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होर्मुज संकट से तेल बाजार में हड़कंप: गोल्डमैन सैक्स ने 10% बढ़ाया क्रूड की कीमतों का अनुमान, इस साल राहत नहीं

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Mon, 23 Mar 2026 12:37 PM IST
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सार

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधा के चलते गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए तेल कीमतों का अनुमान करीब 10% बढ़ा दिया है। ब्रेंट 85 डॉलर और WTI 79 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। आइए विस्तार से जानते हैं। 

Hormuz crisis rattles oil market: Goldman Sachs raises crude oil price forecast, no relief this year
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock
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विस्तार

वैश्विक तेल बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए कच्चे तेल की कीमतों का अनुमान काफी बढ़ा दिया है। बैंक ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति में भारी बाधा वैश्विक क्रूड बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सप्लाई शॉक बन सकती है।

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गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, 2026 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत अब 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो पहले के 77 डॉलर के अनुमान से 10.38% ज्यादा है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का अनुमान भी बढ़ाकर 79 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया है, जो पहले 72 डॉलर था। यह जानकारी बैंक के विश्लेषक डान स्ट्रुवेन ने अपनी रिपोर्ट में दी।

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होर्मुज में भारी बाधा का असर

रिपोर्ट के अनुसार, यह संशोधित अनुमान इस आधार पर लगाया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति छह हफ्तों तक सामान्य क्षमता के केवल 5% पर रह सकती है। इसके बाद अगले एक महीने में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा जोखिम

तेल बाजार इस समय अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से प्रभावित है, जो अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और इसके खत्म होने के संकेत नहीं हैं। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है कि वह इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से खोले, नहीं तो उसके ऊर्जा ढांचे पर हमले हो सकते हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।

आपूर्ति में भारी गिरावट की आशंका

गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि पश्चिम एशिया में कच्चे तेल के उत्पादन में नुकसान मौजूदा 1.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 1.7 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। यदि आपूर्ति बहाल होने में चार हफ्ते लगते हैं, तो कुल नुकसान 800 मिलियन बैरल से अधिक हो सकता है।

वैश्विक सप्लाई पर उठे सवाल

बैंक के अनुसार, यह अभूतपूर्व संकट नीति निर्माताओं और निवेशकों को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की संरचनात्मक कमजोरियों पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर सकता है, खासकर पश्चिम एशिया पर अत्यधिक निर्भरता को लेकर। हालांकि एशिया में आपूर्ति सख्त हो रही है, लेकिन अमेरिका और यूरोप के ओईसीडी देशों में कच्चे तेल का भंडार लगातार बढ़ रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि संघर्ष से पहले वैश्विक आपूर्ति मांग से ज्यादा थी।

बाजार में कहां तक पहुंच गए भाव?

तनाव के बीच सोमवार को तेल की कीमतों में उछाल देखा गया।

  • ब्रेंट क्रूड 0.73% बढ़कर 113.01 डॉलर प्रति बैरल के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया।
  • WTI क्रूड 3.32% चढ़कर 101.50 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
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