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Investment: इक्विटी म्यूचुअल फंड में रिकॉर्ड निवेश; जून में 28,973 करोड़ रुपये का प्रवाह, मिड-कैप ने मारी बाजी
Fri, 10 Jul 2026 05:24 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 10 Jul 2026 05:24 PM IST
सार
जून 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 26 फीसदी की वृद्धि के साथ 28,973 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश हुआ, जिसमें मिड-कैप फंडों ने सबसे अधिक निवेशकों को आकर्षित किया। एएमएफआई के आंकड़ों के अनुसार, खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी से लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप श्रेणियों में निवेश बढ़ा। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जून 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। खुदरा निवेशकों की लगातार भागीदारी और लार्ज, मिड व स्मॉल-कैप श्रेणियों में मजबूत खरीदारी से यह वृद्धि हुई। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी-उन्मुख योजनाओं में शुद्ध निवेश मई के 22,907.77 करोड़ रुपये से बढ़कर जून में 28,973.41 करोड़ रुपये हो गया। यह महीने-दर-महीने लगभग 26.5 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।
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वृद्धि और इक्विटी से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं ने जून में 28,973.41 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश जुटाया, जबकि मई में यह 22,907.77 करोड़ रुपये था। यह बाजार की उतार-चढ़ाव वाली स्थितियों के बावजूद खुदरा निवेशकों के निरंतर विश्वास को रेखांकित करता है। श्रेणी की प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां भी जून के अंत में 37.34 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गईं, जो एक महीने पहले 36.14 लाख करोड़ रुपये थीं। यह ताजा निवेश और मार्क-टू-मार्केट लाभ दोनों को दर्शाता है।
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किस श्रेणी में निवेशकों की सबसे अधिक रुचि रही?
विविध इक्विटी श्रेणियों में, मिड-कैप फंडों ने निवेशकों का सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया। मिड-कैप फंडों में शुद्ध निवेश मई के 4,385.06 करोड़ रुपये से बढ़कर जून में 6,090.17 करोड़ रुपये हो गया। यह लगभग 38.9 फीसदी की वृद्धि है। स्मॉल-कैप फंडों में भी निवेशकों की मजबूत मांग देखी गई। इनमें शुद्ध निवेश मई के 4,945.57 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 5,601.96 करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 13.3 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।
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क्या बड़े फंडों में भी निवेश बढ़ा?
लार्ज-कैप फंडों में भी निवेश की भावना में सुधार हुआ। इनमें शुद्ध निवेश पिछले महीने के 1,592.93 करोड़ रुपये से बढ़कर जून में 2,067.48 करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 29.8 फीसदी की वृद्धि है। यह आंकड़े बताते हैं कि व्यापक बाजार में उच्च मूल्यांकन के बावजूद, खुदरा निवेशकों ने विभिन्न बाजार पूंजीकरणों में पैसा लगाना जारी रखा। मिड-कैप फंड पसंदीदा विकल्प बने रहे, लेकिन लार्ज-कैप में निवेश में वृद्धि से पता चलता है कि निवेशकों ने बाजार की अस्थिरता के बीच अपेक्षाकृत स्थिर निवेश के रास्ते भी तलाशे।
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अन्य इक्विटी श्रेणियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
जून के दौरान अन्य इक्विटी श्रेणियों में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। फ्लेक्सी-कैप फंडों ने 5,231.31 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आकर्षित किया, जो मई के 5,175.54 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक है। लार्ज और मिड-कैप फंडों को पिछले महीने के 3,278.22 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,321.32 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं, मल्टी-कैप फंडों में निवेश 2,291.01 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,070.26 करोड़ रुपये हो गया।वृद्धि और इक्विटी से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं ने जून में 28,973.41 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश जुटाया, जबकि मई में यह 22,907.77 करोड़ रुपये था। यह बाजार की उतार-चढ़ाव वाली स्थितियों के बावजूद खुदरा निवेशकों के निरंतर विश्वास को रेखांकित करता है। श्रेणी की प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां भी जून के अंत में 37.34 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गईं, जो एक महीने पहले 36.14 लाख करोड़ रुपये थीं। यह ताजा निवेश और मार्क-टू-मार्केट लाभ दोनों को दर्शाता है।