Bandhan Bank Share: बंधन बैंक के शेयर 17 फीसदी से ज्यादा टूटे; मुनाफे में उछाल, पर अनुमान ने बिगाड़ा खेल
बंधन बैंक के शेयर पहली तिमाही के नतीजों के बाद 17% से अधिक टूटे। बैंक ने परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) का अनुमान घटाया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी। मोतीलाल ओसवाल ने रेटिंग 'न्यूट्रल' की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बंधन बैंक के शेयरों में बुधवार को 17 फीसदी से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। बैंक द्वारा परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) के अनुमान में कटौती करने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई। बैंक ने अनिश्चित आर्थिक माहौल और जमा जुटाने में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को इसका मुख्य कारण बताया है।
शेयर बाजार बंद होने के बाद मंगलवार को बैंक ने अपनी अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी किए थे। इस तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 502 करोड़ रुपये रहा। यह वृद्धि मुख्य रूप से प्रावधान में 41 फीसदी की गिरावट के कारण हुई, जो घटकर 683 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, तिमाही आधार पर शुद्ध लाभ 6 फीसदी कम हुआ है। बैंक का परिचालन लाभ 19 फीसदी घटकर 1,358 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध ब्याज आय 6 फीसदी बढ़कर 2,920 करोड़ रुपये दर्ज की गई। इस दौरान शुद्ध ब्याज मार्जिन 16 बेसिस पॉइंट घटकर 6.2 फीसदी पर आ गया।
बंधन बैंक के शेयर क्यों गिरे?
बैंक के शेयर गिरने की मुख्य वजह परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) के अनुमान में कटौती है। बैंक प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही तक आरओए का लक्ष्य पहले 1.6-1.8 फीसदी रखा था। अब इसे घटाकर 1.2 से 1.4 फीसदी के बीच कर दिया गया है। इस कटौती के पीछे दो प्रमुख कारण बताए गए हैं। पहला, वैश्विक आर्थिक माहौल अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। दूसरा, जमा जुटाने की प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे बैंकों को ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए जमा पर अधिक ब्याज देना पड़ रहा है। इन कारकों का असर बैंक की कमाई पर पड़ सकता है।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता और खर्चों का क्या रहा हाल?
अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखा गया। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) घटकर 3.1 फीसदी रही, जो पिछली तिमाही में 3.3 फीसदी थी। शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनएनपीए) भी 1 फीसदी से घटकर 0.9 प्रतिशत पर आ गई। सालाना आधार पर सकल एनपीए में 182 बेसिस पॉइंट और शुद्ध एनपीए में 43 बेसिस पॉइंट का सुधार दर्ज किया गया। बंधन बैंक के प्रबंध निदेशक पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने बताया कि बैंक के खर्च बढ़ने की दो बड़ी वजहें रहीं। कर्मचारियों पर खर्च बढ़ा और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण प्रौद्योगिकी से जुड़े खर्च करीब 65 फीसदी बढ़ गए।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का क्या कहना है?
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने बंधन बैंक के शेयर की रेटिंग 'न्यूट्रल' कर दी है। उन्होंने 225 रुपये का लक्ष्य दिया है, जो करीब 8 फीसदी की बढ़त का संकेत देता है। ब्रोकरेज के अनुसार, बैंक का शुद्ध मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन इसकी वजह कम प्रावधान रही। मोतीलाल ओसवाल की मुख्य चिंता बैंक के भविष्य की संभावनाओं को लेकर है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि शुद्ध ब्याज मार्जिन में करीब 0.30 फीसदी (30 बेसिस पॉइंट) की गिरावट आ सकती है। वहीं, परिचालन खर्च भी करीब 10 बेसिस पॉइंट बढ़ सकते हैं। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2026-27 और वित्त वर्ष 2027-28 के लिए बैंक की आय के अनुमान क्रमशः 14 फीसदी और 6 फीसदी घटा दिए हैं। अब ब्रोकरेज को वित्त वर्ष 2026-27 में बैंक का RoA 1 फीसदी और वित्त वर्ष 2027-28 में 1.4 फीसदी रहने की उम्मीद है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ पाठकों को सूचित करने के लिए है. बाजार में निवेश करने के अपने जोखिम होते हैं। यदि आप निवेशक के तौर पर बाजार में पैसे लगाना चाहते हैं तो इसके लिए एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। अमर उजाला की ओर से कभी भी निवेश से जुड़ी सलाह नहीं दी जाती है।