हादसा: अकासा एयर के विमान का कोलकाता में टेल स्ट्राइक, जांच शुरू; जानिए क्या अपडेट
- अकासा एयर के अहमदाबाद-कोलकाता उड़ान QP 1925 को कोलकाता हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान टेल स्ट्राइक का सामना करना पड़ा।
- सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन विमान विस्तृत जांच के लिए खड़ा है।
विस्तार
अकासा एयर के एक विमान को कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरते समय टेल स्ट्राइक का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद से आ रही उड़ान QP 1925 के साथ यह घटना शनिवार सुबह हुई। विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया। सूत्रों के अनुसार, विमान अब विस्तृत निरीक्षण के लिए कोलकाता हवाई अड्डे पर खड़ा है।
अकासा एयर ने एक बयान में बताया कि उड़ान ने पहले 'गो-अराउंड' किया था। इसके बाद विमान ने सुरक्षित रूप से लैंडिंग की। एयरलाइन ने पुष्टि की कि सभी यात्री सुरक्षित उतर गए। उड़ान के बाद के निरीक्षण में इस घटना का पता चला। संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। यह जानकारी फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com पर भी उपलब्ध है। विमान सुबह करीब 7:40 बजे उतरा था।
विमान के साथ क्या हुआ था?
अकासा एयर की उड़ान QP 1925 अहमदाबाद से कोलकाता जा रही थी। कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरते समय विमान ने 'गो-अराउंड' प्रक्रिया अपनाई। 'गो-अराउंड' का अर्थ है कि पायलट लैंडिंग रद करके दोबारा उतरने का प्रयास करता है। दोबारा प्रयास के बाद विमान सुरक्षित उतर गया। हालांकि, बाद में हुए निरीक्षण में पता चला कि विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया था। यह घटना शनिवार सुबह हुई थी। इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कौन सा विमान था और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
घटनाग्रस्त विमान बोइंग 737 MAX 8 था। यह विमान अकासा एयर के बेड़े का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, इस विमान को अब कोलकाता हवाई अड्डे पर खड़ा कर दिया गया है। यह विस्तृत जांच के दायरे में है। अकासा एयर ने अपने बयान में कहा कि स्थापित नियमों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है। विमानन नियामक इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। इस जांच में विमान के ब्लैक बॉक्स डेटा का विश्लेषण भी शामिल होगा।
यात्रियों की सुरक्षा और आगे की कार्रवाई क्या होगी?
एयरलाइन ने बताया कि विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रूप से उतर गए। यह यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर थी। विमान में कितने यात्री सवार थे, इसका विवरण अभी तक पता नहीं चल सका है। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत, ऐसी घटनाओं की विस्तृत जांच की जाती है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है। विमानन सुरक्षा एजेंसियां इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेती हैं।