Global Markets: रोजगार के आंकड़ों के बाद S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब; जानें क्या है वैश्विक बाजार का हाल
Global Market Update: अमेरिका में रोजगार के ताजा आंकड़ों के बाद S&P 500 ऑल-टाइम हाई के करीब है। रियो टिंटो में गिरावट और मिनीमैक्स के IPO में 109% का उछाल। जानें फेड रेट कट की संभावनाएं और वैश्विक बाजारों का पूरा हाल।
विस्तार
अमेरिका में मिश्रित रोजगार आंकड़ों के बाद शुक्रवार को वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। वॉल स्ट्रीट पर S&P 500 इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपने सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब पहुंच गया। निवेशकों का मानना है कि लेबर मार्केट के ये आंकड़े फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म नहीं करते, भले ही इसमें थोड़ी देरी हो सकती है। हालांकि, वैश्विक तेजी के बीच भारतीय बाजार में सुस्ती रही और सेंसेक्स 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
फेड के फैसलों पर बाजार की नजर क्यों?
- लेबर डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर में नियोक्ताओं ने उम्मीद से कम कर्मचारियों की भर्ती की, हालांकि बेरोजगारी दर में सुधार हुआ है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कई कंपनियां अपने कार्यबल का विस्तार करने से बच रही हैं, जिससे भर्ती सुस्त बनी हुई है।
- फेडरल रिजर्व ने गिरते लेबर मार्केट और 2 प्रतिशत से ऊपर बनी मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए 2025 के अंत तक अपनी बेंचमार्क दर में तीन बार कटौती की थी। अब यदि दिसंबर की जॉब रिपोर्ट उम्मीद से अधिक कमजोर साबित होती है, तो 27-28 जनवरी को होने वाली फेड की अगली बैठक में दर कटौती का मामला मजबूत हो सकता है।
हाउसिंग में उछाल, ऑटो में गिरावट का कारण क्या?
- अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा संघीय सरकार को 200 अरब डॉलर के मॉर्गेज बॉन्ड खरीदने के निर्देश देने के बाद होमबिल्डर शेयरों में तेजी जारी है। केबी होम, डीआर हॉर्टन और लेनार कॉर्प के शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
- दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट का असर ऑटो सेक्टर पर दिखा। जनरल मोटर्स ने कहा कि वह चौथी तिमाही में करीब 6 अरब डॉलर का नुकसान उठाएगी, जिसके चलते प्री-मार्केट में इसके शेयर लगभग 2 प्रतिशत गिर गए।
एशियाई और यूरोपीय बाजारों का कैसा रहा हाल?
- एशियाई बाजारों में मिला-जुला असर रहा। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.6 प्रतिशत उछलकर 51,939.89 पर पहुंच गया। इसकी प्रमुख वजह फास्ट रिटेलिंग (Uniqlo की पैरेंट कंपनी) के शेयरों में 10.6 प्रतिशत की भारी तेजी रही, जिसका परिचालन लाभ सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़ा है।
- हांगकांग में एक बड़ी घटना देखने को मिली, जहां चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप 'मिनीमैक्स' का आईपीओ शानदार रहा और इसके शेयर लिस्टिंग के दिन 109 प्रतिशत उछल गए। वहीं, चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.9 प्रतिशत की बढ़त रही, क्योंकि वहां मुद्रास्फीति दर तीन साल में सबसे तेज गति से बढ़ी है, जो मांग में सुधार का संकेत है।
- ऑस्ट्रेलियाई बाजार में रियो टिंटो के शेयर 6.2 प्रतिशत गिर गए। कंपनी ने पुष्टि की है कि वह ग्लेनकोर के साथ विलय के लिए प्रारंभिक बातचीत कर रही है, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी खनन कंपनी बन सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों का क्या हाल?
कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बाद तेजी लौटी है। वेनेजुएला के नेता को राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा हटाए जाने और अमेरिका द्वारा दो तेल टैंकरों (जिसमें एक रूसी ध्वज वाला जहाज शामिल है) को जब्त करने के बाद आपूर्ति की चिंताएं बढ़ गई हैं। बेंचमार्क अमेरिकी क्रूड 58.17 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 62.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
बाजार में अब आगे क्या?
बाजार की दिशा अब काफी हद तक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगी, जो ट्रम्प के "लिबरेशन डे" टैरिफ पर अपना निर्णय सुना सकता है। इसके अलावा, निवेशक फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।