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ED: अनिल अंबानी की कंपनी में MD रहे सतीश सेठ 14 दिन की हिरासत में भेजे गए; पैसों की हेराफेरी का लगा है आरोप
एनएनआई, नई दिल्ली
Published by: Asmita Tripathi
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:10 PM IST
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सार
दिल्ली कीकोर्ट ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्व समूह प्रबंध निदेशक सतीश सेठ को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने उन पर फर्जी बिलों और हवाला चैनलों के जरिए 92 करोड़ रुपये विदेश भेजने का आरोप लगाया है।
दिल्ली कीकोर्ट ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्व समूह प्रबंध निदेशक सतीश सेठ को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने उन पर फर्जी बिलों और हवाला चैनलों के जरिए 92 करोड़ रुपये विदेश भेजने का आरोप लगाया है।
धन की हेराफेरी मामले में कोर्ट सख्त (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
दिल्ली की द्वारका स्थित एक कोर्ट ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पूर्व समूह प्रबंध निदेशक सतीश सेठ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश सुनाया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के बाद उन्हें 2 जुलाई तक हिरासत में रखा जाएगा। सेठ को गुरुवार को अवकाशकालीन न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया था। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है।
किन आरोपों का सामना कर रहे हैं सतीश सेठ?
सेठ पर फर्जी बिलों के जरिए हीरे के आयात के खिलाफ हवाला चैनलों से विदेशों में धन की हेराफेरी का आरोप है। ईडी ने आरोप लगाया कि आरआईएल दो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सड़क परियोजनाओं से सार्वजनिक धन की हेराफेरी का मुख्य लाभार्थी था।
किन राज्यों से जुड़ा है मामला?
जिन परियोजनाओं को लेकर मुकदमा चल रहा है, ये राजस्थान के जयपुर-रिंगस टोल सड़क और त्रिची-करूर टोल सड़क थीं। अदालत में ईडी की तरफ से दायर आरोप पत्र के अनुसार, आरआईएल ने 92 करोड़ रुपये विदेश भेजे। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में चश्मा और डॉक्टर के पर्चे के अनुसार दवाएं लेने की अनुमति दी। जेल अधिकारियों को नियमावली के अनुसार बिस्तर उपलब्ध कराने का निर्णय लेने को कहा गया है।
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कौन हैं सतीश सेठ?
ईडी ने कहा था कि सतीश सेठ रिलायंस अनिल अंबानी समूह (आरएएजी) की कई समूह कंपनियों के प्रमुख वाणिज्यिक और वित्तीय निर्णयों पर पूर्ण नियंत्रण रखते हुए समूह प्रबंध निदेशक के पद पर थे। सेठ लेन-देन की संरचना, धन के प्रवाह और वित्तीय एवं प्रबंधकीय निर्णयों से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में शामिल रहे हैं। सेठ 2000 से 2007 तक आरआईएल में कार्यकारी निदेशक थे और उसके बाद 2003 से 2007 तक निदेशक मंडल के कार्यकारी उपाध्यक्ष रहे और उसके बाद 2007 से नवंबर 2024 तक गैर-कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में बने रहे।
किन आरोपों का सामना कर रहे हैं सतीश सेठ?
सेठ पर फर्जी बिलों के जरिए हीरे के आयात के खिलाफ हवाला चैनलों से विदेशों में धन की हेराफेरी का आरोप है। ईडी ने आरोप लगाया कि आरआईएल दो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सड़क परियोजनाओं से सार्वजनिक धन की हेराफेरी का मुख्य लाभार्थी था।
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किन राज्यों से जुड़ा है मामला?
जिन परियोजनाओं को लेकर मुकदमा चल रहा है, ये राजस्थान के जयपुर-रिंगस टोल सड़क और त्रिची-करूर टोल सड़क थीं। अदालत में ईडी की तरफ से दायर आरोप पत्र के अनुसार, आरआईएल ने 92 करोड़ रुपये विदेश भेजे। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में चश्मा और डॉक्टर के पर्चे के अनुसार दवाएं लेने की अनुमति दी। जेल अधिकारियों को नियमावली के अनुसार बिस्तर उपलब्ध कराने का निर्णय लेने को कहा गया है।
कौन हैं सतीश सेठ?
ईडी ने कहा था कि सतीश सेठ रिलायंस अनिल अंबानी समूह (आरएएजी) की कई समूह कंपनियों के प्रमुख वाणिज्यिक और वित्तीय निर्णयों पर पूर्ण नियंत्रण रखते हुए समूह प्रबंध निदेशक के पद पर थे। सेठ लेन-देन की संरचना, धन के प्रवाह और वित्तीय एवं प्रबंधकीय निर्णयों से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में शामिल रहे हैं। सेठ 2000 से 2007 तक आरआईएल में कार्यकारी निदेशक थे और उसके बाद 2003 से 2007 तक निदेशक मंडल के कार्यकारी उपाध्यक्ष रहे और उसके बाद 2007 से नवंबर 2024 तक गैर-कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में बने रहे।