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Business Updates: यूपीआई से निकाल सकेंगे पीएफ धनराशि; बैंक ऑफ बड़ौदा का कार लोन 0.30 फीसदी सस्ता
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 10 Feb 2026 08:08 AM IST
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बिजनेस अपडेट
- फोटो : अमर उजाला
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अंशधारक इस साल अप्रैल से नए मोबाइल फोन एप के जरिये यूपीआई से पीएफ राशि सीधे बैंक खातों में भेज सकेंगे। साथ ही, पासबुक देखने समेत अन्य सेवाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। श्रम मंत्रालय की योजना के तहत ईपीएफ का निश्चित हिस्सा सुरक्षित कर दिया जाएगा, जबकि बड़ा हिस्सा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये निकासी के लिए उपलब्ध होगा। अंशधारक एप से अपने बैंक खातों में हस्तांतरण के लिए उपलब्ध ईपीएफ शेष राशि देख सकेंगे। उन्हें लेनदेन पूरा करने के लिए यूपीआई पिन के उपयोग की अनुमति दी जाएगी, जिससे धन का सुरक्षित हस्तांतरण सुनिश्चित होगा। ईपीएफओ सेवा का अभी परीक्षण कर रहा है।
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एमएसई: गारंटीमुक्त ऋण की सीमा 25 लाख रुपये तक बढ़ी
आरबीआई ने सोमवार को कहा, बैंक बेहतर पृष्ठभूमि और मजबूत वित्तीय स्थिति वाली सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों (एमएसई) को 25 लाख रुपये तक का गारंटीमुक्त ऋण दे सकते हैं। इसके अलावा, बैंक जहां लागू हो वहां, क्रेडिट गारंटी योजना के कवर का लाभ भी उठा सकते हैं। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण से संबंधित निर्देशों में संशोधन किया है। ये संशोधित निर्देश एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे।
आरबीआई ने बताया, मौजूदा नियमों में संशोधन कर सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए बिना गारंटी वाले ऋण की अनिवार्य सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। संशोधित निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर ऋण लेने वाला व्यक्ति बिना गारंटी वाली सीमा तक के कर्ज के लिए अपनी मर्जी से सोना या चांदी गिरवी रखता है, तो इसे उपरोक्त नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। नियमों में इन संशोधनों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए आरबीआई ने कहा, इसका उद्देश्य उन सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण वितरण की अंतिम कड़ी को मजबूत करना है, जिनके पास गारंटी के तौर पर गिरवी रखने के लिए सीमित संपत्ति है।
आरबीआई ने सोमवार को कहा, बैंक बेहतर पृष्ठभूमि और मजबूत वित्तीय स्थिति वाली सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों (एमएसई) को 25 लाख रुपये तक का गारंटीमुक्त ऋण दे सकते हैं। इसके अलावा, बैंक जहां लागू हो वहां, क्रेडिट गारंटी योजना के कवर का लाभ भी उठा सकते हैं। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण से संबंधित निर्देशों में संशोधन किया है। ये संशोधित निर्देश एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे।
आरबीआई ने बताया, मौजूदा नियमों में संशोधन कर सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए बिना गारंटी वाले ऋण की अनिवार्य सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। संशोधित निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर ऋण लेने वाला व्यक्ति बिना गारंटी वाली सीमा तक के कर्ज के लिए अपनी मर्जी से सोना या चांदी गिरवी रखता है, तो इसे उपरोक्त नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। नियमों में इन संशोधनों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए आरबीआई ने कहा, इसका उद्देश्य उन सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण वितरण की अंतिम कड़ी को मजबूत करना है, जिनके पास गारंटी के तौर पर गिरवी रखने के लिए सीमित संपत्ति है।
