The Bonus Market Update: गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार; सेंसेक्स 572 अंक टूटा, निफ्टी 24600 के नीचे
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। वहीं पिछले दिन गुरुवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 899.71 अंक उछलकर 80,015.90 अंक पर बंद हुआ था, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 285.40 अंक की बढ़त के साथ 24,765.90 पर बंद हुआ था।
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष और विदेशी निधियों की निरंतर निकासी के बीच एक दिन की राहत के बाद शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी शेयर बाजारों में कमजोरी और एशियाई बाजारों में सुस्त रुझान ने भी बाजार की भावनाओं को प्रभावित किया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 572.43 अंक गिरकर 79,443.47 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 178.75 अंक गिरकर 24,587.15 पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया स्थिर रहा और 2 पैसे बढ़कर 91.62 पर पहुंच गया। यह बढ़त अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट की घोषणा के बाद हुई, जिससे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा प्रवाह पर दबाव कम हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स पैक में, आईसीआईसीआई बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा स्टील प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लाभ कमाने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 16 प्रतिशत की बढ़त हुई है, लेकिन यह पिछले भू-राजनीतिक संकटों के मुकाबले बड़ी तेजी नहीं है। इसका कारण वैश्विक बाजार में तेल की संभावित बड़ी आपूर्ति है।
उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है और बाजारों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
विजयकुमार के अनुसार, जब तक ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहती है, तब तक बाजार पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर कीमत 90 डॉलर से ऊपर बढ़कर 100 डॉलर के करीब पहुंचती है, तो इसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1 प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 84.41 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.17 प्रतिशत गिरकर 84.41 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 3,752.52 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,153.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
गुरुवार को सेंसेक्स 899.71 अंक या 1.14 प्रतिशत बढ़कर 80,015.90 पर बंद हुआ, जिससे चार दिन की गिरावट का सिलसिला समाप्त हो गया। निफ्टी 285.40 अंक या 1.17 प्रतिशत चढ़कर 24,765.90 पर बंद हुआ, जिससे तीन दिन की गिरावट का सिलसिला भी समाप्त हो गया।