Biz Updates: सोने के बढ़ते दाम से गोल्ड लोन की मांग में हुई तेज बढ़ोतरी; जेटब्ल्यू ने बढ़ाए बैगेज चार्ज
दिसंबर 2025 तिमाही में गोल्ड लोन सेगमेंट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिससे क्रेडिट मार्केट इंडिकेटर (CMI) में सप्लाई साइड पर मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, यह उछाल मुख्य रूप से गोल्ड लोन की ओरिजिनेशन में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों में तेज वृद्धि के कारण आया है। तीन महीने की इस अवधि में गोल्ड लोन ओरिजिनेशन वॉल्यूम के लिहाज से 45% और वैल्यू के आधार पर 108% तक बढ़ गया। इस तेज वृद्धि के साथ गोल्ड लोन रिटेल क्रेडिट मार्केट में सबसे बड़ा सेगमेंट बनकर उभरा है।
कुल रिटेल ओरिजिनेशन में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी वॉल्यूम के आधार पर 36% और वैल्यू के आधार पर 39% तक पहुंच गई है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और मांग को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तेजी के पीछे एक अहम वजह सोने की कीमतों में तेज उछाल है। मार्च 2023 के बाद से सोने की वैल्यू लगभग दोगुनी हो चुकी है, जिससे लोन लेने वालों को ज्यादा फंडिंग मिल रही है और लेंडर्स के लिए भी यह सेगमेंट आकर्षक बना हुआ है।
जेटब्ल्यू ने बढ़ाया लगेज चार्ज
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब एविएशन सेक्टर पर साफ दिखने लगा है। अमेरिकी एयरलाइन जेटब्ल्यू एयरवेज ने अपने चेक्ड बैग शुल्क में 9 डॉलर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें सोमवार से लागू हो गई हैं। अब अधिकांश घरेलू इकोनॉमी यात्रियों के लिए पहला चेक्ड बैग 35 डॉलर से बढ़कर 39 डॉलर हो गया है। वहीं पीक ट्रैवल सीजन जैसे अप्रैल स्प्रिंग ब्रेक, बड़े त्योहार और गर्मियों की छुट्टियों के दौरान यह शुल्क 40 डॉलर से बढ़ाकर 49 डॉलर कर दिया गया है।
न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित अपने प्रमुख टर्मिनल से संचालन करने वाली एयरलाइन ने कहा कि वैकल्पिक सेवाओं पर शुल्क बढ़ाकर वह बेस एयरफेयर को प्रतिस्पर्धी बनाए रखना चाहती है। कंपनी के मुताबिक कि हम समझते हैं कि शुल्क बढ़ाना आदर्श नहीं है, लेकिन यह फैसला केवल जरूरत पड़ने पर ही लिया जाता है।
500 मिलियन टन कार्गो हैंडलिंग का आंकड़ा पार, अदाणी पोर्ट्स ने रचा नया रिकॉर्ड
भारत की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अदाणी बंदरगाह और विशेष आर्थिक क्षेत्र ने बुधवार को 500 मिलियन टन कार्गो हैंडलिंग का अहम मील का पत्थर पार कर लिया है। कंपनी ने इस उपलब्धि को अपनी विकास यात्रा का बड़ा चरण बताया है।
1998 में एक पोर्ट आधारित विजन से शुरू हुई APSEZ आज भारत और विदेशों में फैले 19 पोर्ट्स और टर्मिनल्स के नेटवर्क के साथ देश के व्यापार और औद्योगिक विकास की एक मजबूत कड़ी बन चुकी है। गौतम अदाणी, चेयरमैन, अडानी ग्रुप ने इस उपलब्धि पर कहा कि पोर्ट्स सिर्फ व्यापार के प्रवेश द्वार नहीं हैं, बल्कि वे देश के आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय ग्राहकों, पार्टनर्स और कंपनी के कर्मचारियों को दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति प्रतिबद्धता की भी सराहना की, जिसने APSEZ के विकास की मजबूत नींव तैयार की। कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की तेजी से हो रही प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाती है।