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कैब बुकिंग से पहले एडवांस टिप देने का विकल्प हटाएं: एग्रीगेटर्स को दिया आदेश, रैपिडो पर ₹10 लाख का जुर्माना
Wed, 16 Sep 2026 05:45 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Wed, 16 Sep 2026 05:45 PM IST
सार
कैब बुक करने से पहले ही ड्राइवर को टिप देने का विकल्प अब हटाया जाएगा। सरकार ने कैब एग्रीगेटर्स को राइड शुरू होने से पहले एडवांस टिपिंग की व्यवस्था बंद करने का आदेश दिया है।
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No Advance Tips
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
उपभोक्ता मामलों की सचिव और 'केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण' (CCPA) की प्रमुख निधि खरे ने बुधवार को एलान किया कि सरकार ने कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर्स को राइड बुक होने से पहले अग्रिम टिप मांगने की सुविधा तुरंत बंद करने का आदेश दिया है। सरकार ने इस प्रथा को भ्रामक और अनुचित व्यापार व्यवहार माना है।
उपभोक्ता सचिव के अनुसार, 'राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन' (NCH) पर ग्राहकों से कई शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों का आरोप था कि टिप न देने पर उन्हें राइड न मिलने का डर दिखाया जाता था और अधिक पैसे देने के लिए मजबूर किया जाता था। सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि टिप पूरी तरह से स्वैच्छिक है और यह सर्विस का लाभ उठाने के बाद पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर होना चाहिए।
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उपभोक्ता सचिव के अनुसार, 'राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन' (NCH) पर ग्राहकों से कई शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों का आरोप था कि टिप न देने पर उन्हें राइड न मिलने का डर दिखाया जाता था और अधिक पैसे देने के लिए मजबूर किया जाता था। सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि टिप पूरी तरह से स्वैच्छिक है और यह सर्विस का लाभ उठाने के बाद पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर होना चाहिए।
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Rapido
- फोटो : Adobe Stock
रैपिडो पर ₹10 लाख का जुर्माना किस वजह से लगाया गया है?
सीसीपीए ने 'रैपिडो' (Rapido) का संचालन करने वाली कंपनी 'रॉपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच में पाया गया कि रैपिडो राइड कन्फर्म होने से पहले ही ग्राहकों को अधिक पैसे (टिप) देने के लिए उकसा रही थी।कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर्स की जांच के दौरान रैपिडो ऐप पर इस तरह के भ्रामक प्रॉम्प्ट्स पाए गए:
- "कीमत जितनी ज्यादा होगी, राइड मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।"
- "कैप्टन ₹60 में स्वीकार नहीं कर रहे हैं। +10, +20, +30 जोड़कर प्रयास करें।"
Ola, Uber and Rapido
- फोटो : AI
ऐप एल्गोरिदम में क्या गड़बड़ी पाई गई और यह ग्राहकों को कैसे गुमराह करता था?
- सीसीपीए की विस्तृत जांच में रैपिडो के एल्गोरिदम में बड़ी तकनीकी और नैतिक गड़बड़ी उजागर हुई।
- एल्गोरिदम पहले ग्राहक को एक निश्चित किराया दिखाता था। जब ग्राहक उस तय किराए पर राइड बुक कर लेता था, तो ऐप यह बहाना बनाकर अधिक भुगतान का सुझाव देता था कि ड्राइवर पुराने रेट पर राइड स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
- नियामक ने पाया कि राइड बुक करते समय स्क्रीन पर दिखाया जाने वाला किराया पहले से ही दूरी, समय, ट्रैफिक, टोल और ड्राइवर को मिलने वाले भुगतान को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। ऐसे में राइड शुरू होने से पहले ही अतिरिक्त पैसे मांगने का कोई औचित्य नहीं बनता।
No Advance Tips
- फोटो : Amar Ujala
'डार्क पैटर्न्स' क्या हैं और सीसीपीए ने इस पर क्या रुख अपनाया है?
- 'डार्क पैटर्न्स' धोखाधड़ी वाले ऐसे यूजर इंटरफेस डिजाइन होते हैं जो ग्राहकों को गुमराह करके अनचाहे फैसले लेने के लिए हेरफेर करते हैं।
- सीसीपीए ने रैपिडो की इस कार्यप्रणाली को 'कन्फर्म शेमिंग' के रूप में चिन्हित किया है। जो 'डार्क पैटर्न्स रोकथाम और विनियमन दिशानिर्देश, 2023' के तहत प्रतिबंधित है। यह तकनीक उपभोक्ता के मन में डर और जल्दबाजी की भावना पैदा करती है कि अगर उसने अतिरिक्त पैसे नहीं दिए तो उसे राइड नहीं मिलेगी।
Ola Cab
- फोटो : अमर उजाला