Car Parking: सावधान! तेलंगाना में गलत पार्किंग पड़ेगी महंगी, अवैध और लावारिस वाहनों पर नकेल कसने की तैयारी
तेलंगाना में पार्किंग एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है। जहां कई वाहन दिनों तक क्षतिग्रस्त या लावारिस पड़े रहते हैं। जिससे कई शहरों में ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे निपटने के लिए सरकार ने एक नई 'पार्किंग नीति' बनाई है।
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तेलंगाना में पार्किंग एक बड़ी समस्या बन गई है। सड़कों पर लावारिस और गलत तरीके से खड़े वाहन न केवल ट्रैफिक जाम का कारण बन रहे हैं। बल्कि इनसे सड़क हादसों और मौतों का खतरा भी बढ़ गया है। इस समस्या से निपटने के लिए तेलंगाना परिवहन विभाग ने एक व्यापक 'पार्किंग नीति' तैयार की है। जिसका उद्देश्य सड़क अनुशासन में सुधार करना है।
इस नई नीति को लाने की प्रक्रिया क्या है?
विभाग ने इस नीति का मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है:
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: यह नियम सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार किए गए हैं।
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सार्वजनिक राय: सरकार की प्रारंभिक मंजूरी मिलने के बाद, इस ड्राफ्ट को आम जनता के सुझावों और आपत्तियों के लिए खोला जाएगा।
वाहन मालिकों को किन अतिरिक्त शुल्कों का भुगतान करना होगा?
प्रस्तावित नीति के तहत, नियम तोड़ने वालों पर अब पहले से कहीं अधिक आर्थिक बोझ पड़ेगा:
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टोइंग और डेली चार्ज: अब केवल 'नो-पार्किंग' जुर्माना भरने से काम नहीं चलेगा। मालिक को वाहन को सड़क से यार्ड तक ले जाने का टोइंग चार्ज और वहां रखने का दैनिक पार्किंग शुल्क भी देना होगा।
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दस्तावेजों की जांच: वाहन को तभी छोड़ा जाएगा जब उसके सभी लंबित चालान, रोड टैक्स, बीमा और फिटनेस सर्टिफिकेट अपडेट और क्लियर होंगे।
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नीलामी की चेतावनी: यदि जब्त किए गए वाहन को 30 से 45 दिनों के भीतर नहीं छुड़ाया गया, तो अधिकारी उसकी नीलामी कर सकते हैं।
नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर क्या कार्रवाई होगी?
ट्रैफिक सुचारू बनाए रखने के लिए विभाग सख्त कदम उठाएगा:
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तत्काल कार्रवाई: फुटपाथ, नो-पार्किंग जोन या ट्रैफिक में बाधा डालने वाले वाहनों को तुरंत टो कर लिया जाएगा।
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आधुनिक पार्किंग यार्ड: थानों और परिवहन कार्यालयों में जगह की कमी को देखते हुए, सरकार पीपीपी मॉडल के तहत एडवांस पार्किंग यार्ड बनाने की योजना बना रही है।
प्रस्तावित दैनिक शुल्क और टोइंग चार्जेस क्या हैं?
ड्राफ्ट के अनुसार, जब्त वाहनों के लिए प्रतिदिन का शुल्क कुछ इस तरह हो सकता है:
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दोपहिया वाहन: 20-30 रुपये प्रतिदिन।
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ऑटो: 35-50 रुपये प्रतिदिन।
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कार: 60-80 रुपये प्रतिदिन।
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बस: 200-300 रुपये प्रतिदिन।
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टोइंग चार्ज: यह वाहन के प्रकार और क्षेत्र (शहरी या ग्रामीण) पर निर्भर करेगा। उदाहरण के लिए, शहर में दोपहिया वाहन को टो करने का खर्च 500 रुपये तक हो सकता है।
अधिकारियों का मानना है कि इन सख्त नियमों से तेलंगाना की सड़कों पर अनुशासन आएगा, अवैध पार्किंग में कमी आएगी और यात्रियों के लिए सफर अधिक सुरक्षित होगा।