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बैंक ऑफ बड़ौदा: कार लोन 0.30 फीसदी सस्ता
बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) ने सोमवार को कार लोन पर ब्याज दरों में 0.30 फीसदी की कटौती करने की घोषणा की। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। बैंक ने कहा, उसकी परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर अब 7.6 फीसदी सालाना से शुरू होगी। इसके अलावा, वह बड़ौदा कार लोन पर आकर्षक निश्चित ब्याज दर की भी पेशकश कर रहा है, जो 8.5 फीसदी सालाना से शुरू होती है।
बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) ने सोमवार को कार लोन पर ब्याज दरों में 0.30 फीसदी की कटौती करने की घोषणा की। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। बैंक ने कहा, उसकी परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर अब 7.6 फीसदी सालाना से शुरू होगी। इसके अलावा, वह बड़ौदा कार लोन पर आकर्षक निश्चित ब्याज दर की भी पेशकश कर रहा है, जो 8.5 फीसदी सालाना से शुरू होती है।
देश का खाद्य तेल उत्पादन 96 लाख टन
विपणन वर्ष 2025-26 में देश में खाद्य तेल उत्पादन 96 लाख टन होने का अनुमान है। भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा, कुल उत्पादन भारतीय जरूरतों का करीब 40 फीसदी है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए करीब 1.67 करोड़ टन खाद्य तेल का आयात करना होगा। उन्होंने कहा, 2024-25 में 1.6 करोड़ टन खाद्य तेलों का आयात किया गया था।
विपणन वर्ष 2025-26 में देश में खाद्य तेल उत्पादन 96 लाख टन होने का अनुमान है। भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा, कुल उत्पादन भारतीय जरूरतों का करीब 40 फीसदी है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए करीब 1.67 करोड़ टन खाद्य तेल का आयात करना होगा। उन्होंने कहा, 2024-25 में 1.6 करोड़ टन खाद्य तेलों का आयात किया गया था।
मारुति ने रेलवे से रिकॉर्ड 5.85 लाख वाहन भेजे
मारुति सुजुकी इंडिया ने रेलवे के माध्यम से 2025 में 5.85 लाख से अधिक वाहनों को भेजा। यह 2024 की तुलना में 18 फीसदी अधिक है। कंपनी ने कहा, आपूर्ति में रेल परिवहन की उसकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। यह 2016 के 5.1 फीसदी से बढ़कर 2025 में 26 फीसदी हो गई है। इससे कार्बन उत्सर्जन और देश के तेल आयात में उल्लेखनीय कमी आई है। सड़क पर लगने वाला जाम भी कम हुआ है।
मारुति सुजुकी इंडिया ने रेलवे के माध्यम से 2025 में 5.85 लाख से अधिक वाहनों को भेजा। यह 2024 की तुलना में 18 फीसदी अधिक है। कंपनी ने कहा, आपूर्ति में रेल परिवहन की उसकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। यह 2016 के 5.1 फीसदी से बढ़कर 2025 में 26 फीसदी हो गई है। इससे कार्बन उत्सर्जन और देश के तेल आयात में उल्लेखनीय कमी आई है। सड़क पर लगने वाला जाम भी कम हुआ है।
यूलर मोटर्स का चार्जिंग इन्फ्रा के लिए जियो-बीपी से करार
इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन बनाने वाली कंपनी यूलर मोटर्स ने सोमवार को कहा, उसने भारत में उच्च मांग वाले लॉजिस्टिक केंद्र में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए जियो-बीपी के साथ समझौता किया है। इस रणनीतिक साझेदारी का मकसद देश में फ्लीट परिचालकों और उपयोगकर्ताओं के लिए चार्जिंग की पहुंच में सुधार करके ई-वाणिज्यिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
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बजाज इलेक्ट्रिकल्स को 34.1 करोड़ का घाटा
बजाज इलेक्ट्रिकल्स को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 34.10 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ है। सकल लाभ मार्जिन में कमी और नई श्रम संहिताओं के प्रभाव के कारण उसे यह घाटा उठाना पड़ा। कंपनी ने बताया, इस दौरान उसका परिचालन राजस्व 18.5 फीसदी घटकर 1,050.91 करोड़ रह गया।
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