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Biz Updates: महंगाई के बीच बढ़ सकती हैं ब्याज दरें, जून से महंगा हो सकता है लोन; LIC का मुनाफा 23 फीसदी बढ़ा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रिया दुबे
Updated Fri, 22 May 2026 10:27 AM IST
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लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के बाद अब ब्याज दरें भी आपकी जेब ढीली करने वाली हैं। आरबीआई जून यानी अगले महीने से ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड के अर्थशास्त्रियों ने बृहस्पतिवार को नोट में कहा, ईरान संकट के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई पर बढ़ते जोखिम को देखते हुए आरबीआई जून से ही ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर सकता है। इसके बाद अगस्त में भी एक बढ़ोतरी होगी। अर्थशास्त्री अनुभूति सहाय और सौरभ आनंद ने कहा, वैशि्वक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अन्य एशियाई केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरें बढ़ाने से आरबीआई पर भी दबाव बढ़ रहा है।
दोनों अर्थशास्त्रियों ने कहा, मौजूदा हालात को देखते हुए आरबीआई रेपो दर में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है, जिसे जून और अगस्त के बीच बराबर बांटा जाएगा। हालांकि, अगर 3 जून से होने वाली आरबीआई की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दर में वृद्धि नहीं हुई, तो अगस्त में एक साथ 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की जा सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो आपके कार, होम और पर्सनल लोन की मासिक किस्त (ईएमआई) बढ़ जाएगी।
अर्थशास्त्रियों ने नोट में आगे कहा, अगर कमोडिटी की कीमतों पर लगातार दबाव और कमजोर रुपये की वजह से महंगाई उम्मीद से ज्यादा बढ़ती है, तो आरबीआई मार्च के आखिर तक रेपो दर में 25 से 50 आधार अंकों की और बढ़ोतरी कर सकता है।
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दोनों अर्थशास्त्रियों ने कहा, मौजूदा हालात को देखते हुए आरबीआई रेपो दर में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है, जिसे जून और अगस्त के बीच बराबर बांटा जाएगा। हालांकि, अगर 3 जून से होने वाली आरबीआई की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दर में वृद्धि नहीं हुई, तो अगस्त में एक साथ 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की जा सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो आपके कार, होम और पर्सनल लोन की मासिक किस्त (ईएमआई) बढ़ जाएगी।
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अर्थशास्त्रियों ने नोट में आगे कहा, अगर कमोडिटी की कीमतों पर लगातार दबाव और कमजोर रुपये की वजह से महंगाई उम्मीद से ज्यादा बढ़ती है, तो आरबीआई मार्च के आखिर तक रेपो दर में 25 से 50 आधार अंकों की और बढ़ोतरी कर सकता है।
एलआईसी का मुनाफा 23 फीसदी बढ़कर 23,420 करोड़ रुपये पहुंचा
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में शुद्ध मुनाफा 23 फीसदी बढ़कर 23,420 करोड़ रुपये पहुंच गया। प्रीमियम आय 11,069 करोड़ से बढ़कर 12,970 करोड़ पहुंच गई। एलआईसी ने बृहस्पतिवार को कहा, उसकी नवीकरण प्रीमियम से आय 79,138 करोड़ से बढ़कर 81,933 करोड़ हो गई। कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर 10 रुपये का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है।
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में शुद्ध मुनाफा 23 फीसदी बढ़कर 23,420 करोड़ रुपये पहुंच गया। प्रीमियम आय 11,069 करोड़ से बढ़कर 12,970 करोड़ पहुंच गई। एलआईसी ने बृहस्पतिवार को कहा, उसकी नवीकरण प्रीमियम से आय 79,138 करोड़ से बढ़कर 81,933 करोड़ हो गई। कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर 10 रुपये का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है।
भारतीय कंपनियों का दूसरे देशों में निवेश दोगुना होकर 3.4 अरब डॉलर
