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Global Tension: वैश्विक उथल-पुथल की स्थिति में भारत कितने दिनों तक रह सकता है सुरक्षित, जानें सरकार का दावा

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Tue, 10 Feb 2026 10:49 AM IST
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सार

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि वैश्विक स्तर पर किसी भी बड़े संकट या आपूर्ति बाधा की स्थिति में भारत के पास करीब 74 दिनों की जरूरतों के लिए पर्याप्त पेट्रोलियम भंडार मौजूद है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी।

How long can India remain safe in the face of global turmoil? Learn the government's claim
हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार

पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को राज्यसभा में अहल जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर किसी भी प्रकार की उथल-पुथल की स्थिति में भारत का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार देश की जरूरतों को लगभग 74 दिनों तक पूरा करने में सक्षम है। वह प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे।

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भारत जैसे देश के लिए व्यवहार्य और सुरक्षित तेल भंडार बेहद जरूरी

पुरी ने कहा कि तेजी से विकास कर रहे भारत जैसे देश के लिए व्यवहार्य और सुरक्षित तेल भंडार बेहद आवश्यक हैं, ताकि वैश्विक संकट की स्थिति में देश कमजोर न पड़े। उन्होंने बताया कि भारत के पश्चिमी और पूर्वी दोनों तटों पर तेलशोधन संयंत्र मौजूद हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलती है।

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भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता

  • उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) का हवाला देते हुए कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता है।
  • साथ ही, देश के पास दुनिया की चौथी सबसे बड़ी शोधन क्षमता है, जो फिलहाल करीब 26 करोड़ मीट्रिक टन प्रति वर्ष।
  •  आने वाले समय में बढ़कर 32 करोड़ मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो जाएगी।
  • इसके अलावा, भारत पेट्रोलियम उत्पादों का दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक भी है।

रणनीतिक भंडार का आदर्श रूप कितने दिनों का है?

मंत्री ने कहा कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक स्तर पर किसी भी तरह की आपूर्ति बाधा या संकट के दौरान देश के पास पर्याप्त तेल उपलब्ध रहे। IEA के मानकों के अनुसार, रणनीतिक भंडार आदर्श रूप से करीब 90 दिनों की जरूरतों को पूरा करने लायक होना चाहिए।

रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार क्यों है अहम?

पुरी ने बताया कि सरकार तेलशोधन संयंत्रों में मौजूद भंडार को भी कुल आकलन में शामिल करती है। अगर सभी भंडारों को एक साथ देखा जाए, तो देश के पास फिलहाल 74 दिनों के लिए पर्याप्त तेल भंडार है। उन्होंने कहा कि मंत्री के रूप में मैं 74 दिनों के भंडार के साथ सुरक्षित महसूस करता हूं, लेकिन भविष्य में इसे और बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा का एक अहम आधार है।

इसके अलावा, एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि सरकार ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) के माध्यम से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तीन स्थानों पर रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार की सुविधाएं स्थापित की हैं, जिनकी कुल क्षमता 53.3 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की है। इन भंडारों में उपलब्ध कच्चे तेल की मात्रा बाजार की परिस्थितियों के अनुसार घटती-बढ़ती रहती है।


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