सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Stock market crash India Sensex fall reasons Nifty 50 drop US Iran war impact Crude oil prices

ब्लैक फ्राइडे: शेयर बाजार पस्त, आसान सवाल-जवाब में समझें गिरावट के छह बड़े कारण

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Fri, 27 Mar 2026 12:04 PM IST
विज्ञापन
सार

27 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक डूबने के छह बड़े कारण जानें। अमेरिका-ईरान युद्ध, कच्चे तेल के दाम, गिरता रुपया और विदेशी निवेशकों की निकासी ने बाजार पर कैसे बनाया दबाव? समझें सबकुछ

Stock market crash India Sensex fall reasons Nifty 50 drop US Iran war impact Crude oil prices
बाजार में गिरावट - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

शुक्रवार यानी 27 मार्च 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक और बड़ी गिरावट वाले दिन के रूप में दर्ज हो गया। कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 1,000 से अधिक अंक गोता लगाकर 74000 के स्तर से नीचे फिसल गया, वहीं निफ्टी 50 टूटकर 23,000 के मनौवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। इस ऐतिहासिक बिकवाली से चंद मिनटों में निवेशकों को करीब पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हो गया। आइए आसान सवाल-जवाब में समझते हैं कि इस बड़ी गिरावट के छह बड़े कारण क्या हैं?

Trending Videos

सवाल: बाजार में घबराहट का पहला और सबसे बड़ा भू-राजनीतिक कारण क्या है?

जवाब: बाजार में डर का सबसे प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच गहराता युद्ध है। शांति की उम्मीद तब टूट गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए 10 दिनों के युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान ने एकतरफा और अनुचित बताकर खारिज कर दिया। निवेशकों को डर है कि होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, वहां अगर यातायात सामान्य नहीं हुआ तो वैश्विक आपूर्ति शृंखला चरमरा जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सवाल: कच्चे तेल की कीमतों ने भारतीय बाजार को कैसे प्रभावित किया?

जवाब: युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107.19 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 94.07 डॉलर पर पहुंच गया है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80-85% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए यह महंगा तेल देश में 'आयातित महंगाई' लाएगा। महंगाई बढ़ने से रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में कटौती नहीं कर पाएगा, जो शेयर बाजार के लिए एक बड़ा नकारात्मक संकेत है।

सवाल: क्या विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी बाजार का साथ छोड़ दिया है?

जवाब: बिल्कुल। विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से रिकॉर्ड ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक की पूंजी निकाल ली है। जब युद्ध जैसे संकट आते हैं, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालकर सोने, अमेरिकी ट्रेजरी और जापानी बांड जैसी सुरक्षित संपत्तियों में लगा देते हैं। जापान में बांड की यील्ड बढ़कर 1.77% हो गई है, जिससे वहां निवेश करना ज्यादा आकर्षक हो गया है।

सवाल: रुपये की ऐतिहासिक गिरावट का इस बिकवाली में क्या योगदान रहा?

जवाब: शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने 94.24 के सर्वकालिक निचले (ऑल-टाइम लो) स्तर पर पहुंच गया। रुपये की इस भारी कमजोरी से भारत के लिए कच्चा तेल और गैस खरीदना और भी महंगा हो गया है। जिन भारतीय कंपनियों ने डॉलर में कर्ज लिया है, उनकी लागत भी बढ़ जाएगी, जिससे उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।

सवाल: विदेशी बाजारों का मूड कैसा था?

जवाब: वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों की भारी बिकवाली ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा चीन पर बड़े पैमाने पर टैरिफ (टैक्स) लगाने की धमकी से नए 'ट्रेड वॉर' की आशंका पैदा हो गई है। इसके कारण अमेरिकी बाजार का सूचकांक नैस्डैक 2.38% और डाउ जोंस 1.01% गिर गया। इसके बाद दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए।

सवाल: विदेशी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट ने आग में घी कैसे डाला?

जवाब: बिकवाली के इस माहौल में ग्लोबल निवेश बैंक 'गोल्डमैन सैक्स' ने भारत की रेटिंग को ओवरवेट से घटाकर मार्केटवेट (डाउनग्रेड) कर दिया। बैंक ने महंगे तेल का हवाला देते हुए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5.9% कर दिया है। साथ ही, निफ्टी का लक्ष्य भी 29,300 से घटाकर 25,900 कर दिया गया है। इस रिपोर्ट के आते ही एल्गोरिथम ट्रेडिंग के जरिए स्वचालित बिकवाली शुरू हो गई।

27 मार्च की यह गिरावट सामान्य नहीं है। यह युद्ध, महंगे कच्चे तेल, कमजोर रुपये और एफआईआई की भारी निकासी का नतीजा है। जब तक पश्चिम के तनाव में कमी नहीं आती और कच्चे तेल के दाम 80-90 डॉलर के सुरक्षित स्तर पर नहीं लौटते, निवेशकों को बाजार में अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed