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Nitin Gadkari: बस सुरक्षा पर सख्ती, अब वीडियो जांच के बाद ही सड़कों पर उतरेंगी नई स्लीपर बसें

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Tue, 28 Apr 2026 08:54 PM IST
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सार

नितिन गडकरी ने कहा है कि अब नई स्लीपर कोच बसों का रजिस्ट्रेशन सख्त सुरक्षा जांच के बिना नहीं होगा। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, खासकर बढ़ती आग की घटनाओं के बाद।

Nitin Gadkari Announces Strict Safety Norms for Sleeper Buses: No Registration Without Fire System Check
नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। संशोधित 'बस बॉडी कोड' के तहत, अब नई स्लीपर कोच बसों का पंजीकरण तब तक नहीं किया जाएगा जब तक उनके फायर डिटेक्शन सिस्टम और इमरजेंसी गेट की फिजिकल और वीडियो जांच नहीं हो जाती। 

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रजिस्ट्रेशन के लिए क्या हैं नई शर्तें?

नितिन गडकरी ने 'बसवर्ल्ड इंडिया कॉन्क्लेव 2026' में कहा कि अब हर एक स्लीपर बस की व्यक्तिगत रूप से जांच की जाएगी। और इसकी रिपोर्ट वाहन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

  • वीडियो जांच: फायर डिटेक्शन सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट का वीडियो प्रमाण अनिवार्य होगा।

  • अनिवार्य उपकरण: बस में सुरक्षा हथौड़े और इमरजेंसी लाइटिंग का होना अनिवार्य है।

  • बिना जांच नो एंट्री: इन मानकों को पूरा किए बिना किसी भी नई स्लीपर बस को रजिस्टर नहीं किया जाएगा।

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बसों के निर्माण के लिए कौन अधिकृत होगा?

आगजनी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि स्लीपर कोच बसों का निर्माण केवल उन्हीं ऑटोमोबाइल कंपनियों या केंद्रों द्वारा किया जाएगा जिन्हें केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त है। मंत्रालय ने 1 सितंबर, 2025 से संशोधित बस बॉडी कोड (AIS-052) को पहले ही लागू कर दिया है।

पुराने बस बॉडी बिल्डर्स के लिए क्या है सलाह?

मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे पुराने बस बॉडी बिल्डर्स के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सुझाव दिया:

  1. अपनी फैक्ट्रियों का आधुनिकीकरण करें।

  2. नई तकनीकों को स्वीकार करें और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बसें तैयार करें।

  3. यात्रियों की जान बचाने के लिए ज्वलनशील आंतरिक सज्जा (ज्वलनशील इंटीरियर) से बचें।

क्या यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाएगा?

नए नियमों के लागू होने से स्लीपर बसों की सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है।

सख्त जांच और मानकों के कारण दुर्घटनाओं और आग जैसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकेगा।

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