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ICCT Report: विश्व में बिकने वाली हर चौथी कार बनी इलेक्ट्रिक, ग्लोबल लिस्ट में चीन टॉप पर, जानें भारत का नंबर
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Fri, 15 May 2026 01:55 PM IST
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सार
Global EV Sales: पूरी दुनिया में अब पेट्रोल-डीजल की निर्भरता तेजी से खत्म हो रही है और लोग इलेक्ट्रिक वाहनों ईवी को अपना रहे हैं। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) की लेटेस्ट ग्लोबल इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट मॉनिटर रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में वैश्विक स्तर पर बेची गई हर चार नई कारों में से एक कार इलेक्ट्रिक थी। जानिए रिपोर्ट के बारे में विस्तार से...
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Electric Car Sales Record: इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) की नई रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनियाभर में ईवी बिक्री ने 2 करोड़ यूनिट का आंकड़ा पार कर लिया। खास बात यह रही कि हर चार में से एक नई कार इलेक्ट्रिक थी। चीन इस रेस में सबसे आगे रहा, जबकि भारत जैसे उभरते बाजारों ने भी ईवी अपनाने की रफ्तार तेज कर दी है।
2025 में ईवी इंडस्ट्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
आईसीसीटी की लेटेस्ट ग्लोबल इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट मॉनिटर रिपोर्ट में सामने आया है कि 2025 में वैश्विक ईवी बिक्री दो करोड़ यूनिट से ज्यादा रही। यह ईवी इंडस्ट्री के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। रिपोर्ट कहती है कि कई बड़े बाजारों में चुनौतियां होने के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ती रही। यही वजह है कि अब ईवी ट्रांजिशन दुनिया के कई देशों में तेजी पकड़ चुका है।
चीन ने एक बार फिर साबित किया कि वह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में सबसे आगे है। 2025 में चीन में बिकने वाले कुल लाइट-ड्यूटी व्हीकल्स में ईवी की हिस्सेदारी करीब 52 प्रतिशत रही। इसके अलावा ग्लोबल ईवी वॉल्यूम में चीन का योगदान 62 प्रतिशत रहा। ग्लोबल ईवी प्रोडक्शन में हिस्सेदारी 71 प्रतिशत रही। यानी दुनिया में बिकने और बनने वाली ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारें चीन से जुड़ी रहीं।
यूरोप में भी ईवी की रफ्तार बरकरार
यूरोप में कुछ नीतिगत ढील के बावजूद ईवी बाजार मजबूत बना रहा। 2025 में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) की हिस्सेदारी नई कार बिक्री में 18 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि 2024 में यह 14% थी। यह दिखाता है कि यूरोप में लोग धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल कारों से इलेक्ट्रिक विकल्पों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।
उभरते बाजारों ने दिखाई बड़ी छलांग
रिपोर्ट के मुताबिक अब ईवी अपनाने में उभरते बाजार कई विकसित देशों से भी आगे निकल रहे हैं। रिसर्च में पाया गया कि 11 उभरते मार्केट्स ने 2025 में करीब 10 लाख इलेक्ट्रिक कारें बेचीं हैं, जो 2024 की तुलना में दोगुनी हैं। जारी आंकड़ों के अनुसार वियतनाम का ईवी शेयर 37% रहा, यूरोप का ईवी शेयर 27% रहा और अमेरिका सिर्फ 9% तक ही सीमित रहा। जबकि थाईलैंड, तुर्की, इंडोनेशिया और कोलंबिया जैसे देशों ने भी ईवी अपनाने में तेज बढ़त दर्ज की।
भारत का कैसा प्रदर्शन रहा
अब अगर भारत की बात करें तो देश को ऑटो बाजार काफी मजबूत रहा। यहां ईवी मॉडल्स की उपलब्धता में जबरदस्त तेजी देखी गई। आपको बता दें 2024 में भारत में जहां सिर्फ 33 ईवी मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 47 मॉडल हो गई।
SUV और MPV को पसंद कर रहे भारतीय
भारत में लोग बड़ी गाड़ियों को ज्यादा तवज्जुब दे रहे हैं। देश में खरीदे गए कुल इलेक्ट्रिक लाइट-ड्यूटी वाहनों में से 80% हिस्सा अकेले एसयूवी (SUV) और एमपीवी (MPV) सेगमेंट का रहा। भारत में SUV और MPV सेगमेंट का दबदबा कायम है। इसमें कुल इलेक्ट्रिक Light-Duty Vehicle खरीद में लगभग 80% हिस्सेदारी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि भारतीय ग्राहक अब बड़ी और फैमिली-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
क्या कहती है रिपोर्ट?
