द बोनस मार्केट अपडेट: सेंसेक्स की 483 अंकों की छलांग से थमी चार दिनों की मंदी, निफ्टी 22,750 के पार, जानें सब
- भारतीय शेयर बाजार में 26 अक्टूबर 2026 को शानदार रिकवरी देखने को मिली।
- सेंसेक्स 483 अंक चढ़कर 73,606.75 और निफ्टी 22,753.20 पर बंद हुआ, जिससे 4 दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया।
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार दिनों से जारी बिकवाली और निवेशकों की संपत्ति में लगे भारी झटके के बाद सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को जोरदार वापसी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में दर्ज हुई भारी गिरावट से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तरों से लगभग 2 प्रतिशत की तीखी रिकवरी दर्ज की। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,606.75 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 153.21 अंक या 0.68 प्रतिशत चढ़कर 22,753.20 के स्तर पर सफलतापूर्वक बंद होने में कामयाब रहा।
शेयर बाजार में सोमवार को रिकवरी की रफ्तार कैसी रही और किन शेयरों ने लीड किया?
सोमवार को बाजार बंद होने का समय यानी क्लोजिंग बेल निवेशकों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई, जिसने पिछले चार कारोबारी सत्रों की मंदी पर ब्रेक लगा दिया। शुरुआती सत्र में बिकवाली के भारी दबाव के बावजूद, दिन के निचले स्तरों से करीब 2% की मजबूत रिकवरी ने सूचकांकों को हरे निशान में पहुंचा दिया।
स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन की बात करें तो मेटल और एक्सचेंज स्पेस के प्रमुख शेयरों में तगड़ी खरीदारी दर्ज की गई:
- जेएसडब्ल्यू स्टील: इस प्रमुख मेटल शेयर में भारी लिवाली देखने को मिली और यह पांच प्रतिशत उछलकर बंद हुआ।
- बीएसई लिमिटेड: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के शेयर में भी चार प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई।
इन दिग्गज शेयरों में खरीदारी के दम पर बाजार में निवेशकों की धारणा सुधरी और सूचकांक फिर से बढ़त दर्ज करने में सफल रहे।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस में कहां दिखी हरियाली और किन सेक्टरों पर रहा बिकवाली का दबाव?
सोमवार के कारोबारी सत्र में सेक्टोरल ट्रेंड मिला-जुला रहा, जहां चुनिंदा सेक्टर्स में जमकर लिवाली हुई, वहीं कुछ भारी भरकम सेक्टर बिकवाली के झटके से जूझते नजर आए।
बाजार में खरीदारी का रुख मुख्य रूप से निम्नलिखित सेक्टर्स में केंद्रित रहा:
- मजबूत खरीदारी वाले सेक्टर्स: फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर, मेटल्स, सीमेंट, ऑयल एंड गैस, तथा चुनिंदा मिडकैप और टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया।
- सीमित बढ़त दर्ज करने वाले सेक्टर्स: फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में हल्की से मध्यम बढ़त देखने को मिली।
- सपाट रुख वाले सेक्टर्स: ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शेयर बिना किसी बड़े बदलाव के लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।
- बिकवाली के दबाव वाले सेक्टर्स: एफएमसीजी, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
कुछ बड़े सेक्टर्स में सुस्ती के बावजूद कुल मिलाकर बाजार का सेंटिमेंट चुनिंदा सेक्टर्स की मजबूती के दम पर सकारात्मक बना रहा।
वैश्विक बाजारों से कैसे संकेत मिले और ग्लोबल फ्यूचर्स का रुख क्या रहा?
भारतीय बाजार में आई रिकवरी के बीच वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत देखने को मिले। लंदन समय अनुसार सुबह 6:50 बजे तक अंतरराष्ट्रीय बाजारों का हाल इस प्रकार रहा:
- अमेरिकी फ्यूचर्स: एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही। हालांकि, डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
- एशियाई बाजार: एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत और एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि शंघाई कंपोजिट में स्थिर रुख रहा।
- यूरोपीय फ्यूचर्स: यूरो स्टॉक्स फ्यूचर्स में 0.3 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
बाजार के इस बाउंस बैक का क्या है मुख्य निष्कर्ष?
पिछले चार दिनों से जारी गिरावट के दौर के बाद भारतीय शेयर बाजार में आया यह बाउंस बैक निवेशकों के भरोसे को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यद्यपि एफएमसीजी और मीडिया जैसे कंज्यूमर सेक्टर्स पर बिकवाली का दबाव अब भी बना हुआ है, लेकिन मेटल्स, फार्मा, सीमेंट और टेक शेयरों में लौटी लिवाली ने बाजार को फिर से 22,750 के पार पहुंचा दिया है। मिले-जुले वैश्विक माहौल के बीच आने वाले कारोबारी सत्रों में सेक्टोरल रोटेशन और संस्थागत निवेशकों की चाल पर बाजार की आगे की दिशा निर्भर करेगी।