फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   CAFE III Draft Norms to Accelerate EV Shift in India While Balancing Auto Industry Concerns: Nomura

CAFE 3 Norms: कैफे-3 नियमों से भारत में बढ़ेगी EV की रफ्तार, ऑटो कंपनियों को भी मिलेगी राहत, नोमुरा की रिपोर्ट

Fri, 17 Jul 2026 05:44 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Fri, 17 Jul 2026 05:44 PM IST
सार

CAFE III 2027 के नए ड्राफ्ट नियमों को लेकर आई नोमुरा की रिपोर्ट का कहना है कि सरकार ने एक ऐसा संतुलित ढांचा तैयार करने की कोशिश की है, जिसमें एक ओर इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने का स्पष्ट संकेत मिलता है। वहीं दूसरी ओर वाहन निर्माताओं की व्यावहारिक चुनौतियों का भी ध्यान रखा गया है।

विज्ञापन
CAFE III Draft Norms to Accelerate EV Shift in India While Balancing Auto Industry Concerns: Nomura
CAFE 3 Policy - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

विदेशी ब्रोकरेज फर्म 'नोमुरा' (Nomura) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार द्वारा जारी किया गया CAFE III (कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी) 2027 का नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन देश के ऑटोमोबाइल बाजार की तस्वीर बदल सकता है। नोमुरा का मानना है कि यह नया नियम कार निर्माताओं के हितों का ध्यान रखने के साथ-साथ यात्री वाहन बाजार (पैसेंजर व्हीकल मार्केट) को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की तरफ मोड़ने का एक साफ नीतिगत संकेत है।

विज्ञापन

 

क्या हैं CAFE नियम और सरकार का नया प्रस्ताव क्या है?

'कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी' (CAFE) सरकार के वे नियम हैं, जिसके तहत किसी भी कार निर्माता कंपनी को एक साल में बेची जाने वाली अपनी सभी गाड़ियों (फ्लीट) के औसत ईंधन खर्च या कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन को एक तय सीमा के भीतर रखना होता है।

विज्ञापन

ऊर्जा मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी इस नए ड्राफ्ट को लेकर प्रमुख बातें ये हैं:

  • M1 श्रेणी पर शिकंजा: ये नए नियम (CAFE-III 2027) साल 2027-28 से लेकर 2031-32 के दौरान भारत में बिक्री के लिए बनने वाली या विदेशों से आयात की जाने वाली 'M1 श्रेणी' के पैसेंजर वाहनों पर लागू करने का प्रस्ताव है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन
  • 3-3 साल का ब्लॉक: कंपनियों को हर साल के बजाय 3-3 साल के ब्लॉक में नियमों का पालन साबित करना होगा। पहला मूल्यांकन वित्त वर्ष 2028-30 (FY28-30) और दूसरा वित्त वर्ष 2030-32 (FY30-32) के दौरान होगा। इससे कंपनियों को नए ईवी मॉडल बाजार में उतारने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा।

नोमुरा ने भारतीय ईवी बाजार और गाड़ियों की बिक्री को लेकर क्या भविष्यवाणी की है?

नोमुरा के अनुसार, भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार अब एक बड़े बदलाव के करीब पहुंच रही है, जिसे मजबूत मांग, कई नए मॉडलों की उपलब्धता, सरकारी नीतियों और हाल ही में बढ़ी ईंधन की कीमतों से सहारा मिल रहा है।

नोमुरा ने बाजार हिस्सेदारी को लेकर ये आंकड़े जारी किए हैं:

  • वित्त वर्ष 2028 (FY28) तक हिस्सेदारी: पैसेंजर व्हीकल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 8.8 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

  • वित्त वर्ष 2030 (FY30) तक हिस्सेदारी: यह ग्राफ और तेजी से ऊपर जाते हुए 12.7 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

सितंबर 2025 के मुकाबले जुलाई 2026 के नए ड्राफ्ट में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

सरकार ने पिछले साल (सितंबर 2025) के ड्राफ्ट के मुकाबले इस नए ड्राफ्ट (जुलाई 2026) में कुछ अहम बदलाव किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड का सुपर-क्रेडिट घटा: स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियों को मिलने वाले सुपर-क्रेडिट को पहले के 2.0 गुना से घटाकर 1.6 गुना (1.6x) कर दिया गया है।

