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China: चीन ने ऑटो कीमत जंग पर लगाई लगाम, लागत से कम कीमत पर कार बिक्री पर रोक, टाटा मोटर्स पर कैसे पड़ेगा असर?
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 13 Feb 2026 05:18 PM IST
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सार
चीन के मार्केट रेगुलेटर ने ऑटोमेकर्स को एडमिनिस्ट्रेटिव, फाइनेंशियल और सेल्स ओवरहेड्स समेत टोटल प्रोडक्शन कॉस्ट से कम कीमत पर गाड़ियां बेचने पर बैन लगा दिया है। जानें इससे टाटा मोटर्स को कैसे फायदा मिलेगा।
Leapmotor C10
- फोटो : Stellantis
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विस्तार
चीन के मार्केट रेगुलेटर ने ऑटो कंपनियों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए कुल उत्पादन लागत से कम कीमत पर कार बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस लागत में उत्पादन के साथ-साथ प्रशासनिक, वित्तीय और बिक्री से जुड़े खर्च भी शामिल होंगे।
इसके अलावा, प्राइस-फिक्सिंग पर रोक लगाई गई है और कंपनियां अब डीलर्स को रीबेट के जरिये घाटे में बिक्री के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगी।
Tata Motors और JLR को इससे राहत क्यों मिल सकती है?
इस फैसले से Tata Motors (टाटा मोटर्स) को अपनी लग्जरी यूनिट Jaguar Land Rover (JLR) (जगुआर लैंड रोवर) (जेएलआर) के मोर्चे पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बीते कुछ तिमाहियों में चीन की तेज कीमत जंग ने जेएलआर के प्रदर्शन पर दबाव डाला था।
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इसके अलावा, प्राइस-फिक्सिंग पर रोक लगाई गई है और कंपनियां अब डीलर्स को रीबेट के जरिये घाटे में बिक्री के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगी।
Tata Motors और JLR को इससे राहत क्यों मिल सकती है?
इस फैसले से Tata Motors (टाटा मोटर्स) को अपनी लग्जरी यूनिट Jaguar Land Rover (JLR) (जगुआर लैंड रोवर) (जेएलआर) के मोर्चे पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बीते कुछ तिमाहियों में चीन की तेज कीमत जंग ने जेएलआर के प्रदर्शन पर दबाव डाला था।
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चीन में कीमत जंग ने लग्जरी कार कंपनियों को कैसे प्रभावित किया?
चीन में घरेलू कार निर्माता जैसे BYD (बीवाईडी), Geely (गीली) और Tesla (टेस्ला) ने कम कीमत और तकनीक के दम पर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई। इसके चलते वैश्विक लग्जरी ब्रांड्स को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कीमतें घटानी पड़ीं।
रिटेलर्स की वित्तीय हालत ने मांग को कैसे प्रभावित किया?
टाटा मोटर्स पहले ही कह चुकी है कि चीन में डीलर्स की वित्तीय तंगी मांग को प्रभावित कर रही है। कंपनी के अनुसार, यह दबाव पूरे उद्योग पर असर डाल रहा है, न कि सिर्फ जेएलआर पर।
चीन में घरेलू कार निर्माता जैसे BYD (बीवाईडी), Geely (गीली) और Tesla (टेस्ला) ने कम कीमत और तकनीक के दम पर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई। इसके चलते वैश्विक लग्जरी ब्रांड्स को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कीमतें घटानी पड़ीं।
रिटेलर्स की वित्तीय हालत ने मांग को कैसे प्रभावित किया?
टाटा मोटर्स पहले ही कह चुकी है कि चीन में डीलर्स की वित्तीय तंगी मांग को प्रभावित कर रही है। कंपनी के अनुसार, यह दबाव पूरे उद्योग पर असर डाल रहा है, न कि सिर्फ जेएलआर पर।
TATA JLR
- फोटो : TATA JLR
दबाव सिर्फ JLR तक सीमित क्यों नहीं है?
चीन में हालात सिर्फ जेएलआर के लिए चुनौतीपूर्ण नहीं रहे। जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता Mercedes-Benz (मर्सिडीज-बेंज) ने कोविड के बाद सबसे कम वार्षिक मुनाफा दर्ज किया। 2025 में उसका नेट प्रॉफिट 5.3 अरब यूरो रहा, जो 2024 से करीब 49 प्रतिशत कम है। चीन में उसकी बिक्री 19 प्रतिशत गिरकर 2016 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई।
JLR ने किन आर्थिक चुनौतियों का सामना किया?
जेएलआर को कमजोर उपभोक्ता खर्च और कड़े क्रेडिट हालात से भी जूझना पड़ा। कंपनी ने पहले कहा था कि चीन में मैक्रो स्तर पर मुनाफा घटा है, रिटेलर दिवालिया हो रहे हैं और बैंक क्रेडिट सिकुड़ रहा है।
चीन में हालात सिर्फ जेएलआर के लिए चुनौतीपूर्ण नहीं रहे। जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता Mercedes-Benz (मर्सिडीज-बेंज) ने कोविड के बाद सबसे कम वार्षिक मुनाफा दर्ज किया। 2025 में उसका नेट प्रॉफिट 5.3 अरब यूरो रहा, जो 2024 से करीब 49 प्रतिशत कम है। चीन में उसकी बिक्री 19 प्रतिशत गिरकर 2016 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई।
JLR ने किन आर्थिक चुनौतियों का सामना किया?
जेएलआर को कमजोर उपभोक्ता खर्च और कड़े क्रेडिट हालात से भी जूझना पड़ा। कंपनी ने पहले कहा था कि चीन में मैक्रो स्तर पर मुनाफा घटा है, रिटेलर दिवालिया हो रहे हैं और बैंक क्रेडिट सिकुड़ रहा है।
मुश्किलों के बीच Tata Motors भविष्य पर कैसे दांव लगा रही है?
इन चुनौतियों के बावजूद टाटा मोटर्स ने जेएलआर के भविष्य के प्रोडक्ट्स में निवेश जारी रखा है। जगुआर की आने वाली ऑल-इलेक्ट्रिक लग्जरी फोर-डोर GT के प्रोटोटाइप आर्कटिक सर्कल में विंटर टेस्टिंग से गुजर रहे हैं। यह जगुआर के अब तक के सबसे कठोर ग्लोबल वैलिडेशन प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसमें 150 प्रोटोटाइप रेगिस्तान, जमी हुई झीलों और वर्चुअल माहौल में टेस्ट किए जा रहे हैं।
क्या JLR की प्रतिस्पर्धी स्थिति में सुधार हुआ है?
कंपनी का कहना है कि प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर जेएलआर की स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि, लग्जरी कार टैक्स थ्रेशहोल्ड बढ़ने से प्रीमियम सेगमेंट सिकुड़ रहा है।
Q3 में जेएलआर का EBIT (ईबीआईटी) मार्जिन -6.8% रहा, जो Q2 से बेहतर था। लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण वैरिएबल मार्केटिंग खर्च (VME) बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गया।
इन चुनौतियों के बावजूद टाटा मोटर्स ने जेएलआर के भविष्य के प्रोडक्ट्स में निवेश जारी रखा है। जगुआर की आने वाली ऑल-इलेक्ट्रिक लग्जरी फोर-डोर GT के प्रोटोटाइप आर्कटिक सर्कल में विंटर टेस्टिंग से गुजर रहे हैं। यह जगुआर के अब तक के सबसे कठोर ग्लोबल वैलिडेशन प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसमें 150 प्रोटोटाइप रेगिस्तान, जमी हुई झीलों और वर्चुअल माहौल में टेस्ट किए जा रहे हैं।
क्या JLR की प्रतिस्पर्धी स्थिति में सुधार हुआ है?
कंपनी का कहना है कि प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर जेएलआर की स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि, लग्जरी कार टैक्स थ्रेशहोल्ड बढ़ने से प्रीमियम सेगमेंट सिकुड़ रहा है।
Q3 में जेएलआर का EBIT (ईबीआईटी) मार्जिन -6.8% रहा, जो Q2 से बेहतर था। लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण वैरिएबल मार्केटिंग खर्च (VME) बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गया।
Jaguar I-Pace
- फोटो : Jaguar
Tata Motors के ऑपरेशनल आंकड़े क्या कहते हैं?
जनवरी 2026 में टाटा मोटर्स के पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल वॉल्यूम साल-दर-साल 40 प्रतिशत बढ़कर 1,12,615 यूनिट्स रहे।
जनवरी 2026 में टाटा मोटर्स के पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल वॉल्यूम साल-दर-साल 40 प्रतिशत बढ़कर 1,12,615 यूनिट्स रहे।
- पैसेंजर व्हीकल: 47.1 प्रतिशत बढ़कर 71,066 यूनिट्स
- कमर्शियल व्हीकल: 29.9 प्रतिशत बढ़कर 41,549 यूनिट्स
चीन की कमजोरी की भरपाई कैसे होगी?
कंपनी को उम्मीद है कि अमेरिका जैसे अन्य बाजारों से चीन की कमजोरी की भरपाई होगी। जहां डिलीवरी में लगभग 44 प्रतिशत ग्रोथ दर्ज की गई है। प्रबंधन को भरोसा है कि जैसे-जैसे रिटेल फाइनेंशियल हालात सुधरेंगे, चीन आने वाली तिमाहियों में फिर ग्रोथ ट्रैक पर लौटेगा।
कंपनी को उम्मीद है कि अमेरिका जैसे अन्य बाजारों से चीन की कमजोरी की भरपाई होगी। जहां डिलीवरी में लगभग 44 प्रतिशत ग्रोथ दर्ज की गई है। प्रबंधन को भरोसा है कि जैसे-जैसे रिटेल फाइनेंशियल हालात सुधरेंगे, चीन आने वाली तिमाहियों में फिर ग्रोथ ट्रैक पर लौटेगा।