Union Budget 2026: ऑटो सेक्टर के लिए कैसा रहा बजट? सस्ती ईवी बैटरी से बायोगैस तक, एक क्लिक में जानें सब कुछ
Budget 2026 Auto Sector: आज यानी एक फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया गया। इस लेख में जानिए कि यह बजट ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए कितना राहतभरा रहा, जिसमें ग्रीन फ्यूल, इलेक्ट्रिक वाहनों और मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सरकार ने कौन-कौन से बड़े कदम उठाए?
विस्तार
यूनियन बजट 2026 में सरकार ने ऑटोमोबाइल सेक्टर को हरित, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने की रणनीति पेश की है। इस बजट में सीएनजी में सीबीजी ब्लेंडिंग, ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने, बैटरी सस्ती करने, महत्वपूर्ण खनिजों पर टैक्स छूट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ई-बसों जैसे कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इन कदमों का असर ऑटो कंपनियों से लेकर आम वाहन खरीदार तक साफ दिखाई दे सकता है।
ये इतना बड़ा फैसला क्यों?
बजट 2026 में सरकार ने परिवहन के लिए सीएनजी और घरेलू उपयोग की पीएनजी में कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) की चरणबद्ध अनिवार्य ब्लेंडिंग की घोषणा की है। इसका मकसद प्राकृतिक गैस में बायोगैस की हिस्सेदारी बढ़ाना है। इससे जहां एक ओर ग्रीन फ्यूल को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आयातित गैस पर निर्भरता घटेगी। ऑटो सेक्टर के लिए यह संकेत है कि सीएनजी वाहन आने वाले वर्षों में भी प्रासंगिक बने रहेंगे, लेकिन ज्यादा स्वच्छ रूप में।
बायोगैस मिश्रित सीएनजी होगी सस्ती
सरकार ने ये भी साफ किया है कि केंद्रीय सीमा शुल्क की गणना में बायोगैस के मूल्य पर छूट दी जाएगी। इससे बायोगैस मिश्रित सीएनजी की कुल लागत कम होगी। इसका सीधा फायदा सीएनजी कार मालिकों, टैक्सी और कमर्शियल व्हीकल ऑपरेटर्स और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगा। इससे सीएनजी को ईवी से पहले एक मजबूत ट्रांजिशन फ्यूल के रूप में देखा जा रहा है।
ईवी इकोसिस्टम को कैसे मिलेगा बूस्ट?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए कहा कि सरकार ईवी इकोसिस्टम को विस्तार और मजबूती देगी। इसके तहत ईवी मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए ई-बसों को बढ़ावा शामिल है। यह कदम ईवी अपनाने में सबसे बड़ी बाधा, जो रेंज और चार्जिंग चिंता को दूर करने में मदद कर सकता है।
पूर्वोदय राज्यों में 4000 ई-बसें अहम क्यों ?
बजट 2026 में पूर्वोदय सराज्यों और उत्तर-पूर्वी भारत के लिए 4000 इलेक्ट्रिक बसों का प्रावधान किया गया है। ये बसें बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों में शहरी व अर्ध-शहरी परिवहन को मजबूत करेंगी। इससे डीजल बसों पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा, ईंधन लागत कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। ये कदम ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण दोनों के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।
ईवी बैटरी होंगी सस्ती
पूर्वोदय की कीमत का ड़ा हिस्सा बैटरी होती है। आज जारी बजट में ईवी बैटरी निर्माण के लिए 35 कैपिटल गुड्स और मोबाइल बैटरी के लिए 28 कैपिटल गुड्स को ड्यूटी छूट की सूची में जोड़ा गया है। इससे घरेलू बैटरी उत्पादन बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और ईवी की कीमतें कम हो सकती हैं। ईवी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी जरूरी बात पेश की गई है। इसमें कोबाल्ट पाउडर और वेस्ट, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, लेड, जिंक और 12 अन्य खनिज पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म की गई है। इससे कच्चा माल सस्ता होगा और भारत की सप्लाई चेन मजबूत बनेगी।
मोटर एक्सीडेंट पीड़ितों को बड़ी टैक्स राहत
बजट 2026 में सामाजिक सुरक्षा के तहत बड़ा फैसला लिया गया है। अब मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा। इस पर टीडीएस भी नहीं कटेगा। साथ ही इससे पीड़ितों को पूरा मुआवजा मिलेगा और प्रक्रिया आसान होगी।
