इन तारीखों में जन्में लोग होते हैं अहंकारी, रिश्तों में आ जाती है दरार
अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 1 वाले लोग आत्मविश्वासी और लीडरशिप गुणों से भरपूर होते हैं, लेकिन अत्यधिक ईगो उनकी सफलता और रिश्तों में बाधा बन सकता है। जानिए मूलांक 1 की खूबियां, कमजोरियां और सुधार के उपाय।
विस्तार
अंकशास्त्र की मान्यता है कि जन्मतिथि के अंक हमारी सोच, स्वभाव और फैसले लेने की शैली को गहराई से प्रभावित करते हैं। इन्हीं अंकों के योग से बनने वाला मूलांक व्यक्ति की पर्सनैलिटी और जीवन के उतार-चढ़ाव की झलक दिखाता है। कई बार यही मूलांक यह भी बताता है कि इंसान किन खूबियों के साथ पैदा हुआ है और किन कमजोरियों से उसे खुद ही लड़ना पड़ता है।
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आज बात ऐसे ही एक मूलांक की है, जिसमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टैलेंट की कोई कमी नहीं होती। इस मूलांक पर सूर्य ग्रह की विशेष कृपा मानी जाती है, जिससे व्यक्ति में तेज और आगे बढ़ने की ललक होती है। लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा ईगो और जिद इन्हीं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है और यही आदतें उनकी तरक्की की राह में रुकावट बन सकती हैं। ऐसे में इस मूलांक को समझना और उससे जुड़े संकेतों को जानना बेहद जरूरी हो जाता है।
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इस मूलांक के जातक होते हैं अहंकारी
अंकशास्त्र के अनुसार मूलांक 1 वाले लोग जन्म से ही तेज़ दिमाग और मजबूत आत्मविश्वास के साथ आते हैं। जिनका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 1 माना जाता है। इस मूलांक का स्वामी सूर्य ग्रह होता है, इसलिए इन जातकों में नेतृत्व की भावना, आत्मसम्मान और अलग पहचान बनाने की तीव्र इच्छा साफ दिखाई देती है। ये लोग भीड़ में खोने के लिए नहीं बने होते, बल्कि आगे चलकर रास्ता दिखाने वाले होते हैं।
मूलांक 1 के लोग जहां भी जाते हैं, वहां अपनी मौजूदगी का एहसास जरूर कराते हैं। काम के प्रति समर्पण, आत्मविश्वास और फैसले लेने की क्षमता इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। हालांकि, यही कॉन्फिडेंस कई बार अहंकार में बदल जाता है। अपनी बात को सही साबित करने की ज़िद में ये अक्सर दूसरों की राय को महत्व नहीं देते, चाहे सामने वाला कितना ही सही क्यों न हो। यही स्वभाव कई बार रिश्तों में दरार और करियर के सुनहरे मौकों को हाथ से फिसलने का कारण बन सकता है।
होते हैं भीतर से बेहद भावुक
बाहर से मजबूत और सख्त दिखने वाले मूलांक 1 के जातक अंदर से काफी संवेदनशील होते हैं। जब इन्हें अपनी गलती का एहसास होता है, तो ये मन ही मन खुद को दोषी मानते हैं और भावनात्मक रूप से परेशान भी होते हैं। लेकिन ईगो के कारण अपनी गलती को खुलकर स्वीकार करना इनके लिए आसान नहीं होता।
इनकी भावुकता कई बार इन्हें व्यावहारिक सोच से दूर ले जाती है, जिससे फैसले उलझ सकते हैं। अगर मूलांक 1 के लोग अपने आत्मविश्वास के साथ विनम्रता और धैर्य को जोड़ लें, तो सफलता इनके कदम चूम सकती है। नियमित रूप से सूर्य देव की उपासना करना, गुस्से पर नियंत्रण रखना और दूसरों की बात सुनना इनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। जब ये अपने ईगो पर काबू पा लेते हैं, तब इन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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