फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Ola Cab Ride Turns Costly: Rs 1285 Booking Ends With Rs 5662 Bill Check Details

ओला कैब का चौंकाने वाला बिल: 60 किमी की राइड और थमा दिया ₹5,662 का बिल! दिल्ली में यात्री के साथ क्या हुआ?

Sat, 29 Aug 2026 01:18 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 29 Aug 2026 01:18 PM IST
सार

दिल्ली में यात्रा कर रहे यात्रियों का एक समूह उस समय हैरान रह गया, जब 6 घंटे और 60 किलोमीटर के लिए बुक की गई ओला कैब का बिल ₹1,285 के बेस फेयर से बढ़कर सीधे ₹5,662 पहुंच गया। जानें पूरा मामला।

विज्ञापन
Ola Cab Ride Turns Costly: Rs 1285 Booking Ends With Rs 5662 Bill Check Details
Ola Cab Bill - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली में एक कैब यात्रा का बिल यात्रियों के लिए हैरान करने वाला साबित हुआ। करीब 60 किमी की यात्रा और छह घंटे के लिए बुक की गई Ola (ओला) कैब का शुरुआती किराया ₹1,285 दिखाया गया था। लेकिन यात्रा पूरी होने पर ऐप में कुल बिल ₹5,662 पहुंच गया।

विज्ञापन

सोशल मीडिया रेडिट पर साझा किए गए एक पोस्ट के मुताबिक, यात्रियों का कहना है कि वे यह समझ नहीं पाए कि आखिर बिल में इतनी बड़ी अतिरिक्त दूरी कैसे जुड़ गई। उनके अनुसार, यात्रा के दौरान कैब को महिपालपुर स्थित होटल से यशोभूमि प्रदर्शनी स्थल तक जाना था। और वहां से सीधे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचना था।

विज्ञापन

आखिर ₹1,285 की बुकिंग ₹5,662 तक कैसे पहुंची?

  • यात्रियों के अनुसार, उन्होंने सुबह 10 बजे छह घंटे और 60 किमी के पैकेज के लिए ओला कैब बुक की थी। कैब ने उन्हें महिपालपुर स्थित होटल से लिया और यशोभूमि पहुंचाया।
  • समूह प्रदर्शनी में शाम 3:45 बजे तक मौजूद रहा। इसके बाद वे सीधे अपनी उड़ान पकड़ने के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए।
  • लेकिन जब चालक ने अंतिम भुगतान मांगा, तो यात्री कथित तौर पर हैरान रह गए। बुकिंग के समय ₹1,285 का मूल किराया दिखाया गया था और उन्हें उम्मीद थी कि अंतिम राशि इसके आसपास या कुछ अधिक होगी। इसके बजाय ओला ऐप में कुल भुगतान बढ़कर ₹5,662 हो गया।

बिल में कितनी अतिरिक्त दूरी दिखाई गई?

  • यात्रियों के मुताबिक, अंतिम बिल में 240.5 किमी अतिरिक्त दूरी का शुल्क दिखाया गया। जबकि उन्होंने कैब को करीब 60 किमी की यात्रा के लिए बुक किया था।
  • उनका कहना है कि प्रदर्शनी में कई घंटे बिताने के दौरान वे कैब के साथ यात्रा नहीं कर रहे थे। ऐसे में इतनी अधिक अतिरिक्त दूरी कैसे दर्ज हुई, इसे लेकर वे भ्रमित रहे।
  • यात्रियों ने बताया कि अंतिम बिल में अतिरिक्त दूरी के साथ टोल और अन्य शुल्क भी शामिल थे। उनके अनुसार, कुल मिलाकर उनसे करीब 250 किमी अतिरिक्त यात्रा के आधार पर शुल्क लिया गया।
विज्ञापन

Ola की सहायता सेवा से क्या समाधान मिला?

  • समूह ने मामले को लेकर ओला की सहायता सेवा से संपर्क करने की कोशिश की। हालांकि, यात्रियों का दावा है कि सप्ताहांत होने के कारण वे ऐसी सहायता टीम से संपर्क नहीं कर सके, जो उनकी समस्या का समाधान कर सके।
  • इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन लोगों से सलाह मांगी कि इस किराये को कैसे चुनौती दी जाए। और अतिरिक्त वसूली गई राशि को वापस पाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या सलाह दी?

  • मामला सामने आने के बाद कई लोगों ने यात्रियों को कैब की वास्तविक यात्रा का प्रमाण जुटाने और ओला को विस्तृत जानकारी भेजने की सलाह दी।
  • एक उपयोगकर्ता ने संभावना जताई कि प्रदर्शनी के दौरान चालक कैब को खड़ा रखने के बजाय कहीं और ले गया होगा।
  • एक अन्य व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उसके साथ भी दिल्ली हवाई अड्डे से ओला यात्रा के दौरान ऐसी ही समस्या हुई थी। उसने यात्रियों को सभी विवरण ई-मेल के माध्यम से भेजने और सहायता एवं सुरक्षा जैसे विकल्पों के जरिए कंपनी से संपर्क करने की सलाह दी।

क्या स्थान इतिहास से अतिरिक्त दूरी का पता चल सकता है?

  • एक अन्य उपयोगकर्ता ने सुझाव दिया कि यात्री गूगल टाइमलाइन या लोकेशन हिस्ट्री (स्थान का इतिहास) का इस्तेमाल प्रमाण के रूप में कर सकते हैं। इसके जरिए यह दिखाया जा सकता है कि यात्री उस समय वास्तव में कैब में मौजूद थे या नहीं।
  • एक व्यक्ति ने यह भी बताया कि उसके साथ उबर में इसी तरह का मामला सामने आया था। उसके अनुसार, चालक ने लंबा और कम प्रभावी मार्ग अपनाया था। उसने सोशल मीडिया पर कंपनी को टैग कर शिकायत की, जिसके बाद उसे उसके उबर वॉलेट में राशि वापस कर दी गई।
यह मामला एक बार फिर ऐप आधारित कैब सेवाओं में यात्रा पूरी होने के बाद अंतिम बिल और दर्ज की गई दूरी की जांच करने की जरूरत को रेखांकित करता है। यात्रियों के लिए बुकिंग विवरण, यात्रा का मार्ग और स्थान इतिहास जैसे रिकॉर्ड विवाद की स्थिति में महत्वपूर्ण प्रमाण साबित हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed