The Bonus Market Updates: फायर या सीजफायर? जंग पर असमंजस बढ़ने से फिर टूटा बाजार, जानें सेंसेक्स-निफ्टी का हाल
The Bonus Market Updates: घरेलू शेयर बाजार में पांच दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला गुरुवार को टूट गया। सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर बंद हुए, इसका क्या कारण है, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
विस्तार
घरेलू शेयर बाजार में पांच दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला गुरुवार को टूट गया। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन सेंसेक्स 931.25 (1.20%) अंक टूटकर 76,631.65 के स्तर पर आ गया। दिन के दौरान इसमें 1,215 अंक या 1.56 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 76,347.90 पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 222.25 (0.93%) अंकों की गिरावट के साथ 23,775.10 के स्तर पर कारोबार करते हुए बंद हुआ। इस दौरान एलएंडटी और जियो फाइनेंस जैसे शेयरों में तीन-तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर स्थिति का साफ न होना रहा।
पांच दिनों बाद बाजार की बढ़त पर ब्रेक क्यों?
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच सीजफायर के एलान के बावजूद दोनों पक्षों की ओर से तनातनी भरे बयान आए। लेबनान पर इस्राइल के हमलों के जवाब में ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने के बाद युद्धविराम समझौता खतरे में दिखाई देने लगा। इससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई और इसका असर प्रमुख सूचकांकों के प्रदर्शन पर पड़ा।एशियाई और यूरोपीय बाजारों में कमजोर रुझान, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निधियों की निरंतर निकासी ने भी घरेलू बाजार में निवेशकों को चिंतित कर दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
सेंसेक्स
76,631.65
-931.25 (-1.20%)
निफ्टी
23,775.10
-222.25 (-0.93%)
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स शेयर कौन-कौन रहे?
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो, एटर्नल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं।भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लाभ कमाने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 3.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 97.85 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
डॉलर के मुकाबले रुपये का प्रदर्शन कैसा रहा?
पश्चिम एशिया में स्थिति नाजुक बनी रहने के कारण, गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 9 पैसे गिरकर 92.63 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जिससे निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने को लेकर सतर्क हैं। फॉरेक्स कारोबारियों के अनुसार अगर इस्राइल लेबनान पर बमबारी जारी रखता है तो ईरान सीजफायर की बातचीत से पीछे हट सकता है। ऐसा करने की वह धमकी तक दे चुका है। ऐसे में भू-राजनीतिक अनिश्चितता अब भी बहुत अधिक है और निवेशक मजबूत दिशात्मक रुख अपनाने के बजाय वेट एंड वॉच की स्थिति में है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.63 पर खुला, फिर गिरकर दिन के दौरान 92.92 के निचले स्तर पर पहुंच गया। सत्र के दौरान इसने दिन का उच्चतम स्तर 92.53 भी छुआ। गुरुवार को कारोबार सत्र के अंत में रुपया डॉलर के मुकाबले 92.63 पर कारोबार कर रहा था। इसमें पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 9 पैसे की गिरावट दर्ज की गई।