The Bonus Market Update: बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 1690 अंक टूटा, निफ्टी 22900 के नीचे
Sensex-Nifty Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को लाल निशान पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1690.23 अंक गिरकर 73,583.22 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 486.85 अंक गिरकर 22,819.60 अंक पर बंद हुआ।
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में दो प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गी। अमेरिका-ईरान संघर्ष बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है, जिससे युद्ध में कमी आने की संभावना पर संदेह पैदा हो रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर बनी रहने, रुपये की लगातार गिरती कीमत और विदेशी निधियों की निरंतर निकासी ने भी निराशा के माहौल को और बढ़ा दिया। रुपया 86 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक बार फिर सर्वकालिक निचले स्तर 94.82 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,690.23 अंक या 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 1,739.04 अंक या 2.31 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 73,534.41 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 486.85 अंक या 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे ज्यादा 4.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, उसके बाद इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इटरनल और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी गिरावट आई। इसके विपरीत, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, भारती एयरटेल और पावर ग्रिड को लाभ हुआ।
यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक सकारात्मक दायरे में स्थिर हुए। यूरोप के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि हालिया दो सत्रों की तेजी के बाद मुनाफावसूली शुरू हो गई क्योंकि एफआईआई की निरंतर बिकवाली के बीच रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया, जबकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने सप्ताहांत से पहले निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी।
अनुसंधान विश्लेषक और लिवेलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि नीतिगत बदलावों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता के जटिल मिश्रण के बीच भारतीय बाजारों में तीक्ष्ण और अस्थिर सत्र देखने को मिला, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि दबाव को और बढ़ाते हुए, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर और कमजोर हो गया, जो सतह के नीचे पनप रहे व्यापक तनाव को रेखांकित करता है।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 109.9 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 1.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 109.9 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,429.78 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। राम नवमी के कारण गुरुवार को शेयर बाजार बंद रहे। बुधवार को सेंसेक्स 1,205 अंक या 1.63 प्रतिशत बढ़कर 75,273.45 पर बंद हुआ। निफ्टी 394.05 अंक या 1.72 प्रतिशत बढ़कर 23,306.45 पर समाप्त हुआ।