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World Updates: सीरिया की राजधानी में धमाका, मिनीवैन टैक्सी में लगा था बम; दो लोगों की मौत, 13 घायल
Fri, 07 Aug 2026 01:40 AM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:40 AM IST
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- फोटो : amar ujala graphics
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सीरिया की राजधानी दमिश्क के उपनगर जरामाना में गुरुवार को हुए एक विस्फोट में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य घायल हो गए। सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि जरामाना में यह विस्फोट एक मिनीवैन टैक्सी में लगाए गए विस्फोटक उपकरण के कारण हुआ।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, विस्फोट में दो लोगों की जान गई और कम से कम 13 लोग घायल हुए हैं। घटनास्थल पर मौजूद एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक पत्रकार ने मलबे से एक शव को बाहर निकालते देखा। विस्फोट के बाद स्थानीय निवासी और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने एपी को बताया कि जिस वाहन में विस्फोट हुआ, उसमें यात्री सवार थे। धमाका इतना तेज था कि व्यस्त कारोबारी इलाके की पूरी सड़क दहल उठी।
हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी भी संगठन ने नहीं ली है। जरामाना में ड्रूज धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। यहां इस समुदाय के कुछ लोगों और मौजूदा इस्लामवादी नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करने वाले सुन्नी मुस्लिम सीरियाइयों के बीच तनाव बना हुआ है। अप्रैल 2025 में ड्रूज बंदूकधारियों और सरकार समर्थक लड़ाकों के बीच सांप्रदायिक झड़पों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, विस्फोट में दो लोगों की जान गई और कम से कम 13 लोग घायल हुए हैं। घटनास्थल पर मौजूद एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक पत्रकार ने मलबे से एक शव को बाहर निकालते देखा। विस्फोट के बाद स्थानीय निवासी और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने एपी को बताया कि जिस वाहन में विस्फोट हुआ, उसमें यात्री सवार थे। धमाका इतना तेज था कि व्यस्त कारोबारी इलाके की पूरी सड़क दहल उठी।
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हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी भी संगठन ने नहीं ली है। जरामाना में ड्रूज धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। यहां इस समुदाय के कुछ लोगों और मौजूदा इस्लामवादी नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करने वाले सुन्नी मुस्लिम सीरियाइयों के बीच तनाव बना हुआ है। अप्रैल 2025 में ड्रूज बंदूकधारियों और सरकार समर्थक लड़ाकों के बीच सांप्रदायिक झड़पों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी।
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कांगो: इबोला जैसे लक्षणों वाले एक यात्री की मौत के बाद करीब 200 नाव यात्रियों की निगरानी
कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को किंशासा के पास खड़ी एक नाव में यात्रा कर रहे यात्रियों की निगरानी की, क्योंकि एक यात्री की इबोला वायरस से मिलते-जुलते लक्षणों के साथ मौत हो गई थी। अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया के अनुसार, कांगो मई से इबोला के प्रकोप से जूझ रहा है, जिसे संचरण के मामले में इतिहास का सबसे तेज प्रकोप घोषित किया गया है, जिसमें पुष्ट मामलों की संख्या 4,000 तक पहुंच गई है, जिनमें 1,800 से अधिक मौतें शामिल हैं।
कासेया ने गुरुवार को बताया कि यात्री किंशासा से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर मोंगला प्रांत के पिमू में बीमार पड़ने के बाद जहाज से उतर गया था, और उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी में इबोला का कोई पुष्ट मामला नहीं है। यह नाव लगभग तीन सप्ताह से कांगो नदी में लगभग 200 यात्रियों के साथ यात्रा कर रही थी। इन सभी की इबोला की जांच की गई है और परिणाम आने तक इन्हें क्वारंटाइन में रखा गया है।
कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को किंशासा के पास खड़ी एक नाव में यात्रा कर रहे यात्रियों की निगरानी की, क्योंकि एक यात्री की इबोला वायरस से मिलते-जुलते लक्षणों के साथ मौत हो गई थी। अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया के अनुसार, कांगो मई से इबोला के प्रकोप से जूझ रहा है, जिसे संचरण के मामले में इतिहास का सबसे तेज प्रकोप घोषित किया गया है, जिसमें पुष्ट मामलों की संख्या 4,000 तक पहुंच गई है, जिनमें 1,800 से अधिक मौतें शामिल हैं।
कासेया ने गुरुवार को बताया कि यात्री किंशासा से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर मोंगला प्रांत के पिमू में बीमार पड़ने के बाद जहाज से उतर गया था, और उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी में इबोला का कोई पुष्ट मामला नहीं है। यह नाव लगभग तीन सप्ताह से कांगो नदी में लगभग 200 यात्रियों के साथ यात्रा कर रही थी। इन सभी की इबोला की जांच की गई है और परिणाम आने तक इन्हें क्वारंटाइन में रखा गया है।