    व्याख्या: इसका मतलब है कि अब हाइब्रिड गाड़ियों को कार्बन गणना में पहले जितना अतिरिक्त फायदा नहीं मिलेगा।

  • छोटी कारों की छूट खत्म: छोटी कारों को मिलने वाली 3 ग्राम CO₂ प्रति किलोमीटर की स्पष्ट रियायत को नए ड्राफ्ट से पूरी तरह हटा दिया गया है।

  • 12 नई तकनीकें और 9g तक की राहत: सरकार ने 12 नई 'डेरोगेशन टेक्नोलॉजी' (ईंधन बचाने वाली स्वीकृत तकनीकें) पेश की हैं। प्रत्येक तकनीक के इस्तेमाल पर 1 ग्राम CO₂ प्रति किलोमीटर का लाभ मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 9 ग्राम CO₂ प्रति किलोमीटर (0.3795 लीटर/100 किमी) तय की गई है।

    व्याख्या: इन तकनीकों की मदद से कार निर्माता कंपनियां अपने कुल पोर्टफोलियो में अनिवार्य ईवी (EV) मिक्स की जरूरत को 2 से 4 प्रतिशत तक कम कर सकती हैं।

नियमों का पालन न करने पर कंपनियों को कितना जुर्माना देना होगा?

जो कंपनियां सरकार द्वारा तय कार्बन उत्सर्जन के मानकों को पूरा नहीं कर पाएंगी, उन्हें अपनी कमी को छुपाने या पूरा करने के लिए ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) से कंप्लायंस क्रेडिट खरीदना होगा:

  • वित्त वर्ष 2028 (FY28) में कीमत: शुरुआती दौर में इस क्रेडिट की कीमत 2,500 रुपये प्रति ग्राम CO₂/किमी होगी।

  • वित्त वर्ष 2032 (FY32) में कीमत: समय के साथ जुर्माना कड़ा होता जाएगा और वित्त वर्ष 2032 तक यह कीमत बढ़कर 4,500 रुपये प्रति ग्राम CO₂/किमी हो जाएगी।

दिल्ली की नई ईवी नीति इस रफ्तार को कैसे बढ़ाएगी?

नोमुरा ने हाल ही में घोषित दिल्ली की नई ईवी नीति का भी हवाला दिया है, जो इस प्रकार इस बदलाव को तेज करेगी:

  • रोड टैक्स से पूरी छूट: मार्च 2030 तक 30 लाख रुपये से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स माफ रहेगा।

  • पेट्रोल टू-व्हीलर्स पर बैन: अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।

  • सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स: जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के पंजीकरण की ही अनुमति होगी।

नोमुरा का मानना है: अगर देश के अन्य राज्य भी दिल्ली जैसी कड़ी नीतियां अपनाते हैं, तो पूरे ऑटोमोबाइल सेक्टर का इलेक्ट्रिफिकेशन बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा।

क्या इन नए नियमों से सभी ऑटो कंपनियों को एक जैसा फायदा होगा?

नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि CAFE 2027 का यह नया ढांचा बाजार में कंपनियों के लिए एक असमान खेल का मैदान तैयार कर सकता है:

  • बड़ी कंपनियों को अधिक लचीलापन:
    चूंकि अनुपालन की जांच सालाना न होकर 3-3 साल के ब्लॉक में होगी, इसलिए जिन बड़ी कंपनियों के ईवी लॉन्च अंतिम वर्षों में होने हैं, उन्हें मानकों को पूरा करने में अधिक लचीलापन मिलेगा।

  • छोटे निर्माताओं के लिए बड़ा खतरा:
    इसके विपरीत, यह नीति उन छोटे स्तर के कार निर्माताओं के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर देगी, जिनके पास घरेलू स्तर पर मजबूत ईवी लॉन्च करने का कोई ठोस रोडमैप या पाइपलाइन नहीं है। ऐसे खिलाड़ियों के लिए नियमों के उल्लंघन और भारी जुर्माने का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed