Nitin Gadkari: नितिन गडकरी का बड़ा बयान- पेट्रोल-डीजल वाहनों का नहीं है भविष्य, क्लीन एनर्जी पर जोर
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को यह साफ कर दिया कि पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन हमेशा नहीं रहेंगे। उन्होंने ऑटो इंडस्ट्री से अपील की कि वह तेजी से स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधनों की ओर कदम बढ़ाए।
विस्तार
बसवर्ल्ड कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए, गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ईंधन के आयात पर बहुत अधिक निर्भर है, जो आर्थिक रूप से महंगा और पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "एक बात बिल्कुल साफ है, डीजल और पेट्रोल इंजन का कोई भविष्य नहीं है।"
उन्होंने निर्माताओं से बायोफ्यूल जैसे विकल्पों को अपनाने को कहा, क्योंकि पारंपरिक ईंधन प्रदूषण और आयात पर निर्भरता की "गंभीर समस्या" पैदा कर रहे हैं।
📍𝑵𝒆𝒘 𝑫𝒆𝒍𝒉𝒊 | Delivering keynote address at the Busworld India Conclave 2026
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) April 28, 2026
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गडकरी ने भविष्य की तकनीक पर चर्चा करते हुए हाइड्रोजन को एक बड़े अवसर के रूप में पेश किया।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अनुसंधान बेहद महत्वपूर्ण है और देश में हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रकों और बसों का परीक्षण पहले ही शुरू हो चुका है।
उनके अनुसार, परिवहन का भविष्य ऐसा होना चाहिए जो सस्ता हो, स्वच्छ हो और पूरी तरह से भारत में निर्मित ईंधन पर आधारित हो।
जैसे-जैसे शहरों का विस्तार हो रहा है और राजमार्गों का जाल बिछ रहा है, गडकरी ने सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर बसों की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यात्री अब बेहतर सुविधा और सुरक्षा की उम्मीद करते हैं।
निर्माताओं को वैश्विक मानकों को पूरा करना होगा, विशेष रूप से सुरक्षा के मामले में, जिससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
क्या यह ऑटो इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत है?
यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि आने वाले समय में ऑटो सेक्टर को स्वच्छ ईंधन और नई तकनीकों पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
इससे न केवल पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।
