फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   British minister spoke on the rich leaving the country, saying, This is a matter of concern

UK: अमीरों के देश छोड़ने पर बोले ब्रिटिश मंत्री, कहा- ये चिंता की बात, पर केवल पैसे वालों का हित नहीं देख सकते

Tue, 25 Nov 2025 04:40 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Tue, 25 Nov 2025 04:40 PM IST
सार

ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य मंत्री पीटर काइल ने चिंता जताई कि देश के कुछ सबसे अमीर लोग, जिनमें भारतीय मूल के अरबपति स्टील उद्योगपति लक्ष्मी एन मित्तल भी शामिल हैं ब्रिटेन छोड़ रहे हैं। काइल ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति महसूस करता है कि उसे यूके छोड़ना पड़ेगा ताकि वह आगे बढ़ सके, तो यह चिंता की बात है। ब्रिटिश मंत्री ने आगे क्या कहा, आइए विस्तार से जानते हैं। 

विज्ञापन
British minister spoke on the rich leaving the country, saying, This is a matter of concern
ब्रिटेन - फोटो : Adobestock

विस्तार

ब्रिटेन में लेबर सरकार की टैक्स नीतियों का असर अब साफ नजर आने लगा है। ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य मंत्री पीटर काइल ने स्वीकार किया है कि देश के कुछ सबसे अमीर लोग, जिनमें भारतीय मूल के अरबपति स्टील उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल भी शामिल हैं ब्रिटेन छोड़ रहे हैं। काइल ने कहा कि शीर्ष अमीर वर्ग का देश छोड़ना चिंताजनक है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Report: क्या अमेरिका के ऑयल टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था दबाव में? जीटीआरआई की रिपोर्ट में छिपा बड़ा संकेत

विज्ञापन

मित्तल ने अपनी टैक्स रेजिडेंसी स्विट्जरलैंड में शिफ्ट की 

काइल से पूछा गया था कि सप्ताहांत में आई उस मीडिया रिपोर्ट पर उनकी क्या राय है, जिसमें दावा किया गया था कि मित्तल ने अपनी टैक्स रेजिडेंसी स्विट्जरलैंड में शिफ्ट कर ली है और जल्द ही वे दुबई जाने की योजना बना रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

काइल ने दिया यह तर्क

काइल ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति महसूस करता है कि उसे यूके छोड़ना पड़ेगा, ताकि वह आगे बढ़ सके, तो यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि मुद्दा सिर्फ अरबपतियों का नहीं है। हम अभी उस दौर से निकले हैं, जब हजारों डॉक्टर देश छोड़कर चले गए। मैं नहीं चाहता कि हम सिर्फ अरबपतियों पर ध्यान दें, क्योंकि कई दूसरे लोग भी मजबूर होकर यूके छोड़ रहे हैं। काइल ने यह भी साफ किया कि समस्या सिर्फ टैक्स तक सीमित नहीं है। कई उद्यमी और स्टार्टअप फाउंडर अमेरिका चले गए, क्योंकि उन्हें यहां बढ़ने के लिए जरूरी फंडिंग नहीं मिली। हमने मार्केट को फिर से मजबूत करके इस तरह की मजबूरी को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया है।

क्या लेबर पार्टी की कर व्यवस्था अति-धनवानों के पलायन का कारण?

जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार मानती है कि लेबर पार्टी की कर व्यवस्था ही अति-धनवानों के पलायन का कारण है, तो उन्होंने जवाब दिया कि हां, मैं मानता हूं। मैं इस तथ्य से मुंह नहीं मोड़ूंगा कि हमने कर बढ़ाए हैं और हमने गैर-निवासी लोगों के लिए कुछ रास्ते बंद कर दिए हैं।

मित्तल हैं ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर उद्यमी

मित्तल देश छोड़ने वाले उन प्रमुख उद्यमियों में शामिल हैं, जिनका नाम ‘द संडे टाइम्स’ ने हाल में प्रकाशित रिपोर्ट में दिया है। वार्षिक अमीर सूची के अनुसार मित्तल की  अनुमानित संपत्ति 15.4 बिलियन पाउंड है। 

इनहेरिटेंस टैक्स है सबसे बड़ी समस्या 

आर्सेलर मित्तल के संस्थापक और ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति मित्तल के सलाहकार ने कहा कि समस्या इनकम टैक्स या कैपिटल गेन टैक्स नहीं, बल्कि इनहेरिटेंस टैक्स है। ब्रिटेन में मौत के बाद संपत्ति पर 40% तक टैक्स लगता है, जबकि स्विट्जरलैंड और दुबई में इस पर कोई कर नहीं है। इस वजह से कई विदेशी अमीरों को ब्रिटेन छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं दिख रहा।

दूसरा बजट पेश करने के बीच आया यह विवाद 

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चांसलर रैचल रीव्स बुधवार को अपना दूसरा बजट पेश करने वाली हैं। अनुमान है कि सरकार लगभग 20 अरब पाउंड की कमी को पूरा करने के लिए और टैक्स बढ़ा सकती है। इस बीच खजाना विभाग पर बजट से पहले लगातार टैक्स-संबंधी लीक के आरोप लग रहे हैं, जिन पर विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी जांच की मांग कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed