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Biz Updates: ब्रिटेन से 15 वर्षों में 3.78 लाख कारें आएंगी भारत, आयात पर टैक्स दरें होंगी कम
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:04 AM IST
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स
- फोटो : amarujala.com
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भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत आने वाले पहले 15 वर्षों में भारत ब्रिटेन से कुल 3.78 लाख पारंपरिक पेट्रोल और डीजल इंजन वाली यात्री कारों के आयात की अनुमति देगा। इसमें सिर्फ महंगी या खास कारें ही नहीं, बल्कि आम लोगों के इस्तेमाल वाली सस्ती और मध्यम श्रेणी कारें भी शामिल होंगी। इन कारों को भारत में लाने पर सामान्य कर (टैक्स) की तुलना में कम सीमा शुल्क देना होगा।
इस समझौते के तहत कारों और दूसरे वाहनों के आयात पर लगने वाला कर (टैरिफ) लगभग 110 फीसदी से घटकर 10 फीसदी तक हो जाएगा। साथ ही दोनों देशों के बीच तय सीमा के अनुसार ही गाड़ियों के आयात और निर्यात की अनुमति दी जाएगी, यानी एक निश्चित संख्या (कोटा) से ज्यादा गाड़ियां नहीं लाई या भेजी जा सकेंगी।
बुधवार को जारी इंडिया-ब्रिटेन सीईटीए दस्तावेज के अनुसार, भारत को ब्रिटेन के इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन वाली यात्री कारों के बाजार में छठे वर्ष से बिना किसी शुल्क के निर्यात करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा उन कारों पर लागू होगी, जिनकी कीमत 20 हजार से 80 हजार ब्रिटिश पाउंड के बीच है। धीरे-धीरे इस योजना के तहत निर्यात का कोटा बढ़ता जाएगा और 15वें वर्ष तक यह बढ़कर 88 हजार गाड़ियों तक पहुंच जाएगा और इसके बाद भी यह सुविधा जारी रहने की संभावना है।
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इससे टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसी भारतीय कंपनियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों ने घोषणा की है कि व्यापक आर्थिक और व्यापार साझेदारी समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू किया जाएगा।
45 से अधिक देशों में फैली भारतीय आम की मिठास, अमेरिका को 30% ज्यादा बढ़ेगा निर्यात
भारत का आम निर्यात इस सीजन में 45 से ज्यादा देशों तक फैल चुका है। खास बात है कि अमेरिका को पिछले साल के मुकाबले इस सीजन में ज्यादा आम निर्यात किए गए हैं, जबकि यह सीजन खत्म होने में अभी एक महीने बाकी हैं।
एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (एपीडा) ने कहा, मौजूदा रुझान के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े आम आयातक देश अमेरिका को होने वाला निर्यात इस सीजन में 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
एपीडा चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा, अमेरिका के प्रमुख शहरों में आम की बिक्री बढ़ाने के लिए कैंपेन शुरू किए गए हैं। इन शहरों में सिएटल, लॉस एंजिल्स, वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और अटलांटा शामिल हैं। यह कैंपेन सिर्फ अमेरिका तक ही सीमित नहीं है। इस साल चेक रिपब्लिक, स्पेन, मलयेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान समेत करीब 20 देशों में प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उम्मीद है कि इन प्रयासों से अगले एक-दो वर्षों में भारत का आम निर्यात दोगुना हो जाएगा।
भारत दुनिया के शीर्ष-10 कृषि निर्यातकों में शामिल
देव ने कहा, भारत के निर्यात बास्केट में पिछले कुछ वर्षों में काफी विविधता आई है। आम के निर्यात में यह बढ़ोतरी भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात में जबरदस्त बढ़त के बीच हुई है, जो बीते वित्त वर्ष में 53 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। इससे भारत को अमेरिका, ब्राजील, चीन और यूरोपीय संघ के देशों से मिल रही टक्कर के बावजूद दुनिया के शीर्ष-10 कृषि निर्यातकों में अपनी जगह बनाए रखने में मदद मिली है।
इस समझौते के तहत कारों और दूसरे वाहनों के आयात पर लगने वाला कर (टैरिफ) लगभग 110 फीसदी से घटकर 10 फीसदी तक हो जाएगा। साथ ही दोनों देशों के बीच तय सीमा के अनुसार ही गाड़ियों के आयात और निर्यात की अनुमति दी जाएगी, यानी एक निश्चित संख्या (कोटा) से ज्यादा गाड़ियां नहीं लाई या भेजी जा सकेंगी।
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बुधवार को जारी इंडिया-ब्रिटेन सीईटीए दस्तावेज के अनुसार, भारत को ब्रिटेन के इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन वाली यात्री कारों के बाजार में छठे वर्ष से बिना किसी शुल्क के निर्यात करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा उन कारों पर लागू होगी, जिनकी कीमत 20 हजार से 80 हजार ब्रिटिश पाउंड के बीच है। धीरे-धीरे इस योजना के तहत निर्यात का कोटा बढ़ता जाएगा और 15वें वर्ष तक यह बढ़कर 88 हजार गाड़ियों तक पहुंच जाएगा और इसके बाद भी यह सुविधा जारी रहने की संभावना है।
इससे टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसी भारतीय कंपनियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों ने घोषणा की है कि व्यापक आर्थिक और व्यापार साझेदारी समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू किया जाएगा।
45 से अधिक देशों में फैली भारतीय आम की मिठास, अमेरिका को 30% ज्यादा बढ़ेगा निर्यात
भारत का आम निर्यात इस सीजन में 45 से ज्यादा देशों तक फैल चुका है। खास बात है कि अमेरिका को पिछले साल के मुकाबले इस सीजन में ज्यादा आम निर्यात किए गए हैं, जबकि यह सीजन खत्म होने में अभी एक महीने बाकी हैं।
एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (एपीडा) ने कहा, मौजूदा रुझान के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े आम आयातक देश अमेरिका को होने वाला निर्यात इस सीजन में 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
एपीडा चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा, अमेरिका के प्रमुख शहरों में आम की बिक्री बढ़ाने के लिए कैंपेन शुरू किए गए हैं। इन शहरों में सिएटल, लॉस एंजिल्स, वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और अटलांटा शामिल हैं। यह कैंपेन सिर्फ अमेरिका तक ही सीमित नहीं है। इस साल चेक रिपब्लिक, स्पेन, मलयेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान समेत करीब 20 देशों में प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उम्मीद है कि इन प्रयासों से अगले एक-दो वर्षों में भारत का आम निर्यात दोगुना हो जाएगा।
भारत दुनिया के शीर्ष-10 कृषि निर्यातकों में शामिल
देव ने कहा, भारत के निर्यात बास्केट में पिछले कुछ वर्षों में काफी विविधता आई है। आम के निर्यात में यह बढ़ोतरी भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात में जबरदस्त बढ़त के बीच हुई है, जो बीते वित्त वर्ष में 53 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। इससे भारत को अमेरिका, ब्राजील, चीन और यूरोपीय संघ के देशों से मिल रही टक्कर के बावजूद दुनिया के शीर्ष-10 कृषि निर्यातकों में अपनी जगह बनाए रखने में मदद मिली है।