आईसीसीटी की शोधकर्ता और रिपोर्ट की लीड लेखिका इल्मा फधील ने कहा कि चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद ईवी ट्रांजिशन लगभग सभी बाजारों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक डेटा साफ दिखाता है कि दुनिया अब धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ बढ़ रही है। वहीं, ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनियाभर में बढ़ती ईवी बिक्री यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन ऑटो इंडस्ट्री का सबसे बड़ा हिस्सा बन सकते हैं। बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी, कम उत्सर्जन और बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क के कारण अब ग्राहक भी ईवी को ज्यादा अपनाने लगे हैं।
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2025 में ईवी इंडस्ट्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
आईसीसीटी की लेटेस्ट ग्लोबल इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट मॉनिटर रिपोर्ट में सामने आया है कि 2025 में वैश्विक ईवी बिक्री दो करोड़ यूनिट से ज्यादा रही। यह ईवी इंडस्ट्री के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। रिपोर्ट कहती है कि कई बड़े बाजारों में चुनौतियां होने के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ती रही। यही वजह है कि अब ईवी ट्रांजिशन दुनिया के कई देशों में तेजी पकड़ चुका है।
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चीन ने एक बार फिर साबित किया कि वह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में सबसे आगे है। 2025 में चीन में बिकने वाले कुल लाइट-ड्यूटी व्हीकल्स में ईवी की हिस्सेदारी करीब 52 प्रतिशत रही। इसके अलावा ग्लोबल ईवी वॉल्यूम में चीन का योगदान 62 प्रतिशत रहा। ग्लोबल ईवी प्रोडक्शन में हिस्सेदारी 71 प्रतिशत रही। यानी दुनिया में बिकने और बनने वाली ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारें चीन से जुड़ी रहीं।
यूरोप में भी ईवी की रफ्तार बरकरार
यूरोप में कुछ नीतिगत ढील के बावजूद ईवी बाजार मजबूत बना रहा। 2025 में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) की हिस्सेदारी नई कार बिक्री में 18 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि 2024 में यह 14% थी। यह दिखाता है कि यूरोप में लोग धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल कारों से इलेक्ट्रिक विकल्पों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।
उभरते बाजारों ने दिखाई बड़ी छलांग
रिपोर्ट के मुताबिक अब ईवी अपनाने में उभरते बाजार कई विकसित देशों से भी आगे निकल रहे हैं। रिसर्च में पाया गया कि 11 उभरते मार्केट्स ने 2025 में करीब 10 लाख इलेक्ट्रिक कारें बेचीं हैं, जो 2024 की तुलना में दोगुनी हैं। जारी आंकड़ों के अनुसार वियतनाम का ईवी शेयर 37% रहा, यूरोप का ईवी शेयर 27% रहा और अमेरिका सिर्फ 9% तक ही सीमित रहा। जबकि थाईलैंड, तुर्की, इंडोनेशिया और कोलंबिया जैसे देशों ने भी ईवी अपनाने में तेज बढ़त दर्ज की।
भारत का कैसा प्रदर्शन रहा
अब अगर भारत की बात करें तो देश को ऑटो बाजार काफी मजबूत रहा। यहां ईवी मॉडल्स की उपलब्धता में जबरदस्त तेजी देखी गई। आपको बता दें 2024 में भारत में जहां सिर्फ 33 ईवी मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 47 मॉडल हो गई।
SUV और MPV को पसंद कर रहे भारतीय
भारत में लोग बड़ी गाड़ियों को ज्यादा तवज्जुब दे रहे हैं। देश में खरीदे गए कुल इलेक्ट्रिक लाइट-ड्यूटी वाहनों में से 80% हिस्सा अकेले एसयूवी (SUV) और एमपीवी (MPV) सेगमेंट का रहा। भारत में SUV और MPV सेगमेंट का दबदबा कायम है। इसमें कुल इलेक्ट्रिक Light-Duty Vehicle खरीद में लगभग 80% हिस्सेदारी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि भारतीय ग्राहक अब बड़ी और फैमिली-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
क्या कहती है रिपोर्ट?
आईसीसीटी की शोधकर्ता और रिपोर्ट की लीड लेखिका इल्मा फधील ने कहा कि चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद ईवी ट्रांजिशन लगभग सभी बाजारों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक डेटा साफ दिखाता है कि दुनिया अब धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ बढ़ रही है। वहीं, ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनियाभर में बढ़ती ईवी बिक्री यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन ऑटो इंडस्ट्री का सबसे बड़ा हिस्सा बन सकते हैं। बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी, कम उत्सर्जन और बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क के कारण अब ग्राहक भी ईवी को ज्यादा अपनाने लगे हैं।
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