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Gold Silver Price: सोने-चांदी में लौटी चमक, क्या कमजोर रुपया और वैश्विक तेजी जारी रहेगी?

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 22 Jun 2026 09:01 PM IST
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सार

22 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया। कमजोर रुपया, वैश्विक बाजारों में तेजी और भू-राजनीतिक सुधार ने सर्राफा मांग बढ़ाई। जानें क्या अमेरिकी ब्याज दरें इस तेजी को रोकेंगी और आगे क्या है बाजार का रुख।

Gold and Silver Shine Again: Will Weak Rupee and Global Rally Continue?
Gold Silver Price - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को बहुमूल्य धातुओं ने जोरदार वापसी की। सोने की कीमत 1,700 रुपये बढ़कर 1.52 लाख रुपये प्रति दस ग्राम हो गई। चांदी भी 4,800 रुपये उछलकर 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वैश्विक बाजारों में मजबूती और रुपये में गिरावट से सर्राफा की मांग में तेजी आई है।


अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला पीला धातु चार दिन की गिरावट का सिलसिला खत्म कर 1,52,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। यह शुक्रवार के बंद स्तर 1,50,600 रुपये प्रति दस ग्राम से 1,700 रुपये अधिक है। चांदी भी 4,800 रुपये की तेजी के साथ 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले सत्र में सफेद धातु 8,040 रुपये की गिरावट के साथ 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। कारोबारियों का कहना है कि रुपये में गिरावट और विदेशी बाजारों में मजबूती से पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद सर्राफा की मांग फिर से बढ़ी है।
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इस तेजी के पीछे क्या कारण हैं?

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंसों के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि निवेशकों ने भू-राजनीतिक भावना में सुधार को अमेरिकी ब्याज दरों के लंबे समय तक उच्च रहने की उम्मीदों के साथ संतुलित किया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना 49.93 अमेरिकी डॉलर यानी 1.2 फीसदी बढ़कर 4,210.19 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी भी 2.4 फीसदी बढ़कर 66.47 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। मीरा एसेट शेयरखान के जिंस एवं मुद्रा प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिका और ईरान ने स्विट्जरलैंड वार्ता में अंतिम समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई है।
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क्या यह तेजी बनी रहेगी या सीमित रहेगी?

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका में ब्याज दरों के लंबे समय तक उच्च रहने की उम्मीदों से सर्राफा में तेजी सीमित रह सकती है। प्रवीण सिंह ने आगे कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों सहित विभिन्न मुद्दों पर तकनीकी चर्चाएं 60 दिन के संघर्ष विराम अवधि के दौरान जारी रहेंगी। यह अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण होगा। बाजार प्रतिभागी इस सप्ताह के अंत में आने वाले प्रमुख अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं।

आगे बाजार की दिशा क्या होगी?

एलकेपी सिक्योरिटीज के जिंस व मुद्रा शोध विश्लेषक जतीन त्रिवेदी ने कहा कि अब ध्यान इस सप्ताह के अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़ों पर केंद्रित है। ये आंकड़े सोने के लिए अगला प्रमुख कारक प्रदान कर सकते हैं। इन आंकड़ों से अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा पर नए संकेत मिलने की उम्मीद है। निवेशकों की नजर अब इन महत्वपूर्ण आर्थिक घोषणाओं पर टिकी है। बाजार इन आंकड़ों से भविष्य की ब्याज दर नीतियों का अनुमान लगाएगा।
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