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Dairy Industry: दूध के दाम में फिर बढ़ोतरी के संकेत, डेयरी कंपनियां बढ़ा सकती हैं कीमतें; कमजोर मानसून का असर

Tue, 30 Jun 2026 06:08 AM IST
Pavan बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Tue, 30 Jun 2026 06:08 AM IST
सार

कमजोर मानसून के कारण चारे की उपलब्धता और दूध उत्पादन की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका है। बढ़ती लागत के चलते डेयरी कंपनियां दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। हालांकि, इस वर्ष डेयरी सेक्टर में आठ से 10 प्रतिशत वॉल्यूम ग्रोथ रहने का अनुमान है।

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Dairy Industry: Signs of hike in milk prices; dairy companies may raise rates; impact of a weak monsoon
कमजोर मानसून से दूध उत्पादन की रफ्तार सुस्त - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

देश के संगठित डेयरी क्षेत्र के राजस्व में चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 13 से 15 फीसदी की तेजी का अनुमान है, लेकिन यह चमक आम उपभोक्ताओं की जेब ढीली करके आएगी। क्रिसिल रेटिंग्स के देश की 37 बड़ी डेयरियों (जिनकी बाजार में 60 फीसदी हिस्सेदारी है) के विश्लेषण के मुताबिक, मांग में किसी भी तरह की कमी नहीं है, लेकिन लागत खर्च में हो रही लगातार बढ़ोतरी कंपनियों के मुनाफे को दबा रही है। अपनी परिचालन लाभप्रदता को 4 फीसदी के दायरे में बनाए रखने के लिए डेयरी कंपनियों के पास खुदरा कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
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दूध और डेयरी उत्पाद क्यों होंगे महंगे?
इस साल दूध की कीमतों में उबाल आने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी वजहें जिम्मेदार हैं: क्रिसिल रेटिंग्स के डायरेक्टर शौनक चक्रवर्ती के मुताबिक, अल नीनो की स्थिति के चलते इस साल पड़ी भीषण गर्मी और सामान्य से कम मानसून का सीधा असर मवेशियों की दूध देने की क्षमता पर पड़ा है। दूसरी वजह है मवेशियों के चारे और रखरखाव पर होने वाले खर्चों में भारी बढ़ोतरी। लागत बढ़ने के कारण किसानों से कच्चा दूध खरीदना डेयरी कंपनियों के लिए महंगा हो गया है। उधर, लगातार बढ़ती लागत और मौसम की मार (कमजोर मानसून और अल नीनो) के कारण चालू वित्त वर्ष में दूध के उत्पादन की वृद्धि दर घटकर सालाना आधार पर केवल चार फीसदी रहने का अनुमान है। यह रफ्तार पिछले पांच वर्षों (वित्त वर्ष 2020 से 2025 तक) के 5 फीसदी के वार्षिक औसत के मुकाबले काफी ज्यादा धीमी है।
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पांच से छह फीसदी तक बढ़ेंगे दाम
क्रिसिल का अनुमान है कि बढ़ती खरीद लागत के कारण आने वाले दिनों में दूध की कीमतें 4 से 5 फीसदी तक बढ़ जाएंगी। कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर एकमुश्त डालने के बजाय चरणों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी करेंगी।
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मजबूत मांग से डेयरी कंपनियों को फायदा
क्रिसिल ने कहा कि कीमतें बढ़ने के बावजूद संगठित डेयरी कंपनियों का क्रेडिट प्रोफाइल पूरी तरह स्थिर और मजबूत बना रहेगा। दूध, घी और मक्खन जैसी अनिवार्य चीजों की प्रकृति के कारण इस साल भी डेयरी सेक्टर में आठ से 10 फीसदी की वॉल्यूम ग्रोथ बनी रहेगी। साधारण दूध के मुकाबले पनीर, चीज, श्रीखंड और फ्लेवर्ड मिल्क जैसी मूल्य वर्धित श्रेणियों में कीमतों में अधिक तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, चालू वित्त वर्ष में दूध और उससे बने सभी उत्पाद श्रेणियों में औसत खुदरा कीमतें पांच से छह फीसदी तक बढ़ सकती हैं।
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