भारतीय कंपनियों ने अप्रैल में दूसरे देशों में कुल करीब 3.40 अरब डॉलर का निवेश किया। यह आंकड़ा मार्च के 1.61 अरब डॉलर की तुलना मंे दोगुना है। अप्रैल, 2025 में भारतीय कंपनियों का दूसरे देशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 1.96 अरब डॉलर रहा था। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान संघर्ष से उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव और रुपये में तेज गिरावट के बावजूद भारतीय कंपनियों के विदेशी निवेश में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कोफोर्ज के निवेश के कारण हुई। बीते माह शीर्ष पांच कंपनियों की हिस्सेदारी इक्विटी के जरिये कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 86 फीसदी रही। इसमें कोफोर्ज के दो निवेश सौदे शामिल हैं, जिनकी राशि क्रमश: 1.37 अरब डॉलर और 99.4 करोड़ डॉलर रही। कोफोर्ज के बाद ल्यूपिन का निवेश 22.9 करोड़ डॉलर, विंगिफाई सॉफ्टवेयर का 15.68 करोड़ डॉलर, नैक ग्लोबल का 8.29 करोड़ डॉलर और क्लार टेक्नोलॉजी इंडिया का 5.40 करोड़ डॉलर रहा। बॉन्ड और गारंटी सहित कुल वित्तीय प्रतिबद्धता 11 फीसदी बढ़ी।
भारतीय कंपनियों ने अप्रैल में दूसरे देशों में कुल करीब 3.40 अरब डॉलर का निवेश किया। यह आंकड़ा मार्च के 1.61 अरब डॉलर की तुलना मंे दोगुना है। अप्रैल, 2025 में भारतीय कंपनियों का दूसरे देशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 1.96 अरब डॉलर रहा था। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान संघर्ष से उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव और रुपये में तेज गिरावट के बावजूद भारतीय कंपनियों के विदेशी निवेश में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कोफोर्ज के निवेश के कारण हुई। बीते माह शीर्ष पांच कंपनियों की हिस्सेदारी इक्विटी के जरिये कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 86 फीसदी रही। इसमें कोफोर्ज के दो निवेश सौदे शामिल हैं, जिनकी राशि क्रमश: 1.37 अरब डॉलर और 99.4 करोड़ डॉलर रही। कोफोर्ज के बाद ल्यूपिन का निवेश 22.9 करोड़ डॉलर, विंगिफाई सॉफ्टवेयर का 15.68 करोड़ डॉलर, नैक ग्लोबल का 8.29 करोड़ डॉलर और क्लार टेक्नोलॉजी इंडिया का 5.40 करोड़ डॉलर रहा। बॉन्ड और गारंटी सहित कुल वित्तीय प्रतिबद्धता 11 फीसदी बढ़ी।
आईटीसी का मुनाफा घटकर 5,469 करोड़ रुपये हुआ
आईटीसी लि. का 2025-26 की मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 5,469.74 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 19,807.88 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था। परिचालन आय 20,176.41 करोड़ रुपये रही, जबकि उत्पाद बिक्री से कमाई 23,625.69 करोड़ रही। सिगरेट कारोबार ने कंपनी को मजबूत सहारा दिया, जिसकी आय 32 फीसदी बढ़कर 11,066 करोड़ रुपये रही। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर आठ रुपये के अंतिम लाभांश की भी घोषणा की है।
आईटीसी लि. का 2025-26 की मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 5,469.74 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 19,807.88 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था। परिचालन आय 20,176.41 करोड़ रुपये रही, जबकि उत्पाद बिक्री से कमाई 23,625.69 करोड़ रही। सिगरेट कारोबार ने कंपनी को मजबूत सहारा दिया, जिसकी आय 32 फीसदी बढ़कर 11,066 करोड़ रुपये रही। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर आठ रुपये के अंतिम लाभांश की भी घोषणा की है।
इमामी का मुनाफा घटकर 143 करोड़ रुपये हुआ
घरेलू एफएमसीजी कंपनी इमामी लि. का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में घटकर 143 करोड़ रुपये रह गया। परिचालन आय चार फीसदी घटकर 925 करोड़ रह गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 5 फीसदी की गिरावट आई। कंपनी ने 10 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया है। इमामी के वाइस चेयरमैन और एमडी हर्ष अग्रवाल ने कहा, कमजोर मौसमी स्थितियों और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू कारोबार में मजबूती आई।
घरेलू एफएमसीजी कंपनी इमामी लि. का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में घटकर 143 करोड़ रुपये रह गया। परिचालन आय चार फीसदी घटकर 925 करोड़ रह गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 5 फीसदी की गिरावट आई। कंपनी ने 10 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया है। इमामी के वाइस चेयरमैन और एमडी हर्ष अग्रवाल ने कहा, कमजोर मौसमी स्थितियों और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू कारोबार में मजबूती आई।