The Bonus Market Update: शेयर बाजार में बंपर उछाल; सेंसेक्स 1695 अंक चढ़ा, निफ्टी 23600 के पार पहुंचा
भारतीय शेयर बाजार में भारी उछाल। सेंसेक्स 1688 अंक चढ़कर 75,500 के पार बंद। जानिए बाजार की इस तूफानी तेजी के चार बड़े कारण। अमेरिका-ईरान शांति समझौता और कच्चे तेल में गिरावट का बाजार की चाल पर असर। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
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विस्तार
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखा गया और निवेशकों के लिए यह कारोबारी हफ्ता एक बड़ी खुशखबरी के साथ खत्म हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग दो फीसदी से ज्यादा की छलांग ने बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह से जोखिम लेने के लिए तैयार कर दिया है।
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर बाजार में इस ऐतिहासिक तेजी की वजह क्या रही और किन सेक्टर्स ने निवेशकों को मालामाल किया।
1. शेयर बाजार में आज कितनी बड़ी तेजी दर्ज की गई?
शुक्रवार के कारोबारी सत्र के अंत में, बीएसई सेंसेक्स ने 1,695.40 अंकों (2.29%) की लंबी छलांग लगाई और यह 75,527.95 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 461.31 अंक (1.99%) उछलकर 23,622.90 के पार जाकर बंद हुआ।
2. बाजार की इस तूफानी तेजी के पीछे मुख्य चार कारण क्या हैं?
बाजार में इस शानदार और आक्रामक खरीदारी के पीछे मुख्य रूप से चार फैक्टर काम कर रहे हैं:
- अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि इस वीकेंड तक अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिससे भू-राजनीतिक तनाव कम होने की भारी उम्मीद जगी है।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से गिरे हैं, जो भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है।
- ग्लोबल मार्केट्स में शानदार रैली: दुनिया भर के शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी पड़ा।
- रुपये में मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये ने शानदार वापसी की है।
3. किन सेक्टर्स और शेयरों ने निवेशकों को सबसे ज्यादा मुनाफा कराया?
मार्केट में चौतरफा खरीदारी (ब्रॉड-बेस्ड बाइंग) देखने को मिली। इंडेक्स में श्रीराम फाइनेंस के शेयर 8% तक उछले, जबकि लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) में 5% की तगड़ी तेजी दर्ज की गई। सेक्टर्स की बात करें तो रियल्टी सेक्टर ने बढ़त का नेतृत्व किया, जिसके बाद ऑटो, मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज में जमकर खरीदारी हुई। बैंक शेयरों ने बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया, जबकि एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स में भी अच्छी बढ़त रही। हालांकि, इस तूफानी तेजी के बीच आईटी सेक्टर में केवल मामूली बढ़त ही देखने को मिली।
4. रुपये और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का हाल कैसा रहा?
डॉलर के मुकाबले रुपया 72 पैसे मजबूत होकर 95.13 (प्रोविजनल) के स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी भारी हरियाली छाई रही। एशियाई बाजारों में, एशिया पैसिफिक इंडेक्स 2.6% और एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स 2.7% चढ़ा। हांगकांग का हैंग सेंग 1.7%, जापान का टॉपिक्स 1.4%, और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 1.8% की बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोप में भी यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 1.5% ऊपर थे।
5. ग्लोबल बाजार में एलन मस्क और स्पेसएक्सको लेकर क्या हलचल है?
वैश्विक बाजार की तेजी के बीच एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के ब्लॉकबस्टर आईपीओ की कीमत 135 डॉलर तय कर दी गई है। इसके चलते एलन मस्क की कुल नेटवर्थ 980 अरब डॉलर के पार पहुंच गई है। साथ ही, क्रिप्टो ट्रेडर्स अब स्पेसएक्स का वैल्यूएशन 2.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का दांव लगा रहे हैं।
यह जबरदस्त उछाल साफ तौर पर दिखाता है कि जब वैश्विक सेंटीमेंट सुधरता है और भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक खबरें आती हैं, तो भारतीय बाजार मजबूती से रिएक्ट करता है। निवेशकों की नजरें अब सीधे तौर पर इस वीकेंड होने वाले संभावित अमेरिका-ईरान समझौते पर टिकी रहेंगी।