Nirmala Sitharaman: विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर जोर, सरकार जल्द करेगी उच्च-स्तरीय समिति का गठन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' पर एक उच्च-स्तरीय समिति के जल्द गठन की घोषणा की। यह समिति बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा कर वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करेगी।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' पर एक उच्च-स्तरीय समिति का जल्द गठन करेगी। इस समिति का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करना है।
वित्त मंत्री ने यह जानकारी पीएसबी कॉन्फ्लुएंस को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि समिति की घोषणा शीघ्र ही होने की उम्मीद है। यह समिति बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित अपने विचार और सिफारिशें सरकार को देगी। निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को अपने बजट भाषण में इस समिति का प्रस्ताव रखा था। समिति का लक्ष्य क्षेत्र को भारत की अगली वृद्धि के चरण के साथ संरेखित करना है। इसका कार्य वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण को सुरक्षित रखना भी होगा। यह कदम भारत के आर्थिक विकास के लिए बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सरकार बैंकिंग प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहती है।
समिति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
समिति का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र की गहन समीक्षा करना है। यह सुनिश्चित करेगी कि बैंकिंग प्रणाली भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो। वित्तीय स्थिरता बनाए रखना इसका एक प्रमुख कार्य होगा। साथ ही, यह समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
बजट में क्या प्रस्ताव था?
वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2026 के बजट भाषण में इस समिति का प्रस्ताव किया था। उन्होंने कहा था कि यह समिति क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करेगी। इसका लक्ष्य भारत की अगली वृद्धि के चरण के साथ बैंकिंग को जोड़ना है। वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण को सुरक्षित रखना भी इसमें शामिल है।