UK: अमीरों के देश छोड़ने पर बोले ब्रिटिश मंत्री, कहा- ये चिंता की बात, पर केवल पैसे वालों का हित नहीं देख सकते
ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य मंत्री पीटर काइल ने चिंता जताई कि देश के कुछ सबसे अमीर लोग, जिनमें भारतीय मूल के अरबपति स्टील उद्योगपति लक्ष्मी एन मित्तल भी शामिल हैं ब्रिटेन छोड़ रहे हैं। काइल ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति महसूस करता है कि उसे यूके छोड़ना पड़ेगा ताकि वह आगे बढ़ सके, तो यह चिंता की बात है। ब्रिटिश मंत्री ने आगे क्या कहा, आइए विस्तार से जानते हैं।
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विस्तार
ब्रिटेन में लेबर सरकार की टैक्स नीतियों का असर अब साफ नजर आने लगा है। ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य मंत्री पीटर काइल ने स्वीकार किया है कि देश के कुछ सबसे अमीर लोग, जिनमें भारतीय मूल के अरबपति स्टील उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल भी शामिल हैं ब्रिटेन छोड़ रहे हैं। काइल ने कहा कि शीर्ष अमीर वर्ग का देश छोड़ना चिंताजनक है।
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मित्तल ने अपनी टैक्स रेजिडेंसी स्विट्जरलैंड में शिफ्ट की
काइल से पूछा गया था कि सप्ताहांत में आई उस मीडिया रिपोर्ट पर उनकी क्या राय है, जिसमें दावा किया गया था कि मित्तल ने अपनी टैक्स रेजिडेंसी स्विट्जरलैंड में शिफ्ट कर ली है और जल्द ही वे दुबई जाने की योजना बना रहे हैं।
काइल ने दिया यह तर्क
काइल ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति महसूस करता है कि उसे यूके छोड़ना पड़ेगा, ताकि वह आगे बढ़ सके, तो यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि मुद्दा सिर्फ अरबपतियों का नहीं है। हम अभी उस दौर से निकले हैं, जब हजारों डॉक्टर देश छोड़कर चले गए। मैं नहीं चाहता कि हम सिर्फ अरबपतियों पर ध्यान दें, क्योंकि कई दूसरे लोग भी मजबूर होकर यूके छोड़ रहे हैं। काइल ने यह भी साफ किया कि समस्या सिर्फ टैक्स तक सीमित नहीं है। कई उद्यमी और स्टार्टअप फाउंडर अमेरिका चले गए, क्योंकि उन्हें यहां बढ़ने के लिए जरूरी फंडिंग नहीं मिली। हमने मार्केट को फिर से मजबूत करके इस तरह की मजबूरी को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया है।
क्या लेबर पार्टी की कर व्यवस्था अति-धनवानों के पलायन का कारण?
जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार मानती है कि लेबर पार्टी की कर व्यवस्था ही अति-धनवानों के पलायन का कारण है, तो उन्होंने जवाब दिया कि हां, मैं मानता हूं। मैं इस तथ्य से मुंह नहीं मोड़ूंगा कि हमने कर बढ़ाए हैं और हमने गैर-निवासी लोगों के लिए कुछ रास्ते बंद कर दिए हैं।
मित्तल हैं ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर उद्यमी
मित्तल देश छोड़ने वाले उन प्रमुख उद्यमियों में शामिल हैं, जिनका नाम ‘द संडे टाइम्स’ ने हाल में प्रकाशित रिपोर्ट में दिया है। वार्षिक अमीर सूची के अनुसार मित्तल की अनुमानित संपत्ति 15.4 बिलियन पाउंड है।
इनहेरिटेंस टैक्स है सबसे बड़ी समस्या
आर्सेलर मित्तल के संस्थापक और ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति मित्तल के सलाहकार ने कहा कि समस्या इनकम टैक्स या कैपिटल गेन टैक्स नहीं, बल्कि इनहेरिटेंस टैक्स है। ब्रिटेन में मौत के बाद संपत्ति पर 40% तक टैक्स लगता है, जबकि स्विट्जरलैंड और दुबई में इस पर कोई कर नहीं है। इस वजह से कई विदेशी अमीरों को ब्रिटेन छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं दिख रहा।
दूसरा बजट पेश करने के बीच आया यह विवाद
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चांसलर रैचल रीव्स बुधवार को अपना दूसरा बजट पेश करने वाली हैं। अनुमान है कि सरकार लगभग 20 अरब पाउंड की कमी को पूरा करने के लिए और टैक्स बढ़ा सकती है। इस बीच खजाना विभाग पर बजट से पहले लगातार टैक्स-संबंधी लीक के आरोप लग रहे हैं, जिन पर विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी जांच की मांग कर रही है।