Gold-Silver Price: चांदी की कीमतों में 10000 रुपये का उछाल, सोना 1.57 लाख रुपये पर पहुंचा, जानें आज का अपडेट
Gold Silver Rates Today: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। चांदी 9950 रुपये महंगी हुई, वहीं सोना 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। जानिए आज का अपडेट।
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Sone Chandi ka Aaj ka Rate: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी जारी की गई है। चांदी 9950 रुपये की बढ़त के साथ 2.52 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। सोने का भाव बढ़कर 1.57 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वायदा कारोबार में सोने की कीमतें 1,315 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं। यह बढ़ोतरी अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से पनपे भू-राजनीतिक तनाव के बीच मजबूत वैश्विक रुझानों के चलते हुई, जिससे सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली सोने की कीमत में तेजी आई।
एमसीक्स पर सोने-चांदी का भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर, अप्रैल डिलीवरी के लिए पीले धातु की कीमत 1,315 रुपये या 0.85 प्रतिशत बढ़कर 1,56,134 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जिसमें 7,355 लॉट का कारोबार हुआ। दूसरी ओर, एमसीक्स पर चांदी की कीमत 5,107 रुपये या 2% बढ़कर 2.46 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की तुलना में चांदी में कहीं अधिक तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। MCX पर चांदी की कीमतें एक समय ऐतिहासिक उछाल के साथ 4,20,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं, लेकिन उसके बाद इसमें भारी गिरावट आई और फिलहाल यह 2.41 लाख रुपये के करीब ट्रेड कर रही है। इंडस्ट्री की मांग, ग्लोबल मार्केट में बदलाव और निवेशक सेंटीमेंट को इस अस्थिरता का प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि दीर्घकालिक निवेशक इस गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में दिखी मजबूती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में मजबूती देखी गई। कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स में 49.55 अमेरिकी डॉलर या 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 5,046.95 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 0.67% की तेजी के साथ 78.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान वार्ता में ठोस प्रगति न होने से सेफ-हेवन खरीदारी बढ़ी है, जिससे कीमती धातुओं को समर्थन मिला। इसके अलावा, 19 फरवरी को प्रकाशित ऑगमोंट बुलियन की रिपोर्ट में कहा गया कि लूनर न्यू ईयर अवकाश के दौरान एशियाई बाजारों में कम लिक्विडिटी के कारण गोल्ड मार्केट कंसोलिडेशन फेज में रहा और कीमतों की चाल पर टेक्निकल फैक्टर्स का असर ज्यादा देखने को मिला।