महाराष्ट्र बजट 2026: ₹7.69 लाख करोड़ का मेगा प्लान; दो लाख रुपये तक कर्जमाफी और 50 लाख नौकरियों पर रहेगा जोर
महाराष्ट्र बजट 2026-27 का विस्तृत विश्लेषण पढ़ें। किसानों की कर्जमाफी, 50 लाख रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और 'वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' के लक्ष्य की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें खबर।
विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्रालय की कमान संभाल रहे देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। राज्य को आगामी वर्षों में 'वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' (एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था) बनाने के विजन के साथ तैयार किए गए इस बजट में कृषि, बुनियादी ढांचे, उद्योग और हरित ऊर्जा पर भारी निवेश की रूपरेखा रखी गई है। आइए सवाल-जवाब के जरिए इस बार बार के बजट में किए गए अहम एलानों को समझते हैं।
बजट का कुल आकार क्या है और इसके मुख्य वित्तीय आंकड़े क्या कहते हैं?
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल ₹7.69 लाख करोड़ के परिव्यय का अनुमान लगाया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, राज्य की राजस्व प्राप्तियां ₹6.16 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व व्यय ₹6.56 लाख करोड़ आंका गया है। इस भारी भरकम बजट का मुख्य लक्ष्य राज्य के आर्थिक विकास को गति देना है।
किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए बजट में कौन से बड़े एलान किए गए हैं?
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए सरकार ने एक बड़ी कर्जमाफी योजना की घोषणा की है।
- जिन पात्र किसानों के फसल ऋण बकाया हैं, उन्हें ₹2 लाख तक की राहत दी जाएगी।
- वहीं, जो किसान नियमित रूप से अपना कर्ज चुका रहे हैं, उन्हें ₹50,000 का प्रोत्साहन मिलेगा।
- कृषि को आधुनिक बनाने के लिए 4 कृषि विश्वविद्यालयों में एआई (AI) इनोवेशन और ऊष्मायन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- इसके अलावा, 5 लाख हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा और 10 से 15 फसलों के लिए कृषि मूल्य शृंखला को मजबूत किया जाएगा।
रोजगार, एमएसएमई और कॉरपोरेट जगत के लिए क्या रोडमैप है?
महाराष्ट्र के लिए बजट 2026-27 में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास पर सरकार का खास फोकस है।
- बजट में 18 मेगा औद्योगिक हब बनाने और हर जिले में एमएसएमई केंद्र स्थापित करने की योजना है, जिससे 50 लाख तक नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।
- विदर्भ क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए गढ़चिरौली में एक बड़े स्टील हब का प्रस्ताव रखा गया है, जहां भारी निवेश की उम्मीद है।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए अगले पांच वर्षों में 1.25 लाख उद्यमियों को तैयार करने और 50,000 स्टार्टअप्स को समर्थन देने का लक्ष्य रखा गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और स्वास्थ्य क्षेत्र को क्या मिला?
बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर बजट काफी आक्रामक है।
- मुंबई और पुणे में प्रमुख मेट्रो रेल परियोजनाओं की घोषणा के साथ-साथ राज्य के मेट्रो नेटवर्क को 1,200 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना है।
- रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए मुंबई में 20 लाख झुग्गी-झोपड़ियों का पुनर्विकास किया जाएगा और विभिन्न आवास योजनाओं के तहत 10 लाख किफायती घर बनाए जाएंगे।
- स्वास्थ्य के क्षेत्र में, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से कैंसर, मधुमेह और हृदय रोगों के लिए ₹4,500 करोड़ का ग्रामीण रोग पहचान कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा को लेकर क्या लक्ष्य हैं?
'मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन' योजना के लिए महत्वपूर्ण फंड आवंटित किया गया है। सरकार ने वर्ष 2026-27 में 25 लाख अतिरिक्त महिला उद्यमियों को तैयार कर 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा है। पर्यावरण की दिशा में, महाराष्ट्र ने 2029 तक 50 प्रतिशत और 2035 तक 65 प्रतिशत हरित ऊर्जा हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, जिसे रूफटॉप सोलर और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के जरिए पूरा किया जाएगा। कुल मिलाकर, महाराष्ट्र का 2026-27 का बजट लोक कल्याण और पूंजीगत व्यय का एक संतुलित मिश्रण है। बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण, बड़े पैमाने पर औद्योगिक हब का निर्माण और कृषि क्षेत्र में तकनीकी एकीकरण राज्य को अपने 'वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' के लक्ष्य की ओर तेजी से ले जाने का काम करेगा।
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