पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   NH-48 Delhi-Jaipur Highway Gets Multi-Lane Free-Flow Toll System: How It Works and Penalty Rules

NH-48: दिल्ली-जयपुर हाईवे हुआ बैरियर-मुक्त, मनोहरपुरा टोल प्लाजा पर शुरू हुआ फ्री-फ्लो सिस्टम, ऐसे कटेगा टोल

Thu, 02 Jul 2026 10:59 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Thu, 02 Jul 2026 10:59 PM IST
सार

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राजस्थान में दिल्ली-जयपुर सेक्शन (NH-48) के मनोहरपुरा टोल प्लाजा पर 'मल्टी-लेन फ्री-फ्लो' (MLFF) टोल कलेक्शन सिस्टम लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत पारंपरिक टोल बूथ और बैरियर हटा दिए गए हैं। जिससे वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे।

विज्ञापन
NH-48 Delhi-Jaipur Highway Gets Multi-Lane Free-Flow Toll System: How It Works and Penalty Rules
बैरियर-फ्री टोल सिस्टम (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : एएनआई

विस्तार

सड़क सफर को हाई-टेक और बेहद आसान बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) के दिल्ली-जयपुर खंड पर स्थित मनोहरपुरा टोल प्लाजा पर 'मल्टी-लेन फ्री-फ्लो' (MLFF) टोल कलेक्शन सिस्टम की शुरुआत कर दी गई है। इस पूरी तरह से बैरियर-मुक्त (बिना फाटक वाले) टोल सिस्टम ने पारंपरिक टोल बूथों की छुट्टी कर दी है। एनएचएआई का यह कदम देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम को कम करने और वाहनों की आवाजाही को रफ्तार देने के सरकारी प्लान का हिस्सा है। 

विज्ञापन

 

हाईवे पर सफर को बेहतर बनाने के लिए क्या है पूरा प्लान?

पूरे दिल्ली-जयपुर रूट को पूरी तरह निर्बाध और सुगम बनाने के लिए नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा रहा है:

  • दौलतपुरा से हुई शुरुआत: मनोहरपुरा से पहले, 19 जून 2026 को राजस्थान के पहले फ्री-फ्लो टोल सिस्टम की शुरुआत 'दौलतपुरा टोल प्लाजा' पर की गई थी। इसके बाद अब पूरे दिल्ली-जयपुर खंड का सफर बेहद शानदार हो गया है।

    विज्ञापन
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की तरफ कदम: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, इस बैरियर-लेस व्यवस्था को लागू करना डिजिटल नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में एक मील का पत्थर है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन
  • अगला टारगेट: मनोहरपुरा टोल प्लाजा को इस हाई-टेक सिस्टम से जोड़ने के बाद, एनएचएआई अब शाहजहांपुर टोल प्लाजा को भी इसी फ्री-फ्लो नेटवर्क में बदलने की तैयारी कर रहा है।

इस बिना रुकावट वाले टोल सिस्टम से आम जनता को क्या फायदे होंगे?

यह नया ढांचा इंसानी हस्तक्षेप को न्यूनतम स्तर पर ले आता है, जिससे गाड़ी चालकों को ये फायदे मिलेंगे:

  • जीरो वेटिंग टाइम: गाड़ियां बिना रुके सीधे अपनी रफ्तार में टोल प्लाजा की लेन से गुजर सकेंगी, जिससे ट्रैफिक का बहाव बिल्कुल नहीं थमेगा।

  • समय और ईंधन की बचत: टोल पर रुकने का झंझट खत्म होने से यात्रियों का कीमती समय बचेगा और वाहनों का ईंधन भी कम खर्च होगा।

  • प्रदूषण में कमी: इस व्यस्त रूट पर गाड़ियों के खड़े न रहने से वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।

  • पारदर्शिता और कम लागत: यह तकनीक टोल ऑपरेशन्स में पारदर्शिता बढ़ाएगी। साथ ही, फिजिकल टोल प्लाजा बनाने और उन्हें चलाने में आने वाले भारी-भरकम ऑपरेशनल खर्चों को भी कम करेगी।

कैसे काम करता है यह बैरियर-लेस फ्री-फ्लो टोल सिस्टम?

इस आधुनिक सिस्टम के पीछे दो बेहतरीन तकनीकों की जुगलबंदी काम करती है:

  • ANPR तकनीक और FASTag का मेल: यह सिस्टम ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) टेक्नोलॉजी को मौजूदा 'फास्टैग' (FASTag) आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम के साथ जोड़ता है। जैसे ही गाड़ी गुजरती है, कैमरे नंबर प्लेट को रीड करते हैं और फास्टैग से ऑटोमैटिक टोल टैक्स कट जाता है।

  • ईज ऑफ लिविंग का लक्ष्य: मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, यह पहल तकनीक का लाभ उठाकर नागरिकों के जीवन को आसान बनाने और व्यापार को सुगम बनाने के भारत सरकार के विजन के बिल्कुल अनुकूल है।

फास्टैग में बैलेंस न होने या खराब होने पर क्या कार्रवाई होगी?

बिना बैरियर के सफर का आनंद लेने के लिए कुछ नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, नहीं तो भारी जुर्माना लग सकता है:

  • सफिशिएंट बैलेंस जरूरी: इस हाईवे का उपयोग करने वाले वाहन मालिकों को हमेशा अपने फास्टैग अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखना होगा।

  • ई-नोटिस (E-Notice) जारी होना: यदि कोई वाहन बिना पर्याप्त बैलेंस, अमान्य या खराब फास्टैग के साथ टोल से गुजरता है। तो सिस्टम टोल फीस न चुकाने के लिए तुरंत एक ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी कर देगा।

  • 72 घंटे की मोहलत: वाहन मालिकों को ई-नोटिस जारी होने के बाद सामान्य (स्टैंडर्ड) टोल रेट चुकाने के लिए 72 घंटे का समय दिया जाएगा।

  • लापरवाही पर दोगुना जुर्माना: यदि कोई 72 घंटे की इस समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं करता है, तो सिस्टम उस गाड़ी की श्रेणी के तय नॉर्मल रेट से दोगुना टोल टैक्स वसूल करेगा।

  • जुर्माना भरने का तरीका: यात्री इन जुर्मानों और पेनाल्टी को सरकार के आधिकारिक परिवहन (Parivahan) पोर्टल और राजमार्गयात्रा (Rajmargyatra) मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए आसानी से देख और चुका सकते हैं।
     

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed