{"_id":"6a395181699a04e36209d821","slug":"adverse-monsoon-may-disrupt-india-s-economic-pace-rbi-bulletin-warns-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"RBI Bulletin: कमजोर मानसून बिगाड़ सकता है देश की आर्थिक चाल, रिजर्व बैंक ने बुलेटिन में दी यह चेतावनी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
RBI Bulletin: कमजोर मानसून बिगाड़ सकता है देश की आर्थिक चाल, रिजर्व बैंक ने बुलेटिन में दी यह चेतावनी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 22 Jun 2026 08:48 PM IST
विज्ञापन
सार
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी जून बुलेटिन के अनुसार, प्रतिकूल मानसून और वैश्विक अस्थिरता भारत की वृद्धि व मुद्रास्फीति के लिए चुनौती बन सकती है। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बुनियाद पर खड़ी है।
भारतीय रिजर्व बैंक
- फोटो : amarujala.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
दक्षिण-पश्चिम मानसून का कमजोर रहना देश की वृद्धि और मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण के लिए बाधा बन सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को जारी जून महीने की बुलेटिन में यह बात कही।
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य अभी भी नाजुक बना हुआ है। पश्चिम एशिया में हालिया अंतरिम शांति समझौते के बावजूद भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार व्यवधान लगातार बने हुए हैं। यह रिपोर्ट देश की आर्थिक स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालती है।
बुलेटिन में प्रकाशित 'अर्थव्यवस्था की स्थिति' नामक एक लेख में यह जानकारी दी गई है। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते से मिली कुछ राहत के बावजूद कमजोर बना हुआ है। लेख में बताया गया है कि इस समझौते का टूटना कई महत्वपूर्ण जोखिमों को फिर से बढ़ा सकता है। इनमें मुद्रास्फीति संबंधी उम्मीदें प्रमुख हैं।
विज्ञापन
यह महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे को बाधित कर सकता है। इसके अलावा, निवेश व्यय में देरी भी हो सकती है। खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ सकती हैं। एक प्रतिकूल वित्तीय स्थिरता दृष्टिकोण भी सामने आ सकता है।
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य अभी भी नाजुक बना हुआ है। पश्चिम एशिया में हालिया अंतरिम शांति समझौते के बावजूद भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार व्यवधान लगातार बने हुए हैं। यह रिपोर्ट देश की आर्थिक स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलेटिन में प्रकाशित 'अर्थव्यवस्था की स्थिति' नामक एक लेख में यह जानकारी दी गई है। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते से मिली कुछ राहत के बावजूद कमजोर बना हुआ है। लेख में बताया गया है कि इस समझौते का टूटना कई महत्वपूर्ण जोखिमों को फिर से बढ़ा सकता है। इनमें मुद्रास्फीति संबंधी उम्मीदें प्रमुख हैं।
यह महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे को बाधित कर सकता है। इसके अलावा, निवेश व्यय में देरी भी हो सकती है। खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ सकती हैं। एक प्रतिकूल वित्तीय स्थिरता दृष्टिकोण भी सामने आ सकता है।