Gold Silver Price: सोना ₹3200 उछला, 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर भाव, जानिए चांदी का हाल
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम और कमजोर डॉलर के कारण सोने की कीमतों में 3,007 रुपये का भारी उछाल आया है, जिससे भाव 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। सर्राफा बाजार की चाल जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबर के बाद सर्राफा बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। बुधवार को चांदी की कीमत में बड़ी तेजी आई, जिससे निवेशकों का रुझान फिर से मजबूत हुआ। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 11,000 रुपये उछलकर 2,51,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोना भी 3,200 रुपये बढ़कर 1,56,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। जानकारों के मुताबिक वैश्विक संकेत बेहतर होने और निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से कीमतों में यह तेजी आई है।
वहीं, वायदा कारोबार में सोने की कीमतों में 3,007 रुपये की तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम समझौते के बाद राहत की भावना और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से खरीदारी बढ़ी। इस उछाल के साथ, सोने का भाव 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर जून डिलीवरी के लिए पीली धातु का भाव 3,007 रुपये या दो फीसदी बढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर, जून अनुबंध के लिए सोने का वायदा भाव 129.12 अमेरिकी डॉलर या करीब तीन फीसदी बढ़कर 4,813.82 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष विराम की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने की कीमतों को समर्थन मिला। इससे सैन्य तनाव टल गया। संघर्ष विराम के बावजूद, सोने का वायदा भाव पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से पहले के स्तर से नीचे बना हुआ है। संघर्ष के दौरान, 27 फरवरी, 2026 को दर्ज 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से कीमतें 12,363 रुपये या 7.5 फीसदी गिर गई थीं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सोना-चांदी मजबूत हुए
संघर्ष विराम के फैसले से भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ और बाजार की धारणा में सुधार आया। इस संघर्ष विराम ने छह सप्ताह से जारी जंग को समाप्त करने का रास्ता खोला है। इस संघर्ष से भारी नुकसान हुआ था और वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हुआ था। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोने में यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम के बाद राहत के कारण है। इस संघर्ष विराम से कच्चे तेल की कीमतों में 15 फीसदी की गिरावट आई, जिससे अन्य जोखिम वाली संपत्तियों को भी समर्थन मिला। होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खुलना भारत, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख एशियाई तेल आयातकों के लिए महत्वपूर्ण है।
वैश्विक अनिश्चितता पर विशेषज्ञों की क्या राय?
हालांकि, जतीन त्रिवेदी ने यह भी कहा कि यह कदम राहत रैली और शॉर्ट कवरिंग से अधिक है। संघर्ष विराम की स्थिरता और प्रमुख आपूर्ति मार्गों के फिर से खुलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऑगमेंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी ने कहा कि ट्रंप द्वारा दो सप्ताह के अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम की घोषणा के बाद सोना लगभग तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। बाजार ने इसे एक महत्वपूर्ण तनाव कम करने वाला कदम माना, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों में व्यापक राहत रैली शुरू हुई। ट्रंप ने 10 सूत्री ईरानी प्रस्ताव की प्राप्ति की पुष्टि की, जिसे उन्होंने दो सप्ताह की समय सीमा के भीतर एक स्थायी समझौते के लिए एक व्यवहार्य आधार बताया।
भविष्य के बारे में क्या कह रहे सर्राफा बाजार के जानकार?
रेनिशा चैनानी ने कहा कि ट्रंप ने बार-बार बिना किसी समाधान के समय सीमा तय की और बढ़ाई है। दो सप्ताह की अवधि कोई स्थायी समाधान नहीं है। यदि शिपिंग लेन फिर से खुलती हैं और तेल स्थिर होता है, तो यह एक वास्तविक मोड़ हो सकता है। लेकिन बातचीत में किसी भी तरह की विफलता से मौजूदा तेजी में तेज गिरावट का जोखिम है। उन्होंने आगे कहा कि सोने ने वैश्विक बाजारों में 4,800 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस (घरेलू बाजारों में 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) से ऊपर का ब्रेकआउट दिया है। यह तेजी का संकेत है। अगला लक्ष्य वैश्विक बाजारों में 5,000 अमेरिकी डॉलर है, जो 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बराबर है।