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आईडीबीआई बैंक: 53,000 करोड़ रुपये का निजीकरण वित्तीय वर्ष के अंत तक होगा पूरा, विनिवेश सचिव ने और क्या बताया?

Fri, 16 Oct 2026 03:29 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 16 Oct 2026 03:29 PM IST
सार

आईडीबीआई बैंक का 53,000 करोड़ रुपये का रणनीतिक विनिवेश मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। दीपम सचिव अरुणिश चावला ने बताया कि कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बिक्री भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंजूरी पर निर्भर है।

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IDBI Bank's Rs 53,000 Crore Privatisation Deal Expected to Close by Fiscal End
आईडीबीआई बैंक पर क्या अपडेट? - फोटो : amarujala.com

विस्तार

आईडीबीआई बैंक का रणनीतिक सौदा मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना है। यह जानकारी निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) सचिव अरुणिश चावला ने दी है। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नियामक मंजूरी मिलने के बाद ही यह संभव होगा। यह देश के बैंकिंग क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा।

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सरकार ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेचने की मंजूरी दी थी। यह सौदा करीब 53,000 करोड़ रुपये (5.5 अरब डॉलर) का है। फेयरफैक्स सरकार की 30.48 फीसदी हिस्सेदारी करीब 26,620 करोड़ रुपये में खरीदेगी। वहीं, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 30.24 फीसदी हिस्सेदारी करीब 26,440 करोड़ रुपये में खरीदी जाएगी। कनाडाई अरबपति प्रेम वाट्स के नेतृत्व वाली फेयरफैक्स प्रति शेयर 81 रुपये का भुगतान करेगी। यह दो स्वतंत्र मूल्यांकन एजेंसियों द्वारा निर्धारित 75.99 रुपये के बेंचमार्क उचित मूल्य से अधिक है। यह सौदा देश के लंबे समय से लंबित बैंकिंग निजीकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

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सौदा कब तक पूरा होने की उम्मीद है?

सफल बोलीदाता अपने तकनीकी दस्तावेज आरबीआई को जमा करेगा। वह अपनी साख भी प्रस्तुत करेगा। इसमें अतिरिक्त अनुपालन और नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक विवरण शामिल होंगे। आरबीआई की ओर से सफल बोलीदाता को मंजूरी मिलने के बाद शेयर खरीद समझौता किया जाएगा। इससे मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत से पहले लेनदेन पूरा होने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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अल्पसंख्यक शेयरधारकों और कर्मचारियों का क्या होगा?

दीपम सचिव ने आश्वासन देते हुए कहा है कि अल्पसंख्यक और खुदरा शेयरधारकों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी। शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर के बाद रणनीतिक खरीदार को अल्पसंख्यक शेयरधारकों के लिए एक खुला प्रस्ताव देना होगा। यह उन्हें लागू नियमों के अनुसार अपने शेयर बेचने का अवसर प्रदान करेगा। चावला ने आईडीबीआई कर्मचारियों के डर को भी दूर किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों को पूरी तरह से संरक्षित किया जाएगा।

एलआईसी की हिस्सेदारी और सार्वजनिक फ्लोट पर क्या असर होगा?

बाजार नियामक ने एलआईसी को निर्देश दिया है। एलआईसी विनिवेश के बाद आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी 19 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करे। इस कमी से बैंक का सार्वजनिक फ्लोट अतिरिक्त चार फीसदी बढ़ जाएगा। इससे खुदरा निवेशकों और अन्य सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए अधिक शेयर उपलब्ध होंगे। चावला ने कहा कि आईडीबीआई बैंक का पुनर्गठन अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक लेनदेन है। यह सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) भी आकर्षित करेगा।

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