जीएसटी रिटर्न न भरने वाले कारोबारियों पर सरकार सख्त, नहीं जेनरेट होगा ई-वे बिल
केंद सरकार अब ऐसे कारोबारियों पर सख्ती करने जा रहा है जो कि समय पर अपना जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं। ऐसे कारोबारियों के लिए अब ई-वे बिल जारी करना मुश्किल हो जाएगा। इससे उनके व्यापार पर असर पड़ने की संभावना है।
21 जून से लागू होगा नियम
वित्त मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि नया नियम 21 जून से लागू होगा। यह नियम ऐसे कारोबारियों पर लागू होगा, जो लगातार दो बार से अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। अभी कारोबारियों को हर तिमाही में अपना रिटर्न भरना होता है।
ऐसे पड़ेगा असर
इसमें वो कारोबारी भी आएंगे जो कि जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम के तहत अपना रिटर्न दाखिल करते हैं। इससे कारोबारियों को देश भर में अपना सामान भेजने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा है कि माल भेजने वाला, माल पाने वाला, ट्रांसपोर्टर, ई-कॉमर्स ऑपरेटर या कुरियर एजेंसी को ई-वे बिल जेनरेट करने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
महीने की 20 तारीख तक फाइल करना होता है रिटर्न
गुड्स एंड सर्विस टैक्स के लागू होने के बाद से किसी महीने के लिए उसके बाद के महीने की 20 तारीख तक मासिक टैक्स रिटर्न फाइल करना होता है। हालांकि कम्पोजिशन स्कीम के तहत आने वाले कारोबारियों को किसी तिमाही के समाप्त होने के बाद के महीने की 18 तारीख को अपना तिमाही रिटर्न फाइल करना होता है।
जीएसटी नेटवर्क ने तैयार किया आईटी नेटवर्क
गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स नेटवर्क ने ऐसा आईटी सिस्टम तैयार किया है, जो निर्धारित अवधि तक टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करने वाले कारोबारियों को ई-वे बिल जेनरेट करने से बैन कर देगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे जीएसटी चोरी रोकने में मदद मिलेगी। अप्रैल-दिसंबर के दौरान 15,278 करोड़ रुपये की जीएसटी की चोरी के 3,626 मामले हुए थे।