India UK Ties: 'भारत और ब्रिटेन के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा सीईटीए', समझौते पर बोले प्रधानमंत्री
भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा समझौता लागू हो गया है, जिससे 99% भारतीय निर्यातों को जीरो-ड्यूटी एंट्री मिलेगी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें और जानें इसका भारतीय कारोबारियों पर असर।
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भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के आर्थिक संबंधों के लिहाज से बुधवार का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा समझौता आधिकारिक तौर पर लागू हो गए हैं। इस ऐतिहासिक कदम के तहत अब भारत से ब्रिटेन जाने वाले लगभग 99 प्रतिशत निर्यातों को जीरो-ड्यूटी (शून्य-शुल्क) के साथ बाजार पहुंच हासिल होगी, जो कुल व्यापार मूल्य का लगभग 100 प्रतिशत कवर करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों की साझेदारी में एक महत्वपूर्ण क्षण बताया है जो द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
दोनों देशों के नेतृत्व ने इस साझेदारी को लेकर क्या उम्मीदें जताई हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह साझा महत्वाकांक्षाओं को हमारे लोगों के लिए वास्तविक और ठोस अवसरों में बदलने का काम करेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि यह क्षण दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच गहरे आपसी विश्वास और व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश एवं नवाचार द्वारा संचालित एक मजबूत और भविष्योन्मुखी साझेदारी बनाने के संकल्प को प्रदर्शित करता है। पीएम ने कहा, "भारत-यूनाइटेड किंगडम साझेदारी में यह एक महत्वपूर्ण क्षण है! व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा समझौते के लागू होने से हमारे आर्थिक संबंध और भी गहरे होने वाले हैं। ये समझौते मिलकर हमारी साझा महत्वाकांक्षा को हमारे लोगों के लिए ठोस अवसरों में तब्दील करते हैं।" मोदी ने यह भी कहा कि सीईटीए किसानों, उद्यमियों और एमएसएमई को नई गति प्रदान करेगा, इसके अलावा कई जीवंत क्षेत्रों को यूके के बाजार तक मजबूत पहुंच प्राप्त होगी।
पीएम मोदी के अनुसार, सीईटीए हमारे किसानों, उद्यमियों और लघु व मध्यम उद्यमों को नई गति प्रदान करेगा। कई जीवंत क्षेत्रों को यूके के बाजार में बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। यह प्रौद्योगिकी, पेशेवर सेवाओं और नवाचार में सहयोग को भी गहरा करेगा, साथ ही कुशल भारतीय प्रतिभाओं की गतिशीलता को बढ़ावा देगा। सामाजिक सुरक्षा समझौता यूके में अस्थायी रूप से काम कर रहे भारतीय पेशेवरों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा और भारतीय उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करेगा। वहीं, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अपने ब्रिटिश समकक्ष पीटर काइल और दोनों देशों की वार्ताकार टीमों को इस परिवर्तनकारी समझौते को धरातल पर उतारने के लिए धन्यवाद दिया।
इस ऐतिहासिक समझौते से भारतीय निर्यातकों और उद्योगों को क्या फायदा मिलेगा?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यह समझौता भारत के पारंपरिक और आधुनिक दोनों क्षेत्रों के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा करेगा। इस समझौते (सीईटीए) के लागू होने से भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों को ब्रिटेन के बाजार में सीधी और मजबूत पहुंच मिलेगी:
- प्रमुख निर्यात क्षेत्र: कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, समुद्री उत्पाद, रसायन, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और विनिर्माण क्षेत्र को इससे भारी निर्यात लाभ मिलेगा।
- छोटे उद्यमियों और किसानों को सहारा: यह ऐतिहासिक समझौता देश के किसानों, उद्यमियों और विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को नया प्रोत्साहन और गति देगा।
- सेवा क्षेत्र का विस्तार: यह आईटी, वित्तीय, शिक्षा, पेशेवर और व्यावसायिक सेवाओं के लिए नए दरवाजे खोलेगा।
आईटी सेक्टर्स और पेशेवरों के लिए सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट क्यों गेमचेंजर है?
व्यापार सौदे के साथ-साथ लागू हुआ सामाजिक सुरक्षा समझौताभारतीय कार्यबल के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। इसके तहत:
- दोहरे योगदान से मुक्ति: अस्थायी असाइनमेंट पर ब्रिटेन जाने वाले भारतीय पेशेवरों को अब पांच वर्षों तक दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से पूरी तरह छूट दी जाएगी।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त: वाणिज्य मंत्री गोयल ने स्पष्ट किया कि इस छूट से विदेशी जमीन पर भारतीय कंपनियों और पेशेवरों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता काफी मजबूत होगी।
- प्रतिभाओं का सुगम आवागमन: यह समझौता देश के कुशल कार्यबल और विशेष रूप से तकनीकी विशेषज्ञों को ब्रिटेन में काम करने के लिए अधिक गतिशीलता और सुरक्षा प्रदान करेगा।
क्या है इस बड़े घटनाक्रम का निष्कर्ष?
भारत और ब्रिटेन के बीच इन दोनों समझौतों का एक साथ लागू होना वैश्विक व्यापार के परिदृश्य में भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। 99 प्रतिशत निर्यात पर शून्य-शुल्क मिलने और आईटी पेशेवरों को टैक्स में बड़ी छूट मिलने से देश में रोजगार और विदेशी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक लचीली, नवाचार-संचालित और साझा समृद्धि वाली मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार तैयार करेगा।
भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से 99 फीसदी निर्यात होगा शुल्क-मुक्त: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता देश के 99 फीसदी निर्यात के लिए शून्य-शुल्क बाजार पहुंच प्रदान करेगा। यह समझौता श्रम-गहन उद्योगों में अप्रयुक्त क्षमता को खोलेगा। उन्होंने बताया कि यह समझौता बुधवार को लागू हो गया है।
शाह ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण की कुंजी है। उन्होंने एक्स पर बताया कि इस संधि से कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स और एमएसएमई सहित भारतीय निर्यात के 99 फीसदी के लिए शून्य-शुल्क बाजार पहुंच मिलेगी। यह समझौता केंद्र की जन-समर्थक कूटनीति का प्रमाण है। शाह ने यह भी बताया कि यह संधि ब्रिटेन में भारतीय पेशेवरों को महत्वपूर्ण छूट भी देगी। व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) बुधवार को लागू हुआ।
इस समझौते पर पिछले साल जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर ने हस्ताक्षरण किए थे। इस समझौते से 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना होने की उम्मीद है। वर्तमान में यह व्यापार अनुमानित 48 अरब पाउंड है। दीर्घकाल में यह दोनों देशों के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को सालाना लगभग पांच अरब पाउंड तक बढ़ाएगा।