Budget 2026-27: बजट 2026 में ऑटो और ईवी सेक्टर को मजबूती, उद्योग जगत ने किया स्वागत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में आम बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट के तहत, सरकार ने कैपिटल खर्च, मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर अपना जोर जारी रखा है। उद्योग जगत ने बजट का खुले दिल से स्वागत किया है।
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में सरकार ने पूंजीगत व्यय यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स), मैन्युफैक्चरिंग प्रतिस्पर्धा और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर जोर जारी रखा है। साथ ही सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मिनरल्स और क्लीन मोबिलिटी जैसे रणनीतिक सेक्टरों को मजबूत करने का स्पष्ट संकेत दिया गया है।
SIAM की प्रतिक्रिया: ऑटो सेक्टर को मिलेगा मांग और निवेश का सहारा
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफेक्चर्रस (SIAM) (सियाम) के अध्यक्ष और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह दीर्घकालिक आर्थिक विकास, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है।
उन्होंने FY27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर लक्ष्य को ₹12.2 लाख करोड़ करने को ऑटो सेक्टर सहित औद्योगिक गतिविधियों के लिए बड़ा प्रोत्साहन बताया।
EV और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती
SIAM के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के निर्माण को समर्थन, रेयर अर्थ्स के खनन व प्रोसेसिंग के लिए समर्पित कॉरिडोर और हाई-टेक टूल रूम की पहल से सप्लाई चेन मजबूत होगी।
लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट जारी रखने और लिथियम-आयन सेल व उनके पार्ट्स पर रियायती ड्यूटी को मार्च 2028 तक बढ़ाने से देश में मजबूत ईवी इकोसिस्टम बनेगा।
इसके अलावा, पूर्वोदय राज्यों के लिए 4,000 ई-बसों का आवंटन सस्टेनेबल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को गति देगा।
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ACMA: मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को मिलेगा सहारा
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफेक्चर्रस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) (एसीएमए) ने बजट को व्यावहारिक और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह भारत की मैन्युफैक्चरिंग प्राथमिकताओं और टेक्नोलॉजी ट्रांजिशन को मजबूत करता है।
ACMA अध्यक्ष विक्रमपति सिंघानिया ने कहा कि MSME (एमएसएमई), क्लीन मोबिलिटी और निर्यात प्रोत्साहन (एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन) पर फोकस से ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री वैश्विक चुनौतियों के बीच भी प्रतिस्पर्धी बनी रहेगी।
टायर इंडस्ट्री: सड़क और लॉजिस्टिक्स से बढ़ेगी मांग
CEAT के एमडी और सीईओ अर्नब बनर्जी के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्रेट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर जोर से सड़कों और वर्कसाइट्स पर वाहनों का उपयोग बढ़ेगा। इससे कमर्शियल और पैसेंजर दोनों सेगमेंट में टायरों की मांग मजबूत होगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से भी दीर्घकालिक मांग को सहारा मिलेगा।
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EV स्टार्टअप्स और स्मार्ट मोबिलिटी पर फोकस
ओमेगा सेकी मोबिलिटी के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. उदय नारंग ने कहा कि बजट 2026-27 भारत को स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।
AI, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, बैटरी सप्लाई चेन, ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड और ऊंचा कैपेक्स ईवी इकोसिस्टम को मजबूती देंगे।
Mahindra Group: प्रतिस्पर्धा और समावेशी विकास पर जोर
महिंद्रा के ग्रुप सीईओ और एमडी डॉ. अनीश शाह ने बजट में प्रतिस्पर्धात्मकता, रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग और समावेशी विकास पर जोर का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कैपेक्स और SME सपोर्ट से रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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Skoda Auto Volkswagen: नीति स्थिरता से निवेश को भरोसा
स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के सीईओ और एमडी पीयूष अरोड़ा ने नीति स्थिरता और व्यापार प्रोत्साहन (ट्रेड फैसिलिटेशन) को दीर्घकालिक निवेश के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में स्पष्ट रोडमैप देता है। और SME व इंडस्ट्रियल क्लस्टर पर फोकस लोकलाइजेशन और स्किलिंग को मजबूती देगा।
यूनियन बजट 2026-27 ने ऑटोमोबाइल, ईवी, टायर और कंपोनेंट्स सेक्टर के लिए स्थिर नीतिगत समर्थन और लंबी अवधि की ग्रोथ विजन को दोहराया है। कैपेक्स, क्लीन मोबिलिटी, MSME और सप्लाई चेन पर फोकस से इंडस्ट्री को निवेश, मांग और निर्यात, तीनों मोर्चों पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
