दौरान करते हैं। उन्होंने कहा कि पुर्जों, भोजन और आरामदायक चीजों की सप्लाई चेन अलग-अलग होती हैं और हमें उन सभी को ठीक से व्यवस्थित करना था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'हमारी आपूर्ति प्रक्रिया में कुछ सीखने का दौर भी था।' 


बैंकॉक में अमेरिकी दूतावास ने थाईलैंड में लिंकन के रुकने के बारे में टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया, और अमेरिकी नौसेना ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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