The Bonus Market Update: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार; US डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ मजबूत
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय बाजार गिरावट के साथ खुला। वहीं पिछले दिन शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 187.64 अंक उछलकर 83,570.35 अंक पर बंद हुआ, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 28.75 अंक की बढ़त के साथ 25,694.35 पर बंद हुआ।
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार सोमवार को लाल निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 374.43 अंक या 0.45 प्रतिशत गिरकर 83,195.92 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 139.80 अंक या 0.54 प्रतिशत गिरकर 25,554.55 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे बढ़कर 90.72 पर पहुंच गया।
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ब्लू-चिप कंपनियों में हुई भारी बिकवाली
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। दिग्गज ब्लू-चिप कंपनियों, विशेषकर रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार का मूड खराब कर दिया। इसके अलावा, विदेशी कोषों की निरंतर निकासी और वैश्विक स्तर पर टैरिफ को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है।
रिलायंस और आईसीआईसीआई बैंक बने गिरावट के बड़े कारण
बाजार को नीचे खींचने में देश की दो सबसे बड़ी कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों का अहम योगदान रहा-
• आईसीआईसीआई बैंक: बैंक के शेयरों में 3% की गिरावट दर्ज की गई। इसका कारण बैंक का समेकित मुनाफा है, जो दिसंबर तिमाही में 2.68% गिरकर 12,537.98 करोड़ रुपये रह गया। मुनाफे में यह कमी आरबीआई द्वारा अनिवार्य किए गए 1,283 करोड़ रुपये के प्रावधान के कारण आई है, जो कृषि ऋणों को गलत तरीके से प्राथमिकता क्षेत्र के अग्रिमों के रूप में वर्गीकृत करने के चलते किया गया था। स्टैंडअलोन आधार पर बैंक का मुनाफा 4% से अधिक गिरकर 12,883 करोड़ रुपये रहा।
• रिलायंस इंडस्ट्रीज: कंपनी के शेयर 2% से अधिक टूट गए। रिलायंस ने शुक्रवार को अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए थे, जिसमें शुद्ध लाभ लगभग स्थिर (Flat) रहते हुए 18,645 करोड़ रुपये रहा। गैस उत्पादन में गिरावट और खुदरा कारोबार में कमजोरी ने अन्य क्षेत्रों के मुनाफे की भरपाई कर दी, जिससे कुल लाभ नहीं बढ़ सका।
FII की भारी बिकवाली और ग्लोबल संकेत
घरेलू कारकों के अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रवैया भी बाजार पर भारी पड़ रहा है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को FII ने 4,346.13 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,935.31 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
वैश्विक तनाव और 'ट्रंप टैरिफ' एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, "निरंतर FII निकासी, वैश्विक टैरिफ अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण बाजार में बढ़त सीमित रहने की उम्मीद है, जिससे जोखिम लेने की क्षमता सतर्क बनी हुई है"।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के सीनियर वीपी (रिसर्च), प्रशांत तापसे ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा ने वैश्विक घबराहट को बढ़ा दिया है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की बात कही है, जिसके तहत जून तक दरें 10% से बढ़कर 25% हो जाएंगी, जब तक कि ग्रीनलैंड डील पर कोई समझौता नहीं हो जाता।
किन शेयरों में रही हलचल?
सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और भारती एयरटेल पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, टेक महिंद्रा, इंटरग्लोब एविएशन, एक्सिस बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने गिरावट के बावजूद बढ़त दर्ज की।
एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और शंघाई का कंपोजिट इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे,। ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.16% की मामूली बढ़त के साथ 64.23 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शुक्रवार को सेंसेक्स 187.64 अंक चढ़कर 83,570.35 पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार की गिरावट ने उस बढ़त को गंवा दिया है। रिलायंस और बैंकिंग सेक्टर के नतीजों ने फिलहाल बाजार के सेंटीमेंट को नकारात्मक कर दिया है, और निवेशक अब आगामी बजट और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।