मूडीज ने घटाया विकास दर का अनुमान, 6.2 फीसदी रहेगी भारत की जीडीपी
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वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंदी के बीच देश की विकास दर के अनुमान को घटा दिया है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2019 और 2020 के लिए जीडीपी अनुमान में भारी कटौती की है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2019 के लिए जीडीपी को 6.80 फीसदी से घटाकर के 6.20 फीसदी कर दिया है।
वहीं 2020 के लिए जीडीपी को 7.30 फीसदी से घटाकर के 6.7 फीसदी कर दिया है। एजेंसी ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी का माहौल है, जिससे एशियाई देशों में भी असर देखने को मिला है। इससे निवेश का वातावरण भी प्रभावित हुआ है।
भारत से दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज छिन गया है। साल 2018 में अर्थव्यवस्था सुस्त रहने की वजह से विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत अब सातवें पायदान पर पहुंच गया है।
इसलिए सातवें पायदान पर आया भारत
ब्रिटेन और फ्रांस की अर्थव्यवस्था में साल 2018 में भारत के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ दर्ज की गई है। इसके चलते ब्रिटेन और फ्रांस ने एक-एक पायदान की छलांग लगाई है। इसलिए भारत पांचवें स्थान से खिसक कर सातवें पायदान पर आया है। भारत के सातवें स्थान पर पिछड़ने के पीछे डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना सबसे बड़ी वजह है।
विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था महज 3.01 फीसदी बढ़ी है। वहीं साल 2017 में अर्थव्यवस्था में 15.23 फीसदी का इजाफा देखा गया था। साल 2018 में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 6.81 फीसदी बढ़ी, जबकि साल 2017 में इसमें महज 0.75 फीसदी का उछाल आया था।
फ्रांस की बात करें तो साल 2018 में फ्रांस की अर्थव्यवस्था 7.33 फीसदी बढ़ी है, जो कि साल 2017 में सिर्फ 4.85 फीसदी बढ़ी थी। इस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था 2017 के मुकाबले 2018 में सुस्त रही।
पहले स्थान पर अमेरिका
सूची में पहले स्थान पर अमेरिका है। दूसरे स्थान पर चीन की अर्थव्यवस्था है। जापान इस सूची में तीसरे स्थान पर है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने अगले पांच सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था को 50 खरब तक पहुंचाने की बात कही था। ऐसे में विश्व बैंक का ये ताजा आंकड़ा सरकार को परेशान कर सकता है।
भारत की जीडीपी 27 खरब
कारोबारी साल 2018 में अमेरिका की जीडीपी 205 खरब रही। चीन की जीडीपी 136 खरब रही। जापान की जीडीपी 50 खरब, ब्रिटेन और फ्रांस की जीडीपी 28 खरब और भारत की जीडीपी 27 खरब दर्ज की गई।