Energy Crisis: इंडियन ऑयल की श्रीलंकाई इकाई का आश्वासन, पड़ोसी देश की ऊर्जा सप्लाई में नई पड़ेगा खलल
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच लंका इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने श्रीलंका को भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा बनी रहेगी। यह आश्वासन ऐसे समय दिया गया है, जब श्रीलंका ने भारत से ऊर्जा आपूर्ति शृंखला बनाए रखने में सहयोग मांगा है।
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लंका इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (एलआईओसी) ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच श्रीलंका को निरंतर ईंधन आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि एलआईओसी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ द्वारा अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस. जयशंकर से ऊर्जा आपूर्ति शृंखला बनाए रखने के अनुरोध के बाद आया है।
एलआईओसी के प्रबंध निदेशक के. रघु ने शनिवार को कोलंबो में प्रबंधन छात्रों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लंका आईओसी के प्रबंध निदेशक के रूप में, मैं लोगों से केवल इतना कहना चाहता हूं कि आप सभी सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम ईंधन आपूर्ति बनाए रखेंगे और देश को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करेंगे, जो बहुत महत्वपूर्ण है।
एलआईओसी की श्रीलंका में भूमिका
- एलआईओसी श्रीलंका में एक महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रदाता है, जो पूरे देश में 200 ईंधन स्टेशनों का संचालन करता है।
- कंपनी की बाजार में 20 फीसदी हिस्सेदारी है। एलआईओसी पहली बार 2003 में 20 साल के अनुबंध के तहत श्रीलंका आया था, जिसे 2023 में नवीनीकृत किया गया है।
- कंपनी ने मध्य 2022 में देश को आर्थिक संकट का सामना करने पर भी श्रीलंकाई लोगों की सहायता की थी, जब लोगों को ईंधन स्टेशनों पर लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा था।
ऊर्जा सुरक्षा पर राजनयिक प्रयास
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने 6 मार्च को भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान डॉ. एस. जयशंकर के साथ इस मामले पर चर्चा की थी। हेराथ ने विश्वास व्यक्त किया था कि उनका अनुरोध द्वीप राष्ट्र की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को बनाए रखने में मदद करेगा। एलआईओसी का यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है।