पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री: एक जगह मिलेगी बीमा से जुड़ी हर जानकारी, ग्राहक को क्या फायदा होगा?
कल्पना कीजिए कि आपके पास जीवन बीमा किसी एक कंपनी का है, स्वास्थ्य बीमा किसी दूसरी कंपनी से है, मोटर पॉलिसी किसी और माध्यम से ली गई है और घर के किसी कोने में कोई पुरानी कागजी पॉलिसी दबी पड़ी है।
विस्तार
जब क्लेम लेने की बारी आती है या परिवार के किसी सदस्य को अचानक जरूरत पड़ती है, तो इन सबको खोजना किसी चुनौती से कम नहीं होता। बीमा नियामक इरडा इसी बड़ी समस्या का समाधान करने के लिए पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री (PIR) लेकर आ रहा है।
एक ही जगह पर सभी पॉलिसियां
अभी तक स्थिति यह होती है कि पॉलिसी के दस्तावेज ईमेल, फिजिकल फाइल या अलग-अलग कंपनियों के एप्स में बिखरे रहते हैं। पीआईआर के जरिये एक ऐसा कंसोलिडेटेड डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जहां एक ही जगह पर आपको अपनी तमाम पॉलिसियों, कवर, प्रीमियम और नॉमिनी की पूरी जानकारी मिल जाएगी। इससे आप यह भी आसानी से देख सकेंगे कि आपके पास कौन-सा कवरेज कम है या आप कौन-सी पॉलिसी जरूरत से ज्यादा ले चुके हैं।
भूली या लावारिस पॉलिसियों का लगेगा पता
यह इस योजना का सबसे बड़ा फायदा साबित हो सकता है। कई बार लोग पुरानी पॉलिसी भूल जाते हैं या परिवार के सदस्यों को उसके बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। इस सेंट्रल रजिस्ट्री की मदद से नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी आसानी से यह खोज सकेंगे कि मृतक के नाम पर कौन-कौन-सी एक्टिव या लावारिस पॉलिसियां थीं। इससे क्लेम का पैसा सही समय पर सही हाथों तक पहुंच सकेगा।
यूपीआई और डिजिलॉकर की तर्ज पर तैयारी
इरडा का यह प्रस्ताव देश के अन्य सफल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे JAM ट्रिनिटी, यूपीआई, डिजिलॉकर और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) की तर्ज पर तैयार किया गया है। नियामक का उद्देश्य बीमा सेक्टर को कागजी कार्रवाई से निकालकर पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और तकनीक-आधारित बनाना है। इसमें ग्राहकों की सहमति के आधार पर डाटा सुरक्षित तरीके से साझा किया जाएगा।
ग्राहक को क्या होगा फायदा?
- समय पर प्रीमियम भरना, रिन्यूअल ट्रैक करना आसान होगा, जिससे पॉलिसी लैप्स होने का खतरा टलेगा।
- बार-बार अलग-अलग कंपनियों के पास केवाईसी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- इस प्रस्ताव में 'नो योर एजेंट' फीचर भी होगा, जिससे आप किसी भी एजेंट का ट्रैक रिकॉर्ड जांच सकेंगे।