ATF: जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने से एविएशन सेक्टर को राहत, एयरलाइंस ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
सरकार की ओर से एटीएफ की कीमतों में केवल सीमित और चरणबद्ध बढ़ोतरी के फैसले का एयरलाइंस ने स्वागत किया है, क्योंकि इससे लागत पर दबाव कम होगा और हवाई किराए स्थिर रहेंगे। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जहाजों के ईंधन की कीमतों में केवल आंशिक बढ़ोतरी की अनुमति देने के सरकार के फैसले का विमानन कंपनियों ने स्वागत किया है। एयरलाइंस का कहना है कि इस कदम से हवाई किराए में स्थिरता बनी रहेगी और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यात्रियों और कंपनियों दोनों को राहत मिलेगी।
इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने एक बयान में प्रधानमंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय का आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला एयरलाइंस के लिए स्थिरता सुनिश्चित करेगा और यात्रियों को सस्ती व सुलभ यात्रा का लाभ देने में मदद करेगा।
एयरलाइंस पर लागत का कम दबाव होगा
स्पाइसजेट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय सिंह ने भी इसे विमानन उद्योग के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में एटीएफ कीमतों में नियंत्रित बढ़ोतरी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे एयरलाइंस पर लागत का दबाव कम होगा।
सरकार ने क्या बताया?
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने भी इस फैसले को समयानुकूल बताते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण ATF कीमतों में 100% से अधिक वृद्धि की आशंका थी। ऐसे में पेट्रोलियम मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के समन्वय से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने घरेलू उड़ानों के लिए केवल 25% (करीब 15 रुपये प्रति लीटर) की चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पूरी बाजार आधारित कीमत लागू रहेगी।
1 अप्रैल 2026 से लागू नई दरों के अनुसार, दिल्ली में ATF की कीमत 96,638.14 रुपये से बढ़कर 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। कोलकाता में यह 99,587.14 रुपये से बढ़कर 1,09,450 रुपये, मुंबई में 90,451.87 रुपये से बढ़कर 98,247 रुपये और चेन्नई में 1,00,280.49 रुपये से बढ़कर 1,09,873 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है।