सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi ‘No PUC, No Fuel’ New Rule Explained What Vehicle Owners Must Know

No PUC, No Fuel: दिल्ली में 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम हुआ स्थायी, जानें आप पर इसका क्या असर पड़ेगा

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Mon, 27 Apr 2026 07:28 PM IST
विज्ञापन
सार

दिल्ली ने अपने 'No PUC, No Fuel' नियम को स्थायी बना दिया है। जिससे उत्सर्जन मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों पर जांच और कड़ी हो गई है। क्या आप जानते हैं इसका आप पर क्या असर पड़ेगा?

Delhi ‘No PUC, No Fuel’ New Rule Explained What Vehicle Owners Must Know
PUC सेंटर - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार

दिल्ली में 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम को अब स्थायी रूप से लागू कर दिया गया है। 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' का मतलब है कि यदि आपके पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं है, तो आपको वाहन के लिए ईंधन नहीं मिलेगा।

Trending Videos

यह फैसला शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है। जहां वाहन उत्सर्जन एक बड़ी वजह माना जाता है, खासकर सर्दियों के दौरान।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस नियम का मतलब क्या है?

अब अगर आपके वाहन के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) सर्टिफिकेट नहीं है, तो आपको पेट्रोल या डीजल नहीं मिल सकेगा।

शहर के पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ईंधन देने से पहले पीयूसी स्टेटस की जांच करें।

अगर पीयूसी सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है या मौजूद नहीं है, तो ईंधन देने से मना किया जा सकता है।

क्या यह सिस्टम टेक्नोलॉजी पर आधारित है?

यह पूरी व्यवस्था तकनीक पर आधारित है।

पेट्रोल पंप सेंट्रल डेटाबेस से जुड़े हुए हैं, जहां वाहन का पीयूसी स्टेटस रियल-टाइम में चेक किया जा सकता है।

इससे मैन्युअल जांच की जरूरत कम हो जाती है। और नियम का पालन हर जगह समान रूप से सुनिश्चित होता है।

किन वाहनों पर यह नियम लागू होगा?

यह नियम सभी इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाहनों पर लागू होता है।

इसमें निजी कारें, दोपहिया वाहन और कमर्शियल वाहन सभी शामिल हैं।

खासकर पुराने वाहन, जिनमें उत्सर्जन ज्यादा होता है, इस नियम से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

वाहन मालिक क्या करें?

इस नियम से बचने के लिए वाहन मालिकों को कुछ आसान कदम उठाने चाहिए।

पीयूसी सर्टिफिकेट की वैधता नियमित रूप से जांचें और समय पर रिन्यू कराएं।

साथ ही, इसका डिजिटल या फिजिकल कॉपी अपने पास रखना भी उपयोगी हो सकता है।

क्या यह नियम पालन करना मुश्किल है?

पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाना आसान और कम खर्च वाला होता है।

इसलिए नियम का पालन करना ज्यादा मुश्किल नहीं है।

थोड़ी सी सावधानी से आप किसी भी असुविधा से बच सकते हैं। और पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed