Crash Test: भारत NCAP क्रैश टेस्ट को लेकर RTI से मिली नई जानकारी, जानें क्यों दोबारा टेस्ट की गईं ये गाड़ियां
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से आरटीआई के हालिया जवाब में इस बारे में और अधिक डिटेल्स सामने आए हैं कि भारत NCAP, भारत में क्रैश टेस्ट और सुरक्षा रेटिंग किस तरह करता है।
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दिए गए एक हालिया आरटीआई (RTI) जवाब ने Bharat NCAP (भारत एनसीएपी) द्वारा किए जाने वाले क्रैश टेस्ट और सेफ्टी रेटिंग की प्रक्रिया पर नई रोशनी डाली है। मार्च 2026 में दायर इस आरटीआई में वाहनों के चयन, री-टेस्ट और क्रैश टेस्ट मॉडिफायर से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। जिसकी डिटेल्स टीम-बीएचपी (TeamBHP) पर साझा किया गया है।
अब तक कितनी कारों का टेस्ट किया गया है और उनका चयन कैसे हुआ?
आरटीआई के जवाब में वाहनों की संख्या और चयन प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है:
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कुल परीक्षण: 31 मार्च, 2026 तक भारत NCAP ने कुल 35 कार मॉडलों का परीक्षण किया था।
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स्वैच्छिक भागीदारी: ये सभी वाहन निर्माताओं द्वारा स्वेच्छा से परीक्षण के लिए जमा किए गए थे।
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सरकारी नामांकन: जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया कि अब तक किसी भी कार का चयन सीधे भारत सरकार द्वारा नहीं किया गया है। हालांकि AIS-197 नियमों के तहत सरकार को परीक्षण के लिए वाहनों को नामांकित करने का अधिकार है।
किन प्रमुख कारों का दोबारा परीक्षण या पुनर्मूल्यांकन किया गया?
आरटीआई से पता चला है कि वेबसाइट पर फाइनल रेटिंग प्रकाशित करने से पहले 7 वाहनों को दोबारा टेस्ट (री-टेस्ट) या पुनर्मूल्यांकित किया गया था। इन वाहनों की सूची इस प्रकार है:
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Maruti Suzuki: Dzire (डिजायर)
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Tata Motors: Punch ICE, Sierra ICE और Curvv ICE
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Mahindra: XUV 3XO, XUV400 EV और BE 6
दोबारा परीक्षण करने के पीछे कानूनी आधार क्या है?
आरटीआई जवाब के अनुसार, ये री-टेस्ट एक विशेष नियम के तहत किए गए थे:
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AIS-197 का क्लॉज 6.2: यह नियम तब दोबारा परीक्षण की अनुमति देता है जब डेटा अधूरा हो, पैरामीटर गायब हों या कुछ परिणाम निर्धारित सीमाओं से बाहर हों।
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वैश्विक मानक: री-टेस्ट केवल भारत NCAP तक सीमित नहीं है। दुनिया भर के अन्य सुरक्षा कार्यक्रम भी सटीक परिणाम सुनिश्चित करने और सुधारों को सत्यापित करने के लिए अंतिम रेटिंग से पहले पुनर्मूल्यांकन करते